फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Nehru wanted early elections Due to fear of public rebellion but President postponed elections for a year

UP: जनता की बगावत के डर से नेहरू चाहते थे जल्द चुनाव, पर... राष्ट्रपति ने एक साल के लिए टाल दिए थे इलेक्शन

Fri, 15 Mar 2024 12:55 PM IST
शाहरुख खान अशोक सिंह, अमर उजाला, आगरा
अशोक सिंह, अमर उजाला, आगरा Published by: शाहरुख खान Updated Fri, 15 Mar 2024 12:55 PM IST
सार

आजादी के बाद जवाहर लाल नेहरू जनता की बगावत के डर से जल्द चुनाव चाहते थे। कांग्रेस का समर्थन घटने की कांग्रेस को आंशका थी। पर...राष्ट्रपति ने एक साल के लिए चुनाव टाल दिए थे।

विज्ञापन
Nehru wanted early elections Due to fear of public rebellion but President postponed elections for a year
jawaharlal nehru - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आजादी के बाद जवाहर लाल नेहरू देश में पहला आम चुनाव जल्द कराना चाहते थे। उन्हें चुनाव में देरी से जनता के विद्रोह की आशंका थी। ब्रिटेन में दीर्घकालीन संसद के कारण वहां के लोगों ने सरकार के खिलाफ बगावत कर दी थी। 
विज्ञापन


कुछ ऐसा ही डर नेहरू के मन में भी था। इसके अलावा उन्हें कांग्रेस के समर्थन में कमी आने का भय भी सता रहा था। अमर उजाला के 25 नवंबर, 1950 के अंक में प्रकाशित समाचार के अनुसार तत्कालीन राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद ने स्वतंत्र भारत के प्रथम आम चुनाव एक साल के लिए टाल दिए थे। 
विज्ञापन


यह नेहरू की इच्छा के विरुद्ध था। प्रधानमंत्री नेहरू कुछ कारणों से जल्द चुनाव कराना चाहते थे। इसके पीछे एक कारण उनके दिमाग में ब्रिटेन के सम्राट चार्ल्स प्रथम के समय दीर्घकालीन संसद के विरुद्ध वहां के लोगों का बगावत कर देना था। 
विज्ञापन
विज्ञापन


साथ ही उन्हें यह भी डर सता रहा था कि अगर चुनाव देरी से होते हैं, तो पार्टी के समर्थन में कमी आ सकती है। नेहरू मंत्रिमंडल लाॅर्ड माउंटबेटन के निमंत्रण पर बना था। नेहरू का यह भी मानना था कि देश के विभाजन के वक्त जनता की राय नहीं ली गई थी।

नेहरू का मत था कि भारत की संविधान सभा को जनता का प्रतिनिधित्व करने का दावा करने का अधिकार नहीं है, क्योंकि इसका गठन अप्रत्यक्ष चुनाव प्रणाली से हुआ था। राज्यों की असेंबलियों ने चुनाव में भाग लिया था, जिसको कुछ सीमित अधिकार वाले मतदाताओं ने चुना था। 

 

कांग्रेस कार्य समिति का भी मत था कि पार्टी का जनाधार लगातार कम हो रहा है। पश्चिम बंगाल और आंध्र प्रदेश में विपक्ष मजबूत हो रहा है। चुनाव कराने में देरी कांग्रेस के हित में नहीं है। पर, जवाहर लाल नेहरू की शीघ्र चुनाव कराने की कोशिश कामयाब नहीं हुई।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed