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‘...सब सिक्खन को हुक्म है, गुरु मानयो ग्रंथ’
ब्यूरो अमर उजाला, आगरा
Updated Mon, 11 Jan 2016 01:42 AM IST
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सिखों के दसवें पातशाह गुरु गोविंद सिंह के प्रकाशोत्सव के उपलक्ष्य में रविवार को विशाल नगर कीर्तन निकाला गया। इसमें शहर के डेढ़ दर्जन गुरुद्वारों और सभी धर्मों के लोगों की सहभागिता रही। श्रद्धा और सेवा की आकर्षक झांकियां देखने को मिली। झांकियों के माध्यम से ‘...सब सिक्खन को हुक्म है, गुरु मानयो ग्रंथ’ आदि संदेश दिए गए।
श्री गुरु सिंह सभा गुरुद्वारा माईथान के बैनर तले गुरुद्वारा माईथान से सदर बाजार तक नगर कीर्तन निकाला गया। आरंभता की अरदास गुरुद्वारा गुरु का ताल के बाबा हरवंश सिंह ने की।
सात किलोमीटर के रूट पर करीब एक किलोमीटर से लंबी यात्रा चल रही थी। इसमें ऊंट, घोड़े, दर्जनों दुपहिया वाहन, मेटाडोर, ट्रक, महापुरुषों और शहीदों पर आधारित झांकियां शामिल थीं। डीवी संतोख सिंह खालसा इंटर कालेज प्रतापपुरा, गुरु तेगबहादुर हायर सेकेंडरी खालसा स्कूल माईथान और गुरुद्वारा नानकपाड़ा के छात्र-छात्राएं पीटी, गतका और भंगड़ा करते चल रहे थे।
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गुरुद्वारा गुरु का ताल, माईथान, बल्केश्वर, नार्थ ईदगाह और गुरुद्वारा कलगीधर के रागी जत्थों की भी सहभागिता रही। सुखमनी सेवा सभा, अखंड कीर्तनी जत्था और स्त्री सत्संग सभा का कीर्तनी जत्था गुरुजस का गायन करते चल रहा था। गुरुद्वारा नानकपाड़ा की ओर से तैयार की गई श्री गुरु ग्रंथ साहिब की पालकी की भव्यता देखते बन रही थी। मार्ग पर कई जगह पुष्पवर्षा कर नगर कीर्तन का स्वागत किया गया।
सिविल डिफेंस के स्वयंसेवकों ने भी सहयोगी भूमिका निभाई। ट्रैफिक व्यवस्था के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिस भी रूट पर मौजूद रही। नगर कीर्तन में विधायक योगेंद्र उपाध्याय, गुरुद्वारा गुरु का ताल के संत बाबा निरंजन सिंह, संत बाबा प्रीतम सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट रेखा एस. चौहान, सीओ मनीषा सिंह, भूपेंद्र सिंह सेठी, महेंदर सिंह, सुभाष ढल, भारतभूषण गप्पी, बंटी ग्रोवर, श्याम भोजवानी, दलजीत कथूरिया आदि शामिल रहे। श्री गुरु सिंह सभा गुरुद्वारा माईथान के प्रधान कंवलदीप सिंह, उपाध्यक्ष पाली सेठी, हेड प्रचारक ओंकार सिंह, हेड ग्रंथी कश्मीरा सिंह, कुलविंदर सिंह, जगदीप सिंह साहनी, परमात्मा सिंह, हर्षपाल सेठी, हरमिंदर पाल सिंह आदि ने व्यवस्था संभाली।
पूरे मार्ग की सफाई की गई
आगरा। गुरुग्रंथ साहिब की पालकी के आगे गुरु पंथ के दास सफाई और पुष्पवर्षा करते चल रहे थे। नगर कीर्तन के पूरे मार्ग में यह देखने को मिला।
ये रहा रूट
नगर कीर्तन माईथान से घटिया आजम खां, फुलट्टी, फव्वारा, कोतवाली, हींग की मंडी, कलक्ट्रेट, एमजी रोड, प्रतापपुरा, सदर बाजार होते हुए गुरुद्वारा कलगीधर पहुंचा। वहां गुरुद्वारे के प्रधान त्रिलोक सिंह ओबराय, रमन साहनी, अमरदेव साहनी, सुरजीत सिंह छाबड़ा और संगत ने नगर कीर्तन का स्वागत किया। कीर्तन दरबार का भी आयोजन हुआ। सदर बाजार में ब्रिगेडियर विकास सैनी, जिला जज आरएल मल्होत्रा, एसएसपी डा. प्रीतिंदर सिंह, सीओ (आर्मी) अभय कुमार, रविंद्रपाल सिंह टिम्मा ने स्वागत किया।
जाल, ढाल, तलवार का प्रदर्शन रहा मुख्य आकर्षण
आगरा। नगर कीर्तन का मुख्य आकर्षण संत सिपाही रणजीत अखाड़ा गुरुद्वारा गुरु का ताल का प्रदर्शन रहा। संत बाबा प्रीतम सिंह के निर्देशन में गतका मास्टर गुरनाम सिंह, रंजीत सिंह और उनके साथियों ने पुरातन अस्त्र-शस्त्रों के हैरतअंगेज कतरब दिखाए। जाल, ढाल, तलवार, कटार आदि के प्रदर्शन को लोगों ने कैमरे में कैद किया। लोग छतों पर खड़े होकर नगर कीर्तन की भव्यता को निहार रहे थे।
‘ऐसे गुरु को बलि-बलि जाइए...’
