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नवोदय विद्यालय की घटना से दहशत में छात्र और परिजन
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08एमएनपी-08-नवोदय विद्यालय में बच्चों से मिलने जाते परिजन
- फोटो : MAINPURI
मैनपुरी। जवाहर नवोदय विद्यालय में छात्रा की कथित हत्या के चलते जहां छात्र-छात्राएं परेशान थे। तो वहीं अब जांच के चलते वे दहशत में हैं। परिजनों को भी इसकी चिंता सता रही है। रविवार को दिन भर विद्यालय में बच्चों से मिलने के लिए परिजनों का तांता लगा रहा।
छात्रा की मौत के मामले में पिछले सात दिनों से एसआईटी टीम कई-कई घंटे नवोदय में जांच कर रही है। इस दौरान छात्र-छात्राओं से भी पूछताछ की जा रही है। रोजाना होने वाली इस जांच से छात्र-छात्राएं दहशत में है। वहीं दूसरी ओर परिजनों को भी इस प्रकरण के बाद अपने बच्चों की चिंता सता रही है। इसी के चलते रविवार को बड़ी संख्या में परिजन अपने बच्चों से मिलने के लिए पहुंचे। करीब सौ से अधिक लोगों ने अपने बच्चों से मिलकर उनका हाल-चाल जाना। एक ओर जहां इस पूरे प्रकरण के बाद लोगों का नवोदय प्रशासन से विश्वास उठने लगा है तो वहीं अपने बच्चों की भी उन्हें चिंता सता रही है।
बच्चों ने भी सुनाई आपबीती
पुलिस की जांच और सवालों से परेशान बच्चे भी अपने माता-पिता को देखकर कुछ राहत में नजर आए। उन्होंने विद्यालय में हुए पूरे घटनाक्रम को अपने माता-पिता को बताया। वहीं माता-पिता अपने बच्चों को सावधानी से रहकर पढ़ाई करने और कोई भी बात होने पर जानकारी देने की बात समझाते रहे।
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जिंदगी से बढ़कर नहीं है भविष्य
कुछ परिजनों से अमर उजाला ने बात की तो उनका दर्द बाहर आया। उन्होंने कहा कि लोग अपने बच्चों को यहां भविष्य बनाने के लिए भेजते हैं। लेकिन अगर यहां आकर उनके बच्चों की जिंदगी ही खतरे में पड़ जाए तो ऐसा भविष्य किस काम का। उन्होंने कहा कि अगर सब कुछ ठीक नहीं रहा तो वे अपनी बेटी को यहां से निकाल लेंगे।
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छात्रा की मौत के मामले में पिछले सात दिनों से एसआईटी टीम कई-कई घंटे नवोदय में जांच कर रही है। इस दौरान छात्र-छात्राओं से भी पूछताछ की जा रही है। रोजाना होने वाली इस जांच से छात्र-छात्राएं दहशत में है। वहीं दूसरी ओर परिजनों को भी इस प्रकरण के बाद अपने बच्चों की चिंता सता रही है। इसी के चलते रविवार को बड़ी संख्या में परिजन अपने बच्चों से मिलने के लिए पहुंचे। करीब सौ से अधिक लोगों ने अपने बच्चों से मिलकर उनका हाल-चाल जाना। एक ओर जहां इस पूरे प्रकरण के बाद लोगों का नवोदय प्रशासन से विश्वास उठने लगा है तो वहीं अपने बच्चों की भी उन्हें चिंता सता रही है।
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बच्चों ने भी सुनाई आपबीती
पुलिस की जांच और सवालों से परेशान बच्चे भी अपने माता-पिता को देखकर कुछ राहत में नजर आए। उन्होंने विद्यालय में हुए पूरे घटनाक्रम को अपने माता-पिता को बताया। वहीं माता-पिता अपने बच्चों को सावधानी से रहकर पढ़ाई करने और कोई भी बात होने पर जानकारी देने की बात समझाते रहे।
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जिंदगी से बढ़कर नहीं है भविष्य
कुछ परिजनों से अमर उजाला ने बात की तो उनका दर्द बाहर आया। उन्होंने कहा कि लोग अपने बच्चों को यहां भविष्य बनाने के लिए भेजते हैं। लेकिन अगर यहां आकर उनके बच्चों की जिंदगी ही खतरे में पड़ जाए तो ऐसा भविष्य किस काम का। उन्होंने कहा कि अगर सब कुछ ठीक नहीं रहा तो वे अपनी बेटी को यहां से निकाल लेंगे।