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राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़ा: आपके बाद भी जगमगाएगी किसी की दुनिया, 6 घंटे में दान हो सकेंगी आंखें
Tue, 25 Aug 2026 11:43 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Tue, 25 Aug 2026 11:43 AM IST
सार
आगरा में 25 अगस्त से 8 सितंबर तक 39वें राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़े के तहत जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इसका उद्देश्य नेत्रदान से जुड़ी भ्रांतियां दूर कर लोगों को मरणोपरांत नेत्रदान के लिए प्रेरित करना है। स्वास्थ्य विभाग स्कूलों और स्वास्थ्य केंद्रों में जागरूकता कार्यक्रम करेगा। मृत्यु के छह घंटे के भीतर कॉर्निया निकाला जा सकता है और यह प्रक्रिया निशुल्क होती है।
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नेत्र रोग विभाग
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
आपके जाने के बाद भी आपकी आंखें इस खूबसूरत दुनिया को देख सकती हैं, इसी प्रेरणादायक संदेश के साथ जिले में 39वें राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़े का आगाज मंगलवार (25 अगस्त) से होने जा रहा है। आगामी 8 सितंबर तक चलने वाले इस पखवाड़े का मुख्य उद्देश्य आम जनता के मन से नेत्रदान से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करना और अधिक से अधिक लोगों को मरणोपरांत नेत्रदान के लिए प्रेरित करना है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) के अनुसार, देश में कॉर्निया की बीमारी के कारण लाखों लोग दृष्टिहीनता का शिकार हैं। इनमें बच्चों और युवाओं की संख्या काफी अधिक है। कॉर्निया ट्रांसप्लांट ही एकमात्र ऐसा उपाय है, जिससे इन लोगों के जीवन में दोबारा रोशनी लाई जा सकती है। सीएमओ ने बताया, नेत्रदान पखवाड़े के तहत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल, आईएमए स्वास्थ्य केंद्रों और स्कूलों में गोष्ठियों व सम्मेलनों के जरिए व्यापक जन-जागरूकता फैलाई जाएगी। नेत्रदान के लिए इच्छुक 9639592894 संपर्क कर सकते हैं।
यह भी जान लें
समय सीमा: मृत्यु के 6 घंटे के भीतर कॉर्निया निकालना अनिवार्य है।
अवधि एवं प्रक्रिया: प्रक्रिया में मात्र 25-30 मिनट लगते हैं और चेहरे पर कोई विकृति नहीं आती।
अयोग्य: एचआईवी, हेपेटाइटिस, रेबीज, एड्स और सेप्टिक से ग्रसित लोग नेत्रदान नहीं कर सकते।
शुल्क: यह सेवा निशुल्क है और अस्पताल की टीम स्वयं घर पहुंचती है।
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) के अनुसार, देश में कॉर्निया की बीमारी के कारण लाखों लोग दृष्टिहीनता का शिकार हैं। इनमें बच्चों और युवाओं की संख्या काफी अधिक है। कॉर्निया ट्रांसप्लांट ही एकमात्र ऐसा उपाय है, जिससे इन लोगों के जीवन में दोबारा रोशनी लाई जा सकती है। सीएमओ ने बताया, नेत्रदान पखवाड़े के तहत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल, आईएमए स्वास्थ्य केंद्रों और स्कूलों में गोष्ठियों व सम्मेलनों के जरिए व्यापक जन-जागरूकता फैलाई जाएगी। नेत्रदान के लिए इच्छुक 9639592894 संपर्क कर सकते हैं।
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यह भी जान लें
समय सीमा: मृत्यु के 6 घंटे के भीतर कॉर्निया निकालना अनिवार्य है।
अवधि एवं प्रक्रिया: प्रक्रिया में मात्र 25-30 मिनट लगते हैं और चेहरे पर कोई विकृति नहीं आती।
अयोग्य: एचआईवी, हेपेटाइटिस, रेबीज, एड्स और सेप्टिक से ग्रसित लोग नेत्रदान नहीं कर सकते।
शुल्क: यह सेवा निशुल्क है और अस्पताल की टीम स्वयं घर पहुंचती है।