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कोरोना की दहशतः लॉकडाउन में घर लौटे बेटे को नहीं दिया प्रवेश, बाहर गुजारी रात
Wed, 22 Apr 2020 04:27 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैनपुरी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैनपुरी
Published by: Abhishek Saxena
Updated Wed, 22 Apr 2020 04:27 PM IST
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घर के बाहर चारपाई पर बैठा अनुराग
- फोटो : अमर उजाला
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मैनपुरी में नोएडा से घर आए युवक को परिवार के लोगों ने घर में नहीं घुसने दिया। घर के बाहर पांच मीटर की दूरी पर उसकी चारपाई डाल दी गई। पूरी रात युवक घर के बाहर लेटा रहा। बुधवार की सुबह परिवार के लोग उसको अस्पताल ले गए। अस्पताल में उसको जांच के बाद घर में ही परिवार के सदस्यों से अलग रहने की सलाह देकर वापस भेज दिया।
शहर के मोहल्ला मिश्राना निवासी अनुराग उर्फ टीटू दिवाकर नोएडा में सेक्टर-16 में एक निजी कंपनी में नौकरी करता है। वह होली के बाद मैनपुरी से ड्यूटी करने नोएडा गया था। लॉकडाउन के चलते वह नोएडा में कंपनी में ही रुक गया। 18 अप्रैल को ठेकेदार ने उसको कंपनी से निकाल दिया।
वह 18 अप्रैल को नोएडा से चल दिया। नोएडा से वह ट्रक से 19 अप्रैल को आगरा तक पहुंचा। 20 अप्रैल को ट्रक से 21 अप्रैल की शाम करहल एक्सप्रेस वे तक पहुंच गया। 21 अप्रैल की रात वह पैदल ही मैनपुरी के लिए चल दिया। रात एक बजे वह घर पहुंच गया। जब उसने दरवाजा खुलवाया तो परिवार के लोगों ने उसको घर में नहीं घुसने दिया।
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शहर के मोहल्ला मिश्राना निवासी अनुराग उर्फ टीटू दिवाकर नोएडा में सेक्टर-16 में एक निजी कंपनी में नौकरी करता है। वह होली के बाद मैनपुरी से ड्यूटी करने नोएडा गया था। लॉकडाउन के चलते वह नोएडा में कंपनी में ही रुक गया। 18 अप्रैल को ठेकेदार ने उसको कंपनी से निकाल दिया।
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वह 18 अप्रैल को नोएडा से चल दिया। नोएडा से वह ट्रक से 19 अप्रैल को आगरा तक पहुंचा। 20 अप्रैल को ट्रक से 21 अप्रैल की शाम करहल एक्सप्रेस वे तक पहुंच गया। 21 अप्रैल की रात वह पैदल ही मैनपुरी के लिए चल दिया। रात एक बजे वह घर पहुंच गया। जब उसने दरवाजा खुलवाया तो परिवार के लोगों ने उसको घर में नहीं घुसने दिया।
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घर के बाहर चारपाई डालकर उसको रातभर वहीं रुकने को कहा। बुधवार की सुबह परिवार के लोग उसको अस्पताल ले गए। अस्पताल में स्वास्थ्य परीक्षण के बाद उसको घर में ही परिवार के सदस्यों से अलग रहने की सलाह देकर वापस भेज दिया गया।
इकलौते बेटे से बनाई दूरी
अनुराग अपने मां बाप का इकलौता बेटा है। जब वह नोएडा में था तो मां बाप रोजाना फोन पर उसका हालचाल पूछते थे। जब वह घर आया तो उससे दूरी बना ली। मां की जब ममता जागी तो बुधवार की सुबह उसको काफी दूर से चाय पीने को दी।
पिता श्यामाचरन के साथ मां भी अनुराग का सारा सामान लेकर जांच कराने के लिए अस्पताल पहुंच गई। डॉक्टरों द्वारा कुछ नहीं होने की बात कहने पर मां की चिंता कम हुई।
इकलौते बेटे से बनाई दूरी
अनुराग अपने मां बाप का इकलौता बेटा है। जब वह नोएडा में था तो मां बाप रोजाना फोन पर उसका हालचाल पूछते थे। जब वह घर आया तो उससे दूरी बना ली। मां की जब ममता जागी तो बुधवार की सुबह उसको काफी दूर से चाय पीने को दी।
पिता श्यामाचरन के साथ मां भी अनुराग का सारा सामान लेकर जांच कराने के लिए अस्पताल पहुंच गई। डॉक्टरों द्वारा कुछ नहीं होने की बात कहने पर मां की चिंता कम हुई।