आगरा। नगर कीर्तन से पूर्व गुरुद्वारा माईथान के हजूरी दरबार में सुबह पांच से 10 बजे तक विशेष कीर्तन दरबार सजाया गया। हजूरी रागी इंदरजीत सिंह चांद ने ‘ऐसे गुरु को बलि-बलि जाइए, आप मुकत मोहि तारे’ और शाहगंज गुरुद्वारे के सतविंदर सिंह ने ‘वाह-वाह गोविंद सिंह, आपे गुरु चेला’ शबद गायन किया।
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श्री गुरु सिंह सभा गुरुद्वारा माईथान के बैनर तले गुरुद्वारा माईथान से सदर बाजार तक नगर कीर्तन निकाला गया। आरंभता की अरदास गुरुद्वारा गुरु का ताल के बाबा हरवंश सिंह ने की।
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सात किलोमीटर के रूट पर करीब एक किलोमीटर से लंबी यात्रा चल रही थी। इसमें ऊंट, घोड़े, दर्जनों दुपहिया वाहन, मेटाडोर, ट्रक, महापुरुषों और शहीदों पर आधारित झांकियां शामिल थीं। डीवी संतोख सिंह खालसा इंटर कालेज प्रतापपुरा, गुरु तेगबहादुर हायर सेकेंडरी खालसा स्कूल माईथान और गुरुद्वारा नानकपाड़ा के छात्र-छात्राएं पीटी, गतका और भंगड़ा करते चल रहे थे।
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गुरुद्वारा गुरु का ताल, माईथान, बल्केश्वर, नार्थ ईदगाह और गुरुद्वारा कलगीधर के रागी जत्थों की भी सहभागिता रही। सुखमनी सेवा सभा, अखंड कीर्तनी जत्था और स्त्री सत्संग सभा का कीर्तनी जत्था गुरुजस का गायन करते चल रहा था। गुरुद्वारा नानकपाड़ा की ओर से तैयार की गई श्री गुरु ग्रंथ साहिब की पालकी की भव्यता देखते बन रही थी। मार्ग पर कई जगह पुष्पवर्षा कर नगर कीर्तन का स्वागत किया गया।
सिविल डिफेंस के स्वयंसेवकों ने भी सहयोगी भूमिका निभाई। ट्रैफिक व्यवस्था के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिस भी रूट पर मौजूद रही। नगर कीर्तन में विधायक योगेंद्र उपाध्याय, गुरुद्वारा गुरु का ताल के संत बाबा निरंजन सिंह, संत बाबा प्रीतम सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट रेखा एस. चौहान, सीओ मनीषा सिंह, भूपेंद्र सिंह सेठी, महेंदर सिंह, सुभाष ढल, भारतभूषण गप्पी, बंटी ग्रोवर, श्याम भोजवानी, दलजीत कथूरिया आदि शामिल रहे। श्री गुरु सिंह सभा गुरुद्वारा माईथान के प्रधान कंवलदीप सिंह, उपाध्यक्ष पाली सेठी, हेड प्रचारक ओंकार सिंह, हेड ग्रंथी कश्मीरा सिंह, कुलविंदर सिंह, जगदीप सिंह साहनी, परमात्मा सिंह, हर्षपाल सेठी, हरमिंदर पाल सिंह आदि ने व्यवस्था संभाली।
पूरे मार