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आगरा मेडिकल कॉलेजः बेड पर चादर न बिछाना पड़े इसलिए मरीज को डेढ़ घंटे तक इस हालत में छोड़ा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
Updated Tue, 01 May 2018 08:53 AM IST
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एसएन मेडिकल कालेज
- फोटो : अमर उजाला
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आगरा के एसएन मेडिकल कालेज की चिकित्सकीय सेवाएं चौपट हाल में हैं। सर्जरी विभाग में बेड के इंतजार में जला हुआ मरीज जमीन पर पड़ा रहा। तीमारदार के बार-बार कहने पर आधे घंटे के बाद बेड पर चादर बिछाई गई और तब कहीं जाकर मरीज को बेड नसीब हुआ।
कुंडौल निवासी बिजेंद्र सिंह (45) करंट की चपेट में आकर रविवार को बुरी तरह से झुलस गए थे। रात में ही इनको परिजन इमरजेंसी लेकर आए। दोपहर करीब 12 बजे इनको इमरजेंसी से वार्ड के लिए शिफ्ट कर दिया।
मरीज को लेकर नई आठ मंजिला इमारत में लेकर पहुंचे। परिजनों ने बर्न वार्ड में भर्ती कराने के लिए कहा। यहां के स्टाफ ने वार्ड बंद होने की बात कही। इसे सामान्य वार्ड में लेकर गए, लेकिन यहां बेड की व्यवस्था नहीं थी।
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कुंडौल निवासी बिजेंद्र सिंह (45) करंट की चपेट में आकर रविवार को बुरी तरह से झुलस गए थे। रात में ही इनको परिजन इमरजेंसी लेकर आए। दोपहर करीब 12 बजे इनको इमरजेंसी से वार्ड के लिए शिफ्ट कर दिया।
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मरीज को लेकर नई आठ मंजिला इमारत में लेकर पहुंचे। परिजनों ने बर्न वार्ड में भर्ती कराने के लिए कहा। यहां के स्टाफ ने वार्ड बंद होने की बात कही। इसे सामान्य वार्ड में लेकर गए, लेकिन यहां बेड की व्यवस्था नहीं थी।
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एक खाली बेड दिखा, इस पर भी चादर नहीं थे। ऐसे में मरीज को जमीन पर स्ट्रेचर रख दिया। आधे घंटे तक यहां बेड पर चादर नहीं बिछाई गई। परिजनों ने डाक्टर और स्टाफ नर्स से जल्द चादर बिछाने को कहा, इस पर उन्हें डपट दिया।
आधे घंटे के बाद ही चादर बिछी और बेड पर मरीज को तीमारदारों ने खुद ही लिटाया। प्राचार्य डा. सरोज सिंह का कहना है कि स्पेशल बर्न यूनिट बनाई जा रही है। मरीजों को अन्य वार्ड में भर्ती के लिए व्यवस्था है, क्या लापरवाही हुई जांच करवाती हूं।
नई आठ मंजिला इमारत में बने सर्जरी विभाग के बर्न वार्ड बंद पड़ा है। ऐसे में मरीजों को सामान्य वार्ड में भर्ती किया जा रहा है। इससे मरीजों में संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। चिकित्सक भी मानते हैं कि जले हुए मरीज को सामान्य वार्ड में रखने से संक्रमण होने का खतरा अधिक रहता है।
ऐसे में इन मरीजों के लिए अलग से वार्ड बनाया जाता है, लेकिन इस पर अमल नहीं किया जा रहा है। एसएन में इसके उलट ऐसे मरीजों को सामान्य वार्ड में ही भर्ती किया जा रहा है।
आधे घंटे के बाद ही चादर बिछी और बेड पर मरीज को तीमारदारों ने खुद ही लिटाया। प्राचार्य डा. सरोज सिंह का कहना है कि स्पेशल बर्न यूनिट बनाई जा रही है। मरीजों को अन्य वार्ड में भर्ती के लिए व्यवस्था है, क्या लापरवाही हुई जांच करवाती हूं।
नई आठ मंजिला इमारत में बने सर्जरी विभाग के बर्न वार्ड बंद पड़ा है। ऐसे में मरीजों को सामान्य वार्ड में भर्ती किया जा रहा है। इससे मरीजों में संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। चिकित्सक भी मानते हैं कि जले हुए मरीज को सामान्य वार्ड में रखने से संक्रमण होने का खतरा अधिक रहता है।
ऐसे में इन मरीजों के लिए अलग से वार्ड बनाया जाता है, लेकिन इस पर अमल नहीं किया जा रहा है। एसएन में इसके उलट ऐसे मरीजों को सामान्य वार्ड में ही भर्ती किया जा रहा है।