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Agra News: पहरा से लेकर सत्यापन और गश्त ड्यूटी में लगाए जा रहे नए आरक्षी
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आगरा। व्यावहारिक प्रशिक्षण ले रहे नए आरक्षियों को जनसंवाद बढ़ाने के साथ ही पहरा ड्यूटी, गश्त और सत्यापन जैसे कार्यों में लगाया गया है, ताकि वह जल्द ही फील्ड ड्यूटी का अनुभव ले सकें।
आगरा कमिश्नरेट पुलिस को 1800 से अधिक नए आरक्षी मिले थे। इनमें से 577 ने आगरा में ही अपना प्रशिक्षण पूरा किया था। इसके बाद इनको अलग-अलग थानों में तैनाती दी गई है। इन आरक्षियों को यह सिखाया जा रहा है कि किसी घटना पर जाने के बाद किन-किन बातों का ध्यान रखना है। अधिकारियों के दिशा-निर्देश पर कैसे अमल करना है। डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि व्यावहारिक प्रशिक्षण में नए सिपाहियों को एक वरिष्ठ कर्मचारियों के साथ लगाया जाता है। वह उन्हें अपने साथ लेकर जाते हैं। सर्वप्रथम सिपाहियों को अपने-अपने क्षेत्र में गश्त करने की ड्यूटी दी गई है। रात्रि 9 बजे से 4 बजे तक गश्त करते हैं। यह ड्यूटी शिफ्टिंग में लगाई जा रही है। हर 15 दिन में इस कार्य की एसीपी स्तर के अधिकारी मॉनिटरिंग करेंगे। 3 महीने बाद नगर, पूर्वी और पश्चिमी जोन में तैनात इन आरक्षियों की तैनाती में बदलाव कर दिया जाएगा। एक जोन से दूसरे जोन में भेज दिए जाएंगे।
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आगरा कमिश्नरेट पुलिस को 1800 से अधिक नए आरक्षी मिले थे। इनमें से 577 ने आगरा में ही अपना प्रशिक्षण पूरा किया था। इसके बाद इनको अलग-अलग थानों में तैनाती दी गई है। इन आरक्षियों को यह सिखाया जा रहा है कि किसी घटना पर जाने के बाद किन-किन बातों का ध्यान रखना है। अधिकारियों के दिशा-निर्देश पर कैसे अमल करना है। डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि व्यावहारिक प्रशिक्षण में नए सिपाहियों को एक वरिष्ठ कर्मचारियों के साथ लगाया जाता है। वह उन्हें अपने साथ लेकर जाते हैं। सर्वप्रथम सिपाहियों को अपने-अपने क्षेत्र में गश्त करने की ड्यूटी दी गई है। रात्रि 9 बजे से 4 बजे तक गश्त करते हैं। यह ड्यूटी शिफ्टिंग में लगाई जा रही है। हर 15 दिन में इस कार्य की एसीपी स्तर के अधिकारी मॉनिटरिंग करेंगे। 3 महीने बाद नगर, पूर्वी और पश्चिमी जोन में तैनात इन आरक्षियों की तैनाती में बदलाव कर दिया जाएगा। एक जोन से दूसरे जोन में भेज दिए जाएंगे।
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