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UP: घर खरीदारों से धोखाधड़ी में बिल्डरों के खिलाफ व्यवस्था बौनी, प्रशासन से शिकायत पर नहीं होती कार्रवाई
Wed, 10 Jul 2024 04:32 PM IST
भूपेन्द्र सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
Published by: भूपेन्द्र सिंह
Updated Wed, 10 Jul 2024 04:32 PM IST
सार
घर खरीदारों से धोखाधड़ी में बिल्डरों के खिलाफ व्यवस्था बौनी दिखाई पड़ रही है। प्रशासन से शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं होती।
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कोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
उत्तर प्रदेश के आगरा में घर खरीदने वालों को बिल्डर धोखा दे रहे हैं। एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने यह बात कही। इधर, शहर में 500 से अधिक खरीदार 15 से अधिक बिल्डरों के चंगुल में फंसकर मेहनत की गाढ़ी कमाई गवां चुके हैं। धोखाधड़ी करने वाले बिल्डरों के खिलाफ व्यवस्था भी बौनी नजर आती है।
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रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (रेरा) में शिकायत के बाद भी घर खरीदारों की रकम नहीं लौट पाई। रेरा के आदेश पर 100 से अधिक रिकवरी सर्टिफिकेट (आरसी) बिल्डरों के खिलाफ जारी हैं। तीन-तीन साल बाद भी आरसी की वसूली नहीं हो सकी। बिल्डरों की कुर्क संपत्तियां नीलाम नहीं होने के कारण घर खरीदारों की रकम नहीं लौटी।
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दूसरी तरफ बिल्डरों की मनमानी के खिलाफ शिकायत पर पुलिस, प्रशासन और प्राधिकरण कार्रवाई नहीं करते। घर व भूखंड के समय बिल्डरों के लोक लुभावन वादे महज हवा-हवाई बातें बनकर रह जाते हैं। बिल्डरों के खिलाफ शिकायतों पर प्रशासन और प्राधिकरण का रवैया लचर रहता है।
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धोखाधड़ी के मामलों में शहर में 15 से अधिक बिल्डरों के खिलाफ मुकदमे दर्ज हैं, लेकिन इक्का-दुक्का को छोड़कर बाकी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी। वहीं, 19 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका पर दोबारा सुनवाई होगी।