फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   No FIR was registered, and the matter has reached the Human Rights Commission.

Agra News: दर्ज नहीं हुई प्राथमिकी, मानवाधिकार आयोग पहुंचा मामला

Wed, 24 Dec 2025 03:16 AM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Wed, 24 Dec 2025 03:16 AM IST
विज्ञापन
No FIR was registered, and the matter has reached the Human Rights Commission.
पीड़ित किसान राजू के परिजन
आगरा। किरावली के गांव कराहरा निवासी किसान राजू शर्मा की थाना पुलिस ने बेरहमी से पिटाई की थी। पिटाई से दोनों पैरों में फ्रैक्चर हो गया। आरोप है कि एसओ ने परिवार को 10 हजार रुपये देकर मामला रफा-दफा करने की कोशिश की। एसओ सहित तीन के निलंबन और एसीपी अछनेरा रामप्रवेश गुप्ता को हटाने के बाद यह मामला अब मानवाधिकार आयोग पहुंच गया। इस मामले में दूसरे दिन भी प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई। पीड़ित परिजन का कहना है कि उन्होंने तहरीर तैयार कर ली है। अधिकारियों से मुलाकात नहीं होने से वह दे नहीं पाए हैं।
विज्ञापन

पीड़ित राजू शर्मा हरीपर्वत क्षेत्र स्थित एक अस्पताल में भर्ती हैं। उनके दोनों पैरों में फ्रैक्चर है। उनके भतीजे पंकज शर्मा ने बताया कि चाचा का हरीपर्वत पुलिस ने मंगलवार को मेडिकल कराया है। इसके लिए जिला अस्पताल से दो सदस्यीय टीम पहुंची थी। मेडिकल करने के बाद टीम चली गई। भाजपा नेता संजय शर्मा ने बताया कि मेडिकल की प्रक्रिया पूरी हो गई है। राजू के पिता राधेश्याम शर्मा के साथ तहरीर देने जाना था, लेकिन डीसीपी पश्चिमी जोन अतुल शर्मा से मुलाकात नहीं हो सकी। तहरीर में थानाध्यक्ष नीरज कुमार, उप निरीक्षक धर्मवीर सिंह, सिपाही रवि मलिक और एक अन्य सिपाही का नाम है। प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, मानवाधिकार आयोग और डीजीपी को भी डाक से शिकायत भेजेंगे। संजय शर्मा ने कहा कि यदि मुकदमा दर्ज नहीं किया गया तो कोर्ट की शरण ली जाएगी।
विज्ञापन


एसओ ने कहा, 20 लाख रुपये देंगे, बच्चों का खर्च भी उठाएंगे
कराहरा गांव निवासी किसान राधेश्याम शर्मा मृतक फौजी के पड़ोसी हैं। उनके चार बेटे गोपाल शर्मा, सत्यप्रकाश शर्मा, राजकुमार शर्मा उर्फ राजू पंडित और प्रमोद शर्मा हैं। सत्यप्रकाश और प्रमोद गांव में डेयरी चलाते हैं, जबकि राजू सब्जी की खेती करता है। परिजन के अनुसार, 19 दिसंबर को पुलिस ने पूछताछ के लिए सत्यप्रकाश को थाने बुलाया और तीन दिन तक उसे थाने में बैठाए रखा। 21 दिसंबर की शाम करीब चार बजे पुलिस ने सत्यप्रकाश को छोड़ने की बात कहकर पिता राधेश्याम से राजू को थाने लाने को कहा। आरोप है कि थाने में राजू को उल्टा लटकाकर पैर तोड़े गए। राजू के भाई प्रमोद शर्मा ने आरोप लगाया कि अगले दिन अस्पताल पहुंचे तत्कालीन थानाध्यक्ष नीरज कुमार ने पिता राधेश्याम से मामले को यहीं खत्म करने की बात कहते हुए 10 से 20 लाख रुपये देने, इलाज और बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाने का प्रस्ताव रखा।
विज्ञापन
विज्ञापन


नहीं जला घर में चूल्हा
राजू की मां ओमवती ने बताया कि पांच दिन से घर में चूल्हा नहीं जला है। पुलिस ने बेटे की जिंदगी खराब कर दी, पुलिस को किसी को इस तरह पीटने का अधिकार नहीं है। राजू से मंगलवार को किसान नेता मोहन सिंह चाहर एवं प्रधान हाकिम सिंह चाहर श्रीराम हॉस्पिटल मिलने पहुंचे। मोहन सिंह ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए और कहा कि पुलिस ने अमानवीयता दिखाई। मुख्यमंत्री ने अपराध पर अंकुश लगाने को कहा है, निर्दोष किसानों पर अत्याचार करने के लिए नहीं। उन्होंने दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज कर कठोर कार्रवाई किए जाने की मांग की और कहा कि ऐसा न करने पर आंदोलन होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed