यूपी: आगरा केंद्रीय जेल भेजे गए नौ और कश्मीरी बंदी, विशेष बैरक में रखा गया, सुरक्षा पहरा कड़ा
आगरा केंद्रीय जेल में शनिवार रात को नौ और कश्मीरी बंदी भेजे गए। अब केंद्रीय कारागार में इन बंदियों की संख्या 75 हो गई है। सभी बंदियों को एक ही सर्किल की विशेष बैरक में रखा गया है। जेल के बाहर सुरक्षा पहरा कड़ा कर दिया गया है।
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जम्मू कश्मीर में लोक सुरक्षा अधिनियम के तहत गिरफ्तार किए गए बंदियों को प्रदेश की अलग-अलग जेलों में शिफ्ट किया जा रहा है। इनमें से आगरा की केंद्रीय जेल भी है। 17 अक्तूबर को सबसे पहले 15 बंदी लाए गए थे। इसके बाद 23 अक्तूबर को 38 बंदी और 25 अक्तूबर को 13 बंदी लाए गए। शनिवार रात को नौ और कश्मीरी बंदियों को दाखिल किया गया।
वरिष्ठ जेल अधीक्षक वीके सिंह ने बताया कि बंदियों की आरटीपीसीआर जांच हो चुकी है। कश्मीरी बंदी एक ही सर्किल की तीन अलग बैरक में रखे गए हैं। 20 दिन में एक बंदी से ही मुलाकात करने परिजन आए थे। इसके लिए वह जम्मू-कश्मीर प्रशासन से आदेश लेकर आए थे। उनके दस्तावेजों की जांच के बाद ही प्रवेश दिया गया।
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सितंबर 2019 में भी भेजे गए थे बंदी
सितंबर 2019 में भी जम्मू कश्मीर से बंदियों को आगरा भेजा गया था। कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने के बाद वहां सक्रिय अलगाववादी लोगों को तत्कालीन सरकार ने गिरफ्तार किया था। 80 से अधिक बंदियों को भेजा गया था। इन सभी बंदियों को लोक सुरक्षा अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया था। तब भी सुरक्षा कड़ी की गई थी।
टारगेट किलिंग की घटनाओं के बाद कार्रवाई
जम्मू कश्मीर की विभिन्न जेलों में बंद कुख्यात पत्थरबाज, ओवर ग्राउंड वर्कर और आतंकियों के मददगारों को अब प्रदेश के बाहर की जेलों में शिफ्ट किया जा रहा है। जिससे घाटी की शांति में खलल डालने वाले पाकिस्तानी हैंडलरों के नेटवर्क को ध्वस्त किया जा सके। यह कार्रवाई हाल की टारगेट किलिंग की घटनाओं के मद्देनजर की गई हैं।
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