{"_id":"6654043fa5fb5297500cb688","slug":"nautapa-wreaks-havoc-in-agra-dizziness-due-to-heatstroke-keep-these-things-in-mind-while-leaving-home-2024-05-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"आगरा में नौतपा का कहर: लू लगने से आया चक्कर, बीपी भी हुआ कम; घर से निकलते वक्त इन बातों का रखें ध्यान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आगरा में नौतपा का कहर: लू लगने से आया चक्कर, बीपी भी हुआ कम; घर से निकलते वक्त इन बातों का रखें ध्यान
Mon, 27 May 2024 04:00 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Mon, 27 May 2024 04:00 PM IST
सार
भीषण गर्मी ने आगरा के लोगों का हाल बेहाल कर दिया है। लू लगने से उल्टी-दस्त हो रहे हैं, तो वहीं बीपी कम होने की समस्या भी लोगों में तेजी से बढ़ रही है।
विज्ञापन
गर्मी से बचने के लिए बाइक पर मां के दुपट्टे ओढ़कर जाता बच्चा।
विस्तार
आगरा में तेज धूप और लू ने लोगाें की हालत खराब कर दी है। लू लगने से उल्टी-दस्त भी हुए। चक्कर आने, बीपी कम होने की स्थिति में रविवार को एसएन मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में 62 मरीज भर्ती हुए हैं। बीते 15-20 दिन में डायरिया और लू के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। वार्ड फुल हो गए हैं।
इमरजेंसी प्रभारी डॉ. चंद्रप्रकाश गौतम ने बताया कि इमरजेंसी में रविवार को 270 मरीज आए। इनमें से लू-डायरिया के 62 मरीज रहे। चक्कर आना, सिर में दर्द, घबराहट, बीपी कम होने की दिक्कत मिली। लगातार उल्टी-दस्त होने से बच्चों में पानी की कमी भी हो गई।
इमरजेंसी में 80 बेड हैं, इसमें बीते 15-20 दिन में 250-270 मरीज रोज भर्ती हो रहे हैं। मरीजों को भर्ती के लिए इंतजार न करना पड़े, इसके लिए 6-8 घंटे के अंतराल में मरीजों को इमरजेंसी से वार्ड में शिफ्ट किया जा रहा है। सामान्य तौर पर मरीजों को 18-24 घंटे रखा जाता है। प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि मरीज बढ़ने की दशा में इमरजेंसी में 10 और मेडिसिन, बाल रोग विभाग में 20-20 बेड बढ़ाने की व्यवस्था है।
विज्ञापन
ये करें :
- सुबह खाली पेट घर से न निकलें। पूर्वाह्न 11 से शाम 4 बजे तक बाहर जाने से बचें।
- पूरी आस्तीन के सूती कपड़े पहनें, अंगोछा से सिर-कान ढककर रखें।
- हर आधा घंटे बाद एक गिलास पानी पीएं। 5-6 लीटर पानी रोज पीएं।
- तरबूज, खरबूज, संतरा समेत रसदार फल और खीरा-ककड़ी, टमाटर खाएं।
- दस्त होने पर ओआरएस पीएं, छाछ, शिकंजी, नींबू-पानी, पना, नारियल पानी पीएं।
- राजमा, छोले-भटूरे, कचौड़ी-बेड़ई, पराठे खाने से बचें। दाल, हरी तरकारी भोजन में लें।
विज्ञापन
इमरजेंसी प्रभारी डॉ. चंद्रप्रकाश गौतम ने बताया कि इमरजेंसी में रविवार को 270 मरीज आए। इनमें से लू-डायरिया के 62 मरीज रहे। चक्कर आना, सिर में दर्द, घबराहट, बीपी कम होने की दिक्कत मिली। लगातार उल्टी-दस्त होने से बच्चों में पानी की कमी भी हो गई।
विज्ञापन
इमरजेंसी में 80 बेड हैं, इसमें बीते 15-20 दिन में 250-270 मरीज रोज भर्ती हो रहे हैं। मरीजों को भर्ती के लिए इंतजार न करना पड़े, इसके लिए 6-8 घंटे के अंतराल में मरीजों को इमरजेंसी से वार्ड में शिफ्ट किया जा रहा है। सामान्य तौर पर मरीजों को 18-24 घंटे रखा जाता है। प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि मरीज बढ़ने की दशा में इमरजेंसी में 10 और मेडिसिन, बाल रोग विभाग में 20-20 बेड बढ़ाने की व्यवस्था है।
विज्ञापन
ये करें :
- सुबह खाली पेट घर से न निकलें। पूर्वाह्न 11 से शाम 4 बजे तक बाहर जाने से बचें।
- पूरी आस्तीन के सूती कपड़े पहनें, अंगोछा से सिर-कान ढककर रखें।
- हर आधा घंटे बाद एक गिलास पानी पीएं। 5-6 लीटर पानी रोज पीएं।
- तरबूज, खरबूज, संतरा समेत रसदार फल और खीरा-ककड़ी, टमाटर खाएं।
- दस्त होने पर ओआरएस पीएं, छाछ, शिकंजी, नींबू-पानी, पना, नारियल पानी पीएं।
- राजमा, छोले-भटूरे, कचौड़ी-बेड़ई, पराठे खाने से बचें। दाल, हरी तरकारी भोजन में लें।