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बीएड फर्जीवाड़ाः सूची सार्वजनकि हुई तो चुप बैठ गए छात्र, जल्द निरस्त होगी अंकतालिका
Wed, 01 Jan 2020 01:20 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Wed, 01 Jan 2020 01:20 PM IST
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डॉ भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय
- फोटो : अमर उजाला
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डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय प्रशासन ने बीएड सत्र 2004-05 फर्जीवाड़े में विशेष अनुसंधान दल (एसआईटी) की ओर से उपलब्ध कराई सूची 28 दिसंबर को सार्वजनिक कर दी थी। 15 दिन के अंदर सूची में शामिल छात्र-छात्राओं से जवाब मांगा गया था। तीन दिन में (29 से 31 दिसंबर तक) विश्वविद्यालय को एक भी छात्र का जवाब प्राप्त नहीं हुआ है।
विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर डाली गई सूची में 4704 छात्र-छात्राओं के नाम शामिल हैं। इनको तीन श्रेणी में रखा गया है- फर्जी, टेंपर्ड और एक रोलनंबर पर एक अधिक छात्रों की सूची। विश्वविद्यालय ने सूची में शामिल छात्र-छात्राओं से ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों तरीके से जवाब मांगे गए हैं।
ऑनलाइन जवाब देने के लिए विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर लिंक दिया गया है। इस पर छात्रों को अपना रोलनंबर डालना होगा। इसके बाद फार्मेट खुल जाएगा, इस पर कुल 22 बिंदुओं पर सूचना उपलब्ध करानी है। ऑफलाइन दिए जाने वाले प्रत्यावेदन को संबंधित कॉलेज से अग्रसारित कराना है।
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विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर डाली गई सूची में 4704 छात्र-छात्राओं के नाम शामिल हैं। इनको तीन श्रेणी में रखा गया है- फर्जी, टेंपर्ड और एक रोलनंबर पर एक अधिक छात्रों की सूची। विश्वविद्यालय ने सूची में शामिल छात्र-छात्राओं से ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों तरीके से जवाब मांगे गए हैं।
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ऑनलाइन जवाब देने के लिए विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर लिंक दिया गया है। इस पर छात्रों को अपना रोलनंबर डालना होगा। इसके बाद फार्मेट खुल जाएगा, इस पर कुल 22 बिंदुओं पर सूचना उपलब्ध करानी है। ऑफलाइन दिए जाने वाले प्रत्यावेदन को संबंधित कॉलेज से अग्रसारित कराना है।
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विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से सूचना जारी की गई है कि जवाब न देने पर एक पक्षीय कार्रवाई करते हुए अंकतालिका को निरस्त कर दिया जाएगा। सूचना निर्धारित अवधि में ही देनी है। विश्वविद्यालय के पीआरओ डॉ. गिरजाशंकर शर्मा के मुताबिक अभी किसी छात्र का प्रत्यावेदन ऑनलाइन नहीं प्राप्त हुआ है।