{"_id":"6986da6d26c30647570ae8ee","slug":"ngt-slams-delay-in-pollution-control-seeks-action-taken-report-before-april-23-hearing-2026-02-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"UP: प्रदूषण नियंत्रण में देरी पर एनजीटी नाराज, तलब की एक्शन रिपोर्ट; 2019 में लागू होना था एयर एक्शन प्लान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP: प्रदूषण नियंत्रण में देरी पर एनजीटी नाराज, तलब की एक्शन रिपोर्ट; 2019 में लागू होना था एयर एक्शन प्लान
Sat, 07 Feb 2026 11:53 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Sat, 07 Feb 2026 11:53 AM IST
सार
बीते साल एयर एक्शन प्लान-2025 में समय सीमा को बढ़ा दिया गया। खासकर डीजल बसें हटाने की अवधि 10 साल बढ़ा दी गई, जो पूर्व योजना में 360 दिन थी।
विज्ञापन
संजय प्लेस आगरा
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
आगरा में प्रदूषण नियंत्रण के लिए वर्ष 2019 में लागू किए गए एयर एक्शन प्लान को मनमाने ढंग से बदल देने पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने नाराजगी जताई है। एनजीटी बेंच ने कहा कि पर्यावरण कार्य योजनाओं को मनमाने ढंग से शिथिल या लंबित नहीं किया जा सकता। संबंधित प्राधिकरणों को निर्धारित समय-सीमा का पालन करना अनिवार्य है। बेंच ने 23 अप्रैल को होने वाली अगली सुनवाई से एक सप्ताह पहले एक्शन टेकन रिपोर्ट मांगी है और कार्य योजना में प्रस्तावित सभी काम समय सीमा के भीतर पूरे करने के निर्देश दिए हैं।
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के चेयरमैन न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य डॉ. ए सेंथिल वेल की बेंच ने याचिका संख्या 680/2023 में सुनवाई करते आगरा में वायु प्रदूषण नियंत्रण कार्यों के क्रियान्वयन में अनावश्यक देरी पर गंभीर चिंता व्यक्त की। आवेदक सुमीत रमन ने बेंच से कहा कि वर्ष 2019 में तैयार की गई वायु प्रदूषण कार्य योजना में इलेक्ट्रिक बसों का संचालन, वाहन उत्सर्जन नियंत्रण, सड़क धूल नियंत्रण, औद्योगिक प्रदूषण नियंत्रण एवं हरित क्षेत्र विकास जैसे कार्यों के लिए अधिकांश समय सीमा 360 दिनों के भीतर निर्धारित की गई थी।
बीते साल एयर एक्शन प्लान-2025 में समय सीमा को बढ़ा दिया गया। खासकर डीजल बसें हटाने की अवधि 10 साल बढ़ा दी गई, जो पूर्व योजना में 360 दिन थी। बेंच इस मामले में 23 अप्रैल को अगली सुनवाई करेगी। उससे पहले सरकार को एयर एक्शन प्लान की प्रगति रिपोर्ट देनी होगी। याचिकाकर्ता सुमीत रमन ने कहा कि सरकार ने जो नया एक्शन प्लान सौंपा है, उसमें कोई समय सीमा तय नहीं की गई। पिछली बार जो समय सीमा बताई गई, उसे मनमाने ढंग से बदल दिया गया। यह पर्यावरण से खिलवाड़ और अपनी जिम्मेदारियों से बचना है। एनजीटी ने सुनवाई से पहले प्रगति रिपोर्ट मांगी है।
विज्ञापन
नया एक्शन प्लान ये है सौंपा
- 652 डीजल बसें हटाने के लिए 10 साल का समय लगेगा
- इनर रिंग रोड और बाईपास बनाने के लिए 2027 तक का समय
- पेरिफेरल रोड के निर्माण कार्य को 2027 में पूरा किया जाएगा
- 102 कार और 60 दोपहिया के लिए इसी साल मल्टीलेवल पार्किंग
- 33 फीसदी वनक्षेत्र एक साल नहीं बल्कि 2047 तक पूरा होगा
- हाईवे के पास 30 मीटर चौड़ा हरित क्षेत्र वर्ष 2031 तक करेंगे
- 40 से ज्यादा बिंदुओं की समय सीमा और जानकारी नहीं दी गई
विज्ञापन
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के चेयरमैन न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य डॉ. ए सेंथिल वेल की बेंच ने याचिका संख्या 680/2023 में सुनवाई करते आगरा में वायु प्रदूषण नियंत्रण कार्यों के क्रियान्वयन में अनावश्यक देरी पर गंभीर चिंता व्यक्त की। आवेदक सुमीत रमन ने बेंच से कहा कि वर्ष 2019 में तैयार की गई वायु प्रदूषण कार्य योजना में इलेक्ट्रिक बसों का संचालन, वाहन उत्सर्जन नियंत्रण, सड़क धूल नियंत्रण, औद्योगिक प्रदूषण नियंत्रण एवं हरित क्षेत्र विकास जैसे कार्यों के लिए अधिकांश समय सीमा 360 दिनों के भीतर निर्धारित की गई थी।
विज्ञापन
बीते साल एयर एक्शन प्लान-2025 में समय सीमा को बढ़ा दिया गया। खासकर डीजल बसें हटाने की अवधि 10 साल बढ़ा दी गई, जो पूर्व योजना में 360 दिन थी। बेंच इस मामले में 23 अप्रैल को अगली सुनवाई करेगी। उससे पहले सरकार को एयर एक्शन प्लान की प्रगति रिपोर्ट देनी होगी। याचिकाकर्ता सुमीत रमन ने कहा कि सरकार ने जो नया एक्शन प्लान सौंपा है, उसमें कोई समय सीमा तय नहीं की गई। पिछली बार जो समय सीमा बताई गई, उसे मनमाने ढंग से बदल दिया गया। यह पर्यावरण से खिलवाड़ और अपनी जिम्मेदारियों से बचना है। एनजीटी ने सुनवाई से पहले प्रगति रिपोर्ट मांगी है।
विज्ञापन
नया एक्शन प्लान ये है सौंपा
- 652 डीजल बसें हटाने के लिए 10 साल का समय लगेगा
- इनर रिंग रोड और बाईपास बनाने के लिए 2027 तक का समय
- पेरिफेरल रोड के निर्माण कार्य को 2027 में पूरा किया जाएगा
- 102 कार और 60 दोपहिया के लिए इसी साल मल्टीलेवल पार्किंग
- 33 फीसदी वनक्षेत्र एक साल नहीं बल्कि 2047 तक पूरा होगा
- हाईवे के पास 30 मीटर चौड़ा हरित क्षेत्र वर्ष 2031 तक करेंगे
- 40 से ज्यादा बिंदुओं की समय सीमा और जानकारी नहीं दी गई