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सीएम ग्रिड योजना: धूल के गुबार से लोग परेशान, सांस रोगियों का फूल रहा दम; निर्माण में बरती जा रही लापरवाही
Sun, 28 Jun 2026 01:36 PM IST
Arun Parashar
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: Arun Parashar
Updated Sun, 28 Jun 2026 01:36 PM IST
सार
योजना के तहत हो रहे निर्माण कार्य में चेतावनी बोर्ड और बैरिकेडिंग के बिना ही खुदाई की जा रही है। मिट्टी खोदकर जहां की तहां छोड़ दी गई है, जिससे धूल उड़ रही है। 1.5 किमी हिस्से में धूल के गुबार उठ रहे हैं, जिससे दुकानदार और राहगीर बेहाल हैं।
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सीएम ग्रिड योजना के तहत निर्माण में बरती जा रही लापरवाही।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
मुख्यमंत्री के नाम पर शुरू की सड़कों के सुधार की योजना सीएम ग्रिड में सड़क निर्माण में बरती जा रही लापरवाही से धूल के गुबार से लोग परेशान हैं। शहर में 273 करोड़ रुपये खर्च करके 11.73 किमी लंबी पांच सड़कों को सीएम ग्रिड के तहत बनाया जा रहा है, लेकिन इनके निर्माण में गंभीर खामियां हैं। पांच जगहों पर खुदाई के कारण धूल के गुबार उड़ रहे हैं। इससे इन इलाकों से लोगों का निकलना मुहाल है। हरे पर्दे और पानी का छिड़काव न होने से अस्थमा रोगियों का सांस लेना मुश्किल हो गया है।
सीएम ग्रिड की सड़कों में सबसे बुरा हाल टेढ़ी बगिया से शाहदरा के बीच का है, जहां सुरक्षा मानकों के साथ धूल नियंत्रण की धज्जियां उड़ा दी गईं। क्षेत्रीय निवासी रामनरेश उपाध्याय ने बताया कि चेतावनी बोर्ड और बैरिकेडिंग के बिना ही खुदाई की जा रही है। मिट्टी खोदकर जहां की तहां छोड़ दी गई है, जिससे धूल उड़ रही है। 1.5 किमी. हिस्से में धूल के गुबार उठ रहे हैं, जिससे दुकानदार और राहगीर बेहाल हैं। यहां 1000 मिमी. व्यास के पाइप खुदाई करके डाले जा रहे हैं। सीएनजी पंप के पास सुरक्षा इंतजाम न होने से लोगों के 15 फीट गहरे गड्ढों में गिरने का खतरा है। नगर निगम के चीफ इंजीनियर अरविंद श्रीवास्तव ने बताया कि सीएम ग्रिड की सड़कों में लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए गए हैं। उल्लंघन पर हमने फर्मों पर जुर्माना भी लगाया है। धूल न उड़े, इसके लिए खासतौर पर चेतावनी दी है। दोबारा निरीक्षण कराया जाएगा।
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सीएम ग्रिड की सड़कों में सबसे बुरा हाल टेढ़ी बगिया से शाहदरा के बीच का है, जहां सुरक्षा मानकों के साथ धूल नियंत्रण की धज्जियां उड़ा दी गईं। क्षेत्रीय निवासी रामनरेश उपाध्याय ने बताया कि चेतावनी बोर्ड और बैरिकेडिंग के बिना ही खुदाई की जा रही है। मिट्टी खोदकर जहां की तहां छोड़ दी गई है, जिससे धूल उड़ रही है। 1.5 किमी. हिस्से में धूल के गुबार उठ रहे हैं, जिससे दुकानदार और राहगीर बेहाल हैं। यहां 1000 मिमी. व्यास के पाइप खुदाई करके डाले जा रहे हैं। सीएनजी पंप के पास सुरक्षा इंतजाम न होने से लोगों के 15 फीट गहरे गड्ढों में गिरने का खतरा है। नगर निगम के चीफ इंजीनियर अरविंद श्रीवास्तव ने बताया कि सीएम ग्रिड की सड़कों में लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए गए हैं। उल्लंघन पर हमने फर्मों पर जुर्माना भी लगाया है। धूल न उड़े, इसके लिए खासतौर पर चेतावनी दी है। दोबारा निरीक्षण कराया जाएगा।
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हरीपर्वत और जीआईसी मैदान रोड पर बुरा हाल
सीएम ग्रिड की सड़कों के निर्माण में बरती जा रही लापरवाही के कारण हरीपर्वत से दिल्ली गेट और जीआईसी मैदान रोड से निकलने वाले परेशान हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत दिल्ली गेट पर है, जहां रेलवे स्टेशन जाने और यहां मौजूद अस्पताल, चिकित्सकों के क्लीनिक जाने वाले मरीजों की दुश्वारियां बढ़ी हैं। चिकित्सक डाॅ. संजय चतुर्वेदी ने बताया कि पैथोलॉजी और नर्सिंग होम में तीमारदारों और मरीजों के लिए यहां से निकलना कठिन हो गया है। एक ओर का ट्रैफिक बंद होने से जाम से भी लोग जूझ रहे हैं। इससे प्रदूषण बढ़ रहा है।
इन सड़कों का किया जा रहा निर्माण
- हरीपर्वत से रवि हॉस्पिटल और दिल्ली गेट से राजामंडी मेट्रो स्टेशन
- टेढ़ी बगिया से कालिंदी विहार एनएच 19 सर्विस लेन तक
- बसई मंडी से इंद्रापुरम चौराहा तक
- इंद्रापुरम से अमर होटल तिराहे तक
- सुभाष पार्क से मारुति एस्टेट चौराहे तक
सीएम ग्रिड की सड़कों के निर्माण में बरती जा रही लापरवाही के कारण हरीपर्वत से दिल्ली गेट और जीआईसी मैदान रोड से निकलने वाले परेशान हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत दिल्ली गेट पर है, जहां रेलवे स्टेशन जाने और यहां मौजूद अस्पताल, चिकित्सकों के क्लीनिक जाने वाले मरीजों की दुश्वारियां बढ़ी हैं। चिकित्सक डाॅ. संजय चतुर्वेदी ने बताया कि पैथोलॉजी और नर्सिंग होम में तीमारदारों और मरीजों के लिए यहां से निकलना कठिन हो गया है। एक ओर का ट्रैफिक बंद होने से जाम से भी लोग जूझ रहे हैं। इससे प्रदूषण बढ़ रहा है।
इन सड़कों का किया जा रहा निर्माण
- हरीपर्वत से रवि हॉस्पिटल और दिल्ली गेट से राजामंडी मेट्रो स्टेशन
- टेढ़ी बगिया से कालिंदी विहार एनएच 19 सर्विस लेन तक
- बसई मंडी से इंद्रापुरम चौराहा तक
- इंद्रापुरम से अमर होटल तिराहे तक
- सुभाष पार्क से मारुति एस्टेट चौराहे तक