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निर्भय गुर्जर गैंग का शातिर गिरफ्तार: नाम से लेकर पहचान तक...सबकुछ बदला, 23 साल बाद पुलिस ने दबोचा टाइगर
Mon, 29 Sep 2025 12:57 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Mon, 29 Sep 2025 12:57 PM IST
सार
उत्तर प्रदेश के आगरा की पुलिस ने 23 साल बाद निर्भय गुर्जर गैंग के शातिर टाइगर उर्फ बबलू को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस उसे पकड़ न सके, इसलिए वो अपने नाम बदलता रहा। हर छह महीने में ठिकाना भी बदला।
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पुलिस गिरफ्त में टाइगर
- फोटो : संवाद
विस्तार
अपहरण और फिरौती मांगने के मामले 23 वर्ष से फरार रहे 50 हजार के इनामी निर्भय गुर्जर गैंग के एक बदमाश को डौकी पुलिस ने तमंचा, कारतूस सहित गिरफ्तार किया है। आरोपी कई राज्य व जिले में पहचान छिपाकर रह रहा था। वह भाई की पत्नी व बच्चों के पास अक्सर बांदा भी जाया करता था। अपहरण करके निर्भय गुर्जर को सौंपने के बाद फिरौती वसूलता था।
पुलिस उपायुक्त पूर्वी सैयद अली अब्बास ने बताया कि वर्ष 2002 में थाना पिढौरा के ग्राम राटोटी निवासी हरिओम उर्फ कल्ला (18) पुत्र मायाराम का अपरहण किया गया था। अपहरणकर्ताओं ने 11.51 लाख रुपये की फिरौती वसूली थी। इस मामले आरोपी बबलू उर्फ टाइगर उर्फ जितेंद्र निवासी सैंथा थाना गजनेर, कानपुर देहात हाल निवासी जसपुर थाना जसपुर जिला बांदा फरार चल रहा था।
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पुलिस उपायुक्त पूर्वी सैयद अली अब्बास ने बताया कि वर्ष 2002 में थाना पिढौरा के ग्राम राटोटी निवासी हरिओम उर्फ कल्ला (18) पुत्र मायाराम का अपरहण किया गया था। अपहरणकर्ताओं ने 11.51 लाख रुपये की फिरौती वसूली थी। इस मामले आरोपी बबलू उर्फ टाइगर उर्फ जितेंद्र निवासी सैंथा थाना गजनेर, कानपुर देहात हाल निवासी जसपुर थाना जसपुर जिला बांदा फरार चल रहा था।
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डौकी पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर रविवार की रात करीब एक बजे नगला देवहंस के पास से उसे गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से एक तमंचा व कारतूस मिला है। आरोपी निर्भय गुर्जर गैंग का बदमाश था, जो क्षेत्र में रहकर रेकी करके अपहरण करता था। फिर उन्हें चंबल के बीहड़ में निर्भय गुर्जर गैंग को देता था। वहीं से फिरौती वसूली जाती थी।
निर्भय गुर्जर के पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने के बाद से आरोपी भूमिगत हो गया था। पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए 500 रुपये से 50 हजार रुपये तक इनाम घोषित किया गया था। पिछले 23 वर्षों से आरोपी गुजरात, पंजाब, महाराष्ट्र, कानपुर, बांदा, फिरोजाबाद, फतेहपुर आदि जगह पर अपनी पहचान छिपाकर रहता था। हर 6 माह में मोबाइल नंबर बदल देता था।
निर्भय गुर्जर के पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने के बाद से आरोपी भूमिगत हो गया था। पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए 500 रुपये से 50 हजार रुपये तक इनाम घोषित किया गया था। पिछले 23 वर्षों से आरोपी गुजरात, पंजाब, महाराष्ट्र, कानपुर, बांदा, फिरोजाबाद, फतेहपुर आदि जगह पर अपनी पहचान छिपाकर रहता था। हर 6 माह में मोबाइल नंबर बदल देता था।
डौकी पुलिस पिछले एक महीने से उसकी तलाश में कई राज्यो में दबिश दे रही थी। रविवार की रात एक बजे डौकी पुलिस ने सूचना पर नगला देवहंस के पास से आरोपी बबलू को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि इसके बड़े भाई की पत्नी व बच्चे बांदा में रहते हैं, जिसके भरण पोषण की जिम्मेदारी इसकी थी। अक्सर वहां जाया करता था।
बबलू उर्फ टाइगर उर्फ जितेंद्र ने पुलिस को बताया कि वह निर्भय गुर्जर गैंग से जुड़ा था। पैसे वाले लोगों का अपहरण करने से पूर्व उनकी रेकी करता था। उनका अपहरण कर बीहड़ में निर्भय गुर्जर के पास पहुंचा देता था। फिर उनकी फिरौती वसूली जाती थी। उसमें हिस्सा मिलता था। बताया कि थाना डौकी क्षेत्र में एक दूध व्यापारी के अपहरण की रेकी करने के लिए आया था। गिरफ्तार करने वाली टीम को 25 हजार रुपये इनाम दिया गया है।
बबलू उर्फ टाइगर उर्फ जितेंद्र ने पुलिस को बताया कि वह निर्भय गुर्जर गैंग से जुड़ा था। पैसे वाले लोगों का अपहरण करने से पूर्व उनकी रेकी करता था। उनका अपहरण कर बीहड़ में निर्भय गुर्जर के पास पहुंचा देता था। फिर उनकी फिरौती वसूली जाती थी। उसमें हिस्सा मिलता था। बताया कि थाना डौकी क्षेत्र में एक दूध व्यापारी के अपहरण की रेकी करने के लिए आया था। गिरफ्तार करने वाली टीम को 25 हजार रुपये इनाम दिया गया है।