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Agra News: उद्योगों की राह आसान बनाने के लिए नए सिरे से बनेगी नीरी की गाइडलाइन
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आगरा। उद्योगों के विकास के बारे में लंबे समय से चली आ रही असमंजस की स्थिति जल्द ही समाप्त हो सकती है। शासन ने राष्ट्रीय पर्यावरणीय इंजीनियरिंग अनुसंधान संस्थान (नीरी) के माध्यम से आगरा के लिए अलग सेक्टोरियल गाइडलाइन तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
इस कदम से न केवल ताज ट्रेपेजियम जोन (टीटीजेड) में पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिलेगी, बल्कि स्थानीय उद्योगों के लिए भी स्पष्ट दिशा-निर्देश तय होने से राह आसान हो सकेगी। औद्योगिक विकास अनुभाग के संयुक्त सचिव राज कुमार ने आगरा के मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप को पत्र जारी किया है। इसमें कहा है कि मुख्यमंत्री कार्यालय के हस्तक्षेप के बाद यह निर्णय लिया गया है। दरअसल, नेशनल चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज एंड कॉमर्स के अध्यक्ष संजय गोयल ने शासन को पत्र लिखकर आगरा के उद्योगों के लिए स्पष्ट गाइडलाइन की मांग की थी। उनकी इस मांग पर संज्ञान लेते हुए शासन ने नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
नीरी की सेक्टोरियल गाइडलाइन से कई लाभ होने की उम्मीद जताई जा रही है। अलग-अलग उद्योगों के लिए प्रदूषण नियंत्रण के सटीक मापदंड तय होंगे। पर्यावरणीय मंजूरी और संचालन की प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी। स्पष्ट नियमावली होने से नए निवेश के रास्ते खुलेंगे और रोजगार सृजन होगा। मंडलायुक्त को निर्देशित किया गया है कि वह इस प्रकरण में नीरी के साथ समन्वय स्थापित कर जल्द से जल्द रिपोर्ट तैयार कराएं। इस फैसले का चैंबर और स्थानीय उद्यमियों ने स्वागत किया है।
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इस कदम से न केवल ताज ट्रेपेजियम जोन (टीटीजेड) में पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिलेगी, बल्कि स्थानीय उद्योगों के लिए भी स्पष्ट दिशा-निर्देश तय होने से राह आसान हो सकेगी। औद्योगिक विकास अनुभाग के संयुक्त सचिव राज कुमार ने आगरा के मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप को पत्र जारी किया है। इसमें कहा है कि मुख्यमंत्री कार्यालय के हस्तक्षेप के बाद यह निर्णय लिया गया है। दरअसल, नेशनल चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज एंड कॉमर्स के अध्यक्ष संजय गोयल ने शासन को पत्र लिखकर आगरा के उद्योगों के लिए स्पष्ट गाइडलाइन की मांग की थी। उनकी इस मांग पर संज्ञान लेते हुए शासन ने नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
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नीरी की सेक्टोरियल गाइडलाइन से कई लाभ होने की उम्मीद जताई जा रही है। अलग-अलग उद्योगों के लिए प्रदूषण नियंत्रण के सटीक मापदंड तय होंगे। पर्यावरणीय मंजूरी और संचालन की प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी। स्पष्ट नियमावली होने से नए निवेश के रास्ते खुलेंगे और रोजगार सृजन होगा। मंडलायुक्त को निर्देशित किया गया है कि वह इस प्रकरण में नीरी के साथ समन्वय स्थापित कर जल्द से जल्द रिपोर्ट तैयार कराएं। इस फैसले का चैंबर और स्थानीय उद्यमियों ने स्वागत किया है।
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