चाय वाले के साथ दुल्हन फुर्रः विदाई के बाद जेवर-नगदी भी ले गई, दूल्हा व परिजन अस्पताल में भर्ती
विदाई के बाद ससुराल आ रही बहू ने रास्ते में नशाला पदार्थ देकर परिजनों को बेहोश कर दिया। इसके बाद नगदी और जेवर से भरा बैग लेकर फरार हो गई। जब परिजनों को होश आया तो उन्होंने आसपास मौजूद लोगों को बताया। इसके बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।
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उत्तर प्रदेश के आगरा जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक नवेली दुल्हन ने घर पहुंचने से पहले ही जेवर-नगदी लूटकर फरार हो गई। परिवार वालों की जब बेहोशी टूटी तो उन्हें लुट जाने का अहसास हुआ। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
दरअसल, राजस्थान के रहने वाले एक परिवार ने अपने बेटे की शादी उत्तर प्रदेश के चंदौली जनपद में तय की। छह फरवरी को वह लोग खुशी-खुशी बेटे की बारात लेकर पहुंचे। शादी की सभी रस्में पूरी करके सात फरवरी को बहू को विदा कराकर वापस घर के लिए निकले।
बहू को विदा कराकर ट्रेन से वापस घर लौट रहे थे
उन्होंने चंदौली जिले के पं दीन दयाल रेलवे स्टेशन से मरुधर ट्रेन पर सीट बुक की थी। वह नई बहू को विदा कराकर ट्रेन से वापस घर लौट रहे थे। माहौल पूरी तरह खुशी का था। लेकिन अचानक सारी खुशियां छिन गईं और परिवार के लोगों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
परिजन ने बताया कि वह नई बहू को विदा कराकर घर लौट रहे थे। जब गाड़ी बनारस स्टेशन पर पहुंची तो यहां एक युवक गाड़ी पर चढ़ा। वह भी बगल में बैठ गया। धीरे-धीरे उसने बातचीत शुरू की और घुल मिल गया। बातचीत करते हुए कुछ घंटे बीच गए। अब तक वह अंजान युवक परिवार के साथ घुल मिल चुका था।
बताया कि गाड़ी शाम के 6.44 बजे कानपुर सेंट्रल पहुंच गई। यहां वह युवक परिवार के सभी लोगों के लिए चाय लेकर आया। उसने दूल्हा सहित सभी लोगों को चाय पिलाई और बिल्किट खिलाया। इसके बाद सभी लोग बेहोश हो गए। परिजन का कहना है कि बहू जेवर, नगदी, कपड़ों सहित कीमती सामान से भरा बैग लेकर उसी युवक के साथ फुर्र हो गई।
परिजनों को इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया
बताया कि इटावा के भूपत स्टेशन पर जब उन लोगों को होश आया तो उन्होंने आसपास के लोगों को आपबीती बताई। रेल कर्मियों को जब इस घटनाक्रम की जानकारी हुई तो उन्होंने अधिकारियों को इसकी सूचना दी। इसके बाद आगरा मंडल की जीआरपी टीम ने सभी यात्रियों को स्टेशन पर उतारा। यहां उनके रिश्तेदारों की मदद से उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया।