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नई शिक्षा नीति छात्र-छात्राओं के बौद्धिक विकास को दगी गति
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मैनपुरी। जिले में नई शिक्षा नीति के तहत जारी एकेडमिक कैलेंडर से शिक्षण कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। शिक्षाविद् और प्रधानाचार्यों का कहना है कि नई शिक्षा नीति छात्र-छात्राओं के शैक्षिक विकास में गति लाएगी।
सचिव माध्यमिक शिक्षा परिषद ने शिक्षा सत्र 2022-23 का संचालन नई शिक्षा नीति के तहत करने के आदेश दिए हैं। नई शिक्षा नीति के तहत जारी एकेडमिक कैलेंडर के अनुसार जिले में शिक्षण कार्य कराने के आदेश जिला विद्यालय निरीक्षक मनोज कुमार वर्मा ने दिए हैं।
जानकार बताते हैं कि नई शिक्षा नीति के तहत न केवल शिक्षण कार्य में बदलाव किया गया है बल्कि परीक्षा प्रणाली में भी बदलाव किया गया है। जानकारों के अनुसार नई शिक्षा नीति छात्र-छात्राओं के बौद्धिक विकास को तेजी के साथ बढ़ाने में मदद प्रदान करेगी।
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छात्र-छात्राओं की शिक्षा में सुधार के लिए महीने की 25 तारीख को कॉलेजों में शिक्षक-अभिभावक संघ की बैठक आयोजित होगी। जिसमें विषय अध्यापक अभिभावकों को छात्र-छात्राओं की प्रगति से अवगत कराएंगे। अभिभावकों को सुझाव दिए जाएंगे और उनकी राय भी ली जाएगी। बैठक की रिपोर्ट जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय को प्रधानाचार्य द्वारा उपलब्ध कराई जाएगी।
ग्रीष्मावकाश में एक सप्ताह तक प्रत्येक कॉलेज में छात्र-छात्राओं की रुचि के अनुसार समरकैंप अथवा समर क्लास का आयोजन किया जाएगा। जिसकी गतिविधि के फोटो और कार्यक्रम की जानकारी जिला विद्यालय निरीक्षक को उपलब्ध करानी होगी।
नई शिक्षा नीति में कई बदलाव किए गए हैं। यह बदलाव छात्र हित को देखते हुए किए गए हैं। परीक्षा प्रणाली में बहुविकल्पीय प्रश्रों की संख्या बढ़ने से छात्र-छात्राओं की बौद्धिक क्षमता का विकास होगा।
मनोज कुमार वर्मा, जिला विद्यालय निरीक्षक
नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति छात्र-छात्राओं को पढ़ाई के साथ ही कला, खेलकूद, मार्शल आर्ट, बागवानी, बढ़ावा देगी जिससे बच्चों का सर्वांगीण विकास होगा। छात्र-छात्राओं को रोजगार परक शिक्षा मिलेगी तो रोजगार पाने में आसानी रहेगी।
मंजूषलता यादव, प्रधानाचार्य, जीजीआईसी करहल
नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति हमारे देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी जिससे कि देश विकसित देश की श्रेणी में शामिल किया जा सके। सभी प्रधानाचार्य नई शिक्षा नीति को प्रभावी बनाने में सहयोग प्रदान करें।
राजभान सिंह चौहान, पूर्व प्रधानाचार्य एसएस इंटर कॉलेज
नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा तक बड़ा परिवर्तन लेकर आई है। माध्यमिक स्तर पर पांच मासिक परीक्षाओं की व्यवस्था छात्र-छात्राओं को बेहतर तैयारी का अवसर प्रदान करेगी।
बालिस्टर सिंह, पूर्व प्रवक्ता शिक्षा सदन इंटर कॉलेज
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सचिव माध्यमिक शिक्षा परिषद ने शिक्षा सत्र 2022-23 का संचालन नई शिक्षा नीति के तहत करने के आदेश दिए हैं। नई शिक्षा नीति के तहत जारी एकेडमिक कैलेंडर के अनुसार जिले में शिक्षण कार्य कराने के आदेश जिला विद्यालय निरीक्षक मनोज कुमार वर्मा ने दिए हैं।
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जानकार बताते हैं कि नई शिक्षा नीति के तहत न केवल शिक्षण कार्य में बदलाव किया गया है बल्कि परीक्षा प्रणाली में भी बदलाव किया गया है। जानकारों के अनुसार नई शिक्षा नीति छात्र-छात्राओं के बौद्धिक विकास को तेजी के साथ बढ़ाने में मदद प्रदान करेगी।
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छात्र-छात्राओं की शिक्षा में सुधार के लिए महीने की 25 तारीख को कॉलेजों में शिक्षक-अभिभावक संघ की बैठक आयोजित होगी। जिसमें विषय अध्यापक अभिभावकों को छात्र-छात्राओं की प्रगति से अवगत कराएंगे। अभिभावकों को सुझाव दिए जाएंगे और उनकी राय भी ली जाएगी। बैठक की रिपोर्ट जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय को प्रधानाचार्य द्वारा उपलब्ध कराई जाएगी।
ग्रीष्मावकाश में एक सप्ताह तक प्रत्येक कॉलेज में छात्र-छात्राओं की रुचि के अनुसार समरकैंप अथवा समर क्लास का आयोजन किया जाएगा। जिसकी गतिविधि के फोटो और कार्यक्रम की जानकारी जिला विद्यालय निरीक्षक को उपलब्ध करानी होगी।
नई शिक्षा नीति में कई बदलाव किए गए हैं। यह बदलाव छात्र हित को देखते हुए किए गए हैं। परीक्षा प्रणाली में बहुविकल्पीय प्रश्रों की संख्या बढ़ने से छात्र-छात्राओं की बौद्धिक क्षमता का विकास होगा।
मनोज कुमार वर्मा, जिला विद्यालय निरीक्षक
नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति छात्र-छात्राओं को पढ़ाई के साथ ही कला, खेलकूद, मार्शल आर्ट, बागवानी, बढ़ावा देगी जिससे बच्चों का सर्वांगीण विकास होगा। छात्र-छात्राओं को रोजगार परक शिक्षा मिलेगी तो रोजगार पाने में आसानी रहेगी।
मंजूषलता यादव, प्रधानाचार्य, जीजीआईसी करहल
नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति हमारे देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी जिससे कि देश विकसित देश की श्रेणी में शामिल किया जा सके। सभी प्रधानाचार्य नई शिक्षा नीति को प्रभावी बनाने में सहयोग प्रदान करें।
राजभान सिंह चौहान, पूर्व प्रधानाचार्य एसएस इंटर कॉलेज
नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा तक बड़ा परिवर्तन लेकर आई है। माध्यमिक स्तर पर पांच मासिक परीक्षाओं की व्यवस्था छात्र-छात्राओं को बेहतर तैयारी का अवसर प्रदान करेगी।
बालिस्टर सिंह, पूर्व प्रवक्ता शिक्षा सदन इंटर कॉलेज