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आगरा में जिला पंचायत सदस्यों पर डाले जा रहे डोरे, सपा का एक गुट भी हुआ सक्रिय
Sun, 30 Jun 2019 01:27 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sun, 30 Jun 2019 01:27 PM IST
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जिला पंचायत अध्यक्ष प्रबल प्रताप सिंह उर्फ राकेश बघेल
- फोटो : अमर उजाला
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आगरा में जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर एक बार फिर से उलटफेर के लिए मशक्कत शुरू हो गई है। अविश्वास प्रस्ताव स्वीकृत होने के बाद सदस्यों पर डोरे डाले जा रहे हैं। वर्तमान अध्यक्ष के सामने जहां अपने सदस्यों समर्थन बनाए रखना चुनौती है, वहीं दूसरे दावेदार इन्हें तोड़ने के लिए जोर-आजमाइश कर रहे हैं। दोनों खेमे अपने सदस्यों को गुप्त स्थान पर ले जाने की तैयारी में हैं।
जिला पंचायत के 28 सदस्यों ने अध्यक्ष प्रबल प्रताप सिंह के खिलाफ 21 जून को अविश्वास प्रस्ताव दिया था। गुरुवार को जिलाधिकारी एनजी रवि कुमार ने इन्हें स्वीकार कर लिया। 12 जुलाई को इस प्रस्ताव पर बहस होगी। अविश्वास प्रस्ताव लाने वाले सदस्यों को इस प्रस्ताव के समर्थन में बहुमत साबित करना होगा।
इसमें सबसे बड़ी चुनौती अविश्वास प्रस्ताव लाने वाले सभी 28 सदस्यों को एकजुट रखना ही होगी। इनमें से यदि तीन सदस्य भी गायब हो गए, तो अविश्वास प्रस्ताव का पूरा खेल बिगड़ जाएगा। इसलिए इन सदस्यों को शहर से कहीं दूर ले जाने की तैयारी है।
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जिला पंचायत के 28 सदस्यों ने अध्यक्ष प्रबल प्रताप सिंह के खिलाफ 21 जून को अविश्वास प्रस्ताव दिया था। गुरुवार को जिलाधिकारी एनजी रवि कुमार ने इन्हें स्वीकार कर लिया। 12 जुलाई को इस प्रस्ताव पर बहस होगी। अविश्वास प्रस्ताव लाने वाले सदस्यों को इस प्रस्ताव के समर्थन में बहुमत साबित करना होगा।
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इसमें सबसे बड़ी चुनौती अविश्वास प्रस्ताव लाने वाले सभी 28 सदस्यों को एकजुट रखना ही होगी। इनमें से यदि तीन सदस्य भी गायब हो गए, तो अविश्वास प्रस्ताव का पूरा खेल बिगड़ जाएगा। इसलिए इन सदस्यों को शहर से कहीं दूर ले जाने की तैयारी है।
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गोवा और मुंबई की करते हैं सैर
जिला पंचायत में जब भी उलटफेर का ‘खेल’ शुरू होता है, सदस्यों की बल्ले-बल्ले हो जाती है। न सिर्फ सैर-सपाटे को मिलता है, साथ ही बड़े-बड़े गिफ्ट से भी नवाजे जाते हैं। घूमने के लिए सदस्यों की पहली प्राथमिकता गोवा और मुंबई रहती है। पिछली बार भी यहीं ले जाए गए थे।
सपा का एक गुट हुआ सक्रिय
प्रबल प्रताप सिंह ने सपा की कुशल यादव का तख्ता पलट करने के बाद जिला पंचायत की कुर्सी पर कब्जा किया था। सपा के इसी गुट ने भाजपा के कुछ सदस्यों के साथ साठगांठ कर प्रबल प्रताप के खिलाफ मोर्चा खोलने की तैयारी कर ली है।
बताया जा रहा है कि अविश्वास प्रस्ताव लाने में भी इस गुट की महत्वपूर्ण भूमिका रही। भाजपा की सरकार में सपा दावेदार के लिए यह संभव नहीं है। इसलिए भाजपा के ही दूसरे दावेदार के सहारे फिर से तख्ता पलट करने की रूपरेखा तैयार की जा रही है।
सपा का एक गुट हुआ सक्रिय
प्रबल प्रताप सिंह ने सपा की कुशल यादव का तख्ता पलट करने के बाद जिला पंचायत की कुर्सी पर कब्जा किया था। सपा के इसी गुट ने भाजपा के कुछ सदस्यों के साथ साठगांठ कर प्रबल प्रताप के खिलाफ मोर्चा खोलने की तैयारी कर ली है।
बताया जा रहा है कि अविश्वास प्रस्ताव लाने में भी इस गुट की महत्वपूर्ण भूमिका रही। भाजपा की सरकार में सपा दावेदार के लिए यह संभव नहीं है। इसलिए भाजपा के ही दूसरे दावेदार के सहारे फिर से तख्ता पलट करने की रूपरेखा तैयार की जा रही है।