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ब्रायोनिया एल्वा-200 दवा से कोरोना मरीज सात दिन में ठीक होने का दावा
Fri, 22 May 2020 09:16 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Fri, 22 May 2020 09:16 AM IST
सार
- ब्रायोनिया एल्वा-200 दवा से कोरोना मरीज 7 दिन में ठीक होने का दावा
- नेमीनाथ होम्योपैथी मेडिकल कॉलेज ने दवा बनाई, भारत सरकार को भेजी रिपोर्ट
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कोरोना वायरस की जांच
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
आगरा के नेमिनाथ होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज, हॉस्पिटल एवं रिसर्च सेंटर ने कोरोना वायरस की औषधि ब्रायोनिया एल्वा-200 की खोज का दावा किया है। कोरोना से संक्रमित मरीज इस दवा से पांच से सात दिन में ठीक होने की बात कही जा रही है। इसकी रिपोर्ट सेंट्रल रिसर्च काउंसिल ऑफ होम्योपैथी भारत सरकार को भेजी गई है। इंडियन मेडिकल रिसर्च सेंटर (आईसीएमआर) को भी रिपोर्ट भेजी जाएगी।
आईसीएमआर से पांच मई को शोध की अनुमति मिलने के बाद कोविड-19 के मरीजों के लिए दवा बनाने का कार्य शुरू किया गया था। तैयार हुई दवा का नाम ब्रायोनिया एल्वा-200 रखा गया है। इस दवा का पहले चरण में टूंडला स्थित एफएच मेडिकल कॉलेज में भर्ती 42 मरीजों पर परीक्षण किया गया।
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40 मरीजों पर सफल परीक्षण
इनकी उम्र दस से 65 साल की रही। इसमें दो से तीन दिन में मरीजों को जुकाम-खांसी, बुखार जैसे लक्षण समाप्त होने लगे। 40 मरीजों को सात दिन तक लगातार दवा खिलाई गई। पांच से सात दिन में इनके नमूने लेकर कोरोना वायरस की जांच कराई तो सभी की रिपोर्ट निगेटिव थी। अभी दो मरीजों की रिपोर्ट आना बाकी है।
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आईसीएमआर से पांच मई को शोध की अनुमति मिलने के बाद कोविड-19 के मरीजों के लिए दवा बनाने का कार्य शुरू किया गया था। तैयार हुई दवा का नाम ब्रायोनिया एल्वा-200 रखा गया है। इस दवा का पहले चरण में टूंडला स्थित एफएच मेडिकल कॉलेज में भर्ती 42 मरीजों पर परीक्षण किया गया।
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40 मरीजों पर सफल परीक्षण
इनकी उम्र दस से 65 साल की रही। इसमें दो से तीन दिन में मरीजों को जुकाम-खांसी, बुखार जैसे लक्षण समाप्त होने लगे। 40 मरीजों को सात दिन तक लगातार दवा खिलाई गई। पांच से सात दिन में इनके नमूने लेकर कोरोना वायरस की जांच कराई तो सभी की रिपोर्ट निगेटिव थी। अभी दो मरीजों की रिपोर्ट आना बाकी है।
नेमिनाथ होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रदीप गुप्ता ने बताया कि इस दवा से सात दिन के अंदर मरीज ठीक होकर घर जा रहे हैं। दवा का परीक्षण सफल होने पर सेंट्रल रिसर्च काउंसिल ऑफ होम्योपैथी को भेज दिया है।
यह दवा नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। दिल्ली, गुजरात, महाराष्ट्र और पश्चिमी बंगाल में कोरोना वायरस के मरीज सबसे ज्यादा पाए जा रहे हैं, वहां के प्रमुख सचिव को ईमेल भेजकर नि:शुल्क दवा उपलब्ध कराने का प्रस्ताव किया है।
200 मरीजों पर तीन महीने चलेगा शोध
प्राचार्य ने बताया कि दवा का 200 मरीजों पर परीक्षण होना है। तीन महीने तक शोध चलेगा। अभी 42 संक्रमित मरीजों पर ही इसका परीक्षण हो सका है। 200 मरीजों पर शोध पूरा होने के बाद अंतिम रिपोर्ट भारत सरकार को भेजी जाएगी।
एसएन प्राचार्य और डीएम को भी भेजा पत्र
प्राचार्य ने बताया कि दवा के बेहतर परिणाम आने के बाद इसका उपयोग करने के लिए एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य और जिलाधिकारी को भी पत्र लिखा गया है। इसमें होम्योपैथी दवा का कोविड मरीजों के इलाज में इस्तेमाल की पेशकश की गई है।
यह दवा नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। दिल्ली, गुजरात, महाराष्ट्र और पश्चिमी बंगाल में कोरोना वायरस के मरीज सबसे ज्यादा पाए जा रहे हैं, वहां के प्रमुख सचिव को ईमेल भेजकर नि:शुल्क दवा उपलब्ध कराने का प्रस्ताव किया है।
200 मरीजों पर तीन महीने चलेगा शोध
प्राचार्य ने बताया कि दवा का 200 मरीजों पर परीक्षण होना है। तीन महीने तक शोध चलेगा। अभी 42 संक्रमित मरीजों पर ही इसका परीक्षण हो सका है। 200 मरीजों पर शोध पूरा होने के बाद अंतिम रिपोर्ट भारत सरकार को भेजी जाएगी।
एसएन प्राचार्य और डीएम को भी भेजा पत्र
प्राचार्य ने बताया कि दवा के बेहतर परिणाम आने के बाद इसका उपयोग करने के लिए एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य और जिलाधिकारी को भी पत्र लिखा गया है। इसमें होम्योपैथी दवा का कोविड मरीजों के इलाज में इस्तेमाल की पेशकश की गई है।