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लापरवाही: चूहे कुतर गए नगर निगम के दस्तावेज, पार्षद ने जताई साजिश की आशंका

Sat, 10 Oct 2020 11:13 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: Abhishek Saxena Updated Sat, 10 Oct 2020 11:13 AM IST
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Negligence: Municipal Documents spoiled Rat Also Damaged
नगर निगम में रखे पुराने दस्तावेज - फोटो : अमर उजाला

आगरा नगर निगम के पुराने दस्तावेज चूहे कुतर गए। कुछ रिकॉर्ड इतने गल गए कि पन्ना पलटते ही कागज फट रहा है। यह 1987 से 1992 तक का जमीन के दाखिला खारिज का रिकॉर्ड है। सीलन भरे कमरे में रखे होने के कारण यह हालत हुई है।

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ऐसे में दाखिला खारिज की रिपोर्ट लगवाने वालों को परेशानी हो रही है। छत्ता जोन में ही सबसे ज्यादा पुरानी संपत्तियों का रिकॉर्ड है, जिनमें से ज्यादातर दस्तावेज गल चुके हैं।
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पीपल मंडी के पार्षद रवि माथुर ने निगम के पुराने रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि इन दस्तावेज को सहेजने की जरूरत है, अन्यथा निगम की जमीनों पर गड़बड़ियों का पता ही नहीं चल पाएगा।

दाखिला खारिज से ही पता चलती है निगम की जमीन
पार्षद रवि माथुर ने बताया कि दाखिला खारिज निगम की जमीन का दस्तावेज है। शहर में जब कोई जमीन खरीदता है, तो इसी रिकॉर्ड से मिलान करता है कि खरीदी जा रही जमीन नगर निगम की तो नहीं है। अगर कोई जमीन पर कब्जा कर ले तो इसी से पता चलता है कि कितनी जमीन पर कब्जा हुआ।

जोंस मिल मामले में नहीं मिला था रिकॉर्ड
जोंस मिल मामले में नगर निगम ने पुराने रिकॉर्ड को तलाशने का प्रयास किया लेकिन कहीं भी उन्हें रिकॉर्ड नहीं मिला। 50 साल पुराने रिकॉर्ड तो दूर की बात है, 30 साल पुराने दस्तावेज भी नगर निगम ने सहेज कर नहीं रखे हैं।

पार्षद ने साजिश की आशंका जताई
जिस तरह से नगर निगम के पुराने रिकॉर्ड को खराब होने के लिए छोड़ दिया गया है, उसमें किसी साजिश की बू आ रही है। नगर आयुक्त और मेयर तत्काल पुराने रिकॉर्ड को डिजिटल करा कर संरक्षित करें अन्यथा निगम की करोड़ों की जमीन खुर्दबुर्द हो जाएंगी। - शिरोमणि सिंह, पार्षद, घटिया आजम खां


जरूरी दस्तावेज डिजिटल रूप में संरक्षित किए जाएंगे : नगर आयुक्त
मैंने निगम के ऑफिसों में रिकॉर्ड को इसी तरह से देखा है। यह मेरे संज्ञान में है। पुराने रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं। कोशिश की जाएगी कि जरूरी दस्तावेज डिजिटल रूप में संरक्षित किए जाएं। - निखिल टीकाराम फुंडे, नगर आयुक्त


जिस तरह से नगर निगम के पुराने रिकॉर्ड को खराब होने के लिए छोड़ दिया गया है, उसमें किसी साजिश की बू आ रही है। नगर आयुक्त और मेयर तत्काल पुराने रिकॉर्ड को डिजिटल करा कर संरक्षित करें अन्यथा निगम की करोड़ों की जमीन खुर्दबुर्द हो जाएंगी। - शिरोमणि सिंह, पार्षद, घटिया आजम खां
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