कासगंज: भतीजा निकला दिव्यांग किसान का कातिल, छह साल से बदल की आग में सुलग रहा था आरोपी
कासगंज में मंगलवार रात को दिव्यांग किसान की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में मृतक के परिजनों ने प्रधान के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस की जांच की तो किसान का कातिल भतीजा निकला।
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कासगंज के गांव भैंसोरा बुजुर्ग में दिव्यांग किसान होरीलाल की मंगलवार रात गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में प्रधान से रंजिश का आरोप लगाते हुए परिजनों ने प्रधान और उसके परिजनों के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। पुलिस की विवेचना में यह नामजदगी झूठी निकली। दिव्यांग किसान की हत्या उसके सगे भतीजे ने ही की थी। हत्या अवैध संबंध के चलते की गई थी।
एसपी रोहन प्रमोद बोत्रे ने शुक्रवार को मामले का खुलासा करते हुए कि ग्रामीण होरीलाल (55) की हत्या कर शव खेत में फेंक दिया गया था। मामले के पर्दाफाश के चार टीमें लगाईं गईं थीं। नामजदगी के आधार पर ग्राम प्रधान व उसके परिजनों की भूमिका देखी गई। मोबाइल लोकेशन भी ट्रेस की गई। इसके आधार पर उनकी संलिप्तता नहीं पाई गई। जांच में नामजदगी झूठी निकली।
ताऊ ने पिता कर दी थी हत्या
उसके बाद मृतक के भतीजे रनवीर पर पुलिस टीमों को संदेह था। पुलिस ने रनवीर को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो पूरे मामले का खुलासा हुआ। रनवीर ने बताया कि उसकी मां से दिव्यांग ताऊ के बीच संबंध था। ताऊ ने 2015 में उसके पिता की हत्या कर दी थी। इससे एक दिन पहले पिता ने मां की हत्या की थी। दिव्यांग किसान ने आरोपी की पत्नी से भी अवैध संबंध बना लिए।
आरोपी ने इससे क्षुब्ध होकर ताऊ की हत्या को अंजाम दिया। आरोपी युवक ने बताया कि आलू की रखवाली के लिए दिव्यांग किसान खेत पर थे। पहले उन्हें शराब पिलाई। जब वह नशे की स्थिति में हो गए तो चाकू से गले पर वार करके हत्या कर दी। पुलिस ने भतीजे के निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त चाकू भी बरामद कर लिया। आरोपी भतीजे को जेल भेज दिया गया है।
छह साल से बदले की आग में झुलस रहा था रनवीर
दिव्यांग ताऊ की हत्या करने के आरोपी रनवीर के अनुसार वह पिछले छह साल से बदले की आग में झुलस रहा था। ताऊ के अवैध संबंध के कारण उसे अपने माता पिता को खोना पड़ा। कोतवाली निरीक्षक रमेश भारद्वाज ने बताया गया कि अवैध संबंध से कुपित होकर उसकी मां शकुंतला की हत्या पिता ने ही फावड़े से प्रहार करके कर दी थी। उसके अगले दिन ताऊ ने पिता को मार डाला था। दोनों की मौत का कारण ताऊ होरीलाल ही था।