आगरा: राजस्थान से बिहार गोवंश की तस्करी करने वाले नौ तस्कर गिरफ्तार, दो फरार
पकड़े गए आरोपियों में आगरा के छह, फिरोजाबाद, मथुरा और औरैया के एक-एक तस्कर शामिल हैं। ये राजस्थान से गोवंश खरीदकर बिहार में तस्करी करते थे।
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आगरा के थाना एत्माद्दौला की पुलिस और एसओजी ने शनिवार को राजस्थान से बिहार तक गोवंश की तस्करी करने वाले गिरोह के नौ सदस्यों को गिरफ्तार किया। ये तस्कर पांच हजार रुपये में गोवंश की खरीद करते थे। बिहार में 40 हजार रुपये तक में बिक्री कर देते थे। आरोपियों में आगरा के छह, फिरोजाबाद, मथुरा और औरैया के एक-एक तस्कर शामिल हैं।
एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद ने बताया कि चार मई को सैंया की ओर से आ रहे एक ट्रक को ग्वालियर मार्ग पर अखिल भारत हिंदू महासभा के पदाधिकारियों ने रोकने का प्रयास किया था। उसमें गोवंश भरे थे। मगर, पीछा करने पर एमजी रोड होते हुए चालक सहित अन्य लोग फायरिंग करते हुए शाहदरा पर ट्रक को खड़ा करके भाग गए थे।
पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था। ट्रक पर नंबर प्लेट गलत लगी थी। 17 गोवंश मिले थे। इनमें से चार की मौत हो गई थी। सभी गोवंश को नंदीशाला बाईंपुर भेजा था। पुलिस आरोपियों की तलाश में लगी थी।
शनिवार सुबह एसओजी और थाना एत्माद्दौला पुलिस को सूचना मिली कि शाहदरा चुंगी पर गोतस्कर आने वाले हैं। इस पर पुलिस टीम पहुंच गई। इसके बाद नौ आरोपियों को पकड़ लिया। इनमें लोहामंडी निवासी इरशाद, उसके चार बेटों के अलावा फरह, फिरोजाबाद और औरैया के तस्कर हैं।
राजस्थान से पांच हजार में खरीदकर बिहार में 40 हजार में बिक्री
एसएसपी मुनिराज जी के मुताबिक, आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि शाहदरा में चार मई को रोका गया ट्रक भी इन्हीं का था। वह ट्रक को सहपऊ, राजस्थान से गोवंश लादकर बिहार के रोहतास लेकर जा रहे थे। आरोपी कई साल से गोवंश को बिहार लेकर जा रहे हैं।
वहां ग्यासू, अनवर और शमसेर नाम के युवकों के माध्यम से काटने के लिए बेचते हैं। तस्करों को राजस्थान बार्डर पर गिरधारी आसपास के भाट जाति के लोगों से गोवंश दिलवाता था। चार से पांच हजार में गोवंश को खरीदकर बिहार में 35 से 40 हजार रुपये में बेचते हैं।
एक गाड़ी पर एक लाख रुपए लेता था गिरधारी
एसपी सिटी ने बताया कि तस्कर राजस्थान के सहपऊ से एक ट्रक में 15 से 20 पशु लेकर आते हैं। एक ट्रक के लिए गिरधारी को एक लाख रुपये देते थे। वह दस हजार रुपये गाड़ी चालक को देता था। 80 हजार रुपये भाट जाति के लोगों को देता था, जिनसे गोवंश खरीदता था। दस हजार रुपये कमीशन के तौर पर अपने पास रख लेता था।
इनकी हुई गिरफ्तारी
गिरफ्तार आरोपियों में लोहामंडी के आलमगंज स्थित मोती कुंज निवासी इरशाद, उसके बेटे अफसार, अरशद उर्फ चीना, आदिल और सद्दाम, मोती कुंज का ही इमरान, मथुरा के फरह निवासी सलीम, औरैया के बाबरपुर निवासी गौरव और फिरोजाबाद के नसीरपुर निवासी वसीम हैं। आरोपियों से ट्रक, आयशर कैंटर और तमंचा बरामद किया है। अभी गिरधारी और मुन्ना फरार हैं।
गैंग में कई सक्रिय सदस्य पुलिस की पूछताछ में आरोपियों से पता चला कि गोतस्करी के खेल में मुजफ्फरनगर के सरफराज, माजिद, मुरादाबाद निवासी कामिल, लखनऊ निवासी मुल्ला वारिस, मेरठ निवासी चांद और लोहामंडी के आलमगंज के फुरकान, रिजवान, आजाद, मतीन, आफाक भी बड़े खिलाड़ी हैं। इनके बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।