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एनएच : 2, हर कदम पर खतरे की आहट
Updated Tue, 14 Apr 2015 02:01 AM IST
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आगरा-मथुरा हाईवे यानि एनएच-2 पर हर कदम पर खतरे की आहट है। ये हादसों का हाईवे बनता जा रहा है। सिकंदरा से वाटर वर्क्स तक टूटी रेलिंग, जगह-जगह गड्ढे हादसों का प्रमुख कारण हैं। डिवाइडर से वाहन टकराने की घटना आम हो चली हैं। सर्विस रोड पर भी हर वक्त जाम की स्थिति है। अफसर हर बार बंद कमरों में ट्रैफिक प्लान बनाकर इसके असरदार होने का दावा करते हैं लेकिन जैसे ही योजना चौराहे तक पहुंचती हैं मानों ये भी ‘हादसे का शिकार’ हो जाती हैं।
वाटर वर्क्स : वाटर वर्क्स चौराहे पर ओवर ब्रिज निर्माण के कारण जाम रहता है। पुल पार करने में एक-एक घंटे तक का समय लग जाता है। मजबूरन दो पहिया वाहन चालक विपरीत दिशा में चलते हैं और कई बार ये हादसे का शिकार हो जाते हैं। चौराहे पर ट्रैफिक लाइट ठीक नहीं है। वाटर वर्क्स पर टूटी सड़क भी किसी को दिखती नहीं है। यहां गड्ढों में फंसकर पिछले दिनों ईंटों से भरा ट्रक पलट गया था। कुछ दिन पहले रोडवेज बस की चपेट में आकर बाइक सवार की मौत हो गई।
सुल्तानगंज की पुलिया: यहां जाम न लगे, इसके लिए ट्रैफिक प्लान बनाया गया। लेकिन, चौराहे पर न तो स्टॉप लाइन बनी और न ही लाइटों को ठीक किया गया। यही वजह रही कि ट्रैफिक फिर से पुराने ढर्रे पर लौट आया है।
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खंदारी : कमोबेश यही स्थिति इस चौराहे की है। ट्रैफिक सिपाही ड्यूटी तो देते हैं, लेकिन तब, जब जाम लगता है। इससे पहले तक ये व्यवस्था एक ही पुलिस कर्मी के हवाले रहती है। बाकी सिपाही पुलिस बूथ में व्यस्त रहते हैं। जाम लगने पर ही ड्यूटी की याद आती है।
सर्विस रोड : गुरुद्वारा गुरु का ताल से वाटर वर्क्स की ओर जाने वाले सर्विस रोड पर कई जगह गड्ढे हैं। सर्विस लेन की रेलिंग भी कई स्थानों पर टूटी है। ट्रांसपोर्ट नगर पर सर्विस रोड की आधा किलोमीटर लंबी रेलिंग टूटी पड़ी है। यहां सर्विस रोड से हाईवे की सड़क काफी ऊंची है। इस कारण आए दिन ट्रक पलटने की घटनाएं हो रही हैं।
जरूरी बाक्स
वनवे व्यवस्था पर नहीं ध्यान
पुल निर्माण कार्य के कारण वाटर वर्क्स पर जाम रहता है। इससे बचाने के लिए अफसरों ने कभी ध्यान नहीं दिया। रामबाग से वाटर वर्क्स जाने के लिए अंबेडकर पुल भी वैकल्पिक मार्ग के रूप में हो सकता है। अगर वाहनों को वन वे व्यवस्था के तहत नुनिहाई रोड, रामबाग, एत्माद्दौला स्मारक होते हुए अंबेडकर पुल और जीवनी मंडी से वाटर वर्क्स पहुंचाया जाए तो ट्रैफिक का लोड कम होगा। जाम से भी मुक्ति मिल जाएगी।
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वाटर वर्क्स : वाटर वर्क्स चौराहे पर ओवर ब्रिज निर्माण के कारण जाम रहता है। पुल पार करने में एक-एक घंटे तक का समय लग जाता है। मजबूरन दो पहिया वाहन चालक विपरीत दिशा में चलते हैं और कई बार ये हादसे का शिकार हो जाते हैं। चौराहे पर ट्रैफिक लाइट ठीक नहीं है। वाटर वर्क्स पर टूटी सड़क भी किसी को दिखती नहीं है। यहां गड्ढों में फंसकर पिछले दिनों ईंटों से भरा ट्रक पलट गया था। कुछ दिन पहले रोडवेज बस की चपेट में आकर बाइक सवार की मौत हो गई।
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सुल्तानगंज की पुलिया: यहां जाम न लगे, इसके लिए ट्रैफिक प्लान बनाया गया। लेकिन, चौराहे पर न तो स्टॉप लाइन बनी और न ही लाइटों को ठीक किया गया। यही वजह रही कि ट्रैफिक फिर से पुराने ढर्रे पर लौट आया है।
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खंदारी : कमोबेश यही स्थिति इस चौराहे की है। ट्रैफिक सिपाही ड्यूटी तो देते हैं, लेकिन तब, जब जाम लगता है। इससे पहले तक ये व्यवस्था एक ही पुलिस कर्मी के हवाले रहती है। बाकी सिपाही पुलिस बूथ में व्यस्त रहते हैं। जाम लगने पर ही ड्यूटी की याद आती है।
सर्विस रोड : गुरुद्वारा गुरु का ताल से वाटर वर्क्स की ओर जाने वाले सर्विस रोड पर कई जगह गड्ढे हैं। सर्विस लेन की रेलिंग भी कई स्थानों पर टूटी है। ट्रांसपोर्ट नगर पर सर्विस रोड की आधा किलोमीटर लंबी रेलिंग टूटी पड़ी है। यहां सर्विस रोड से हाईवे की सड़क काफी ऊंची है। इस कारण आए दिन ट्रक पलटने की घटनाएं हो रही हैं।
जरूरी बाक्स
वनवे व्यवस्था पर नहीं ध्यान
पुल निर्माण कार्य के कारण वाटर वर्क्स पर जाम रहता है। इससे बचाने के लिए अफसरों ने कभी ध्यान नहीं दिया। रामबाग से वाटर वर्क्स जाने के लिए अंबेडकर पुल भी वैकल्पिक मार्ग के रूप में हो सकता है। अगर वाहनों को वन वे व्यवस्था के तहत नुनिहाई रोड, रामबाग, एत्माद्दौला स्मारक होते हुए अंबेडकर पुल और जीवनी मंडी से वाटर वर्क्स पहुंचाया जाए तो ट्रैफिक का लोड कम होगा। जाम से भी मुक्ति मिल जाएगी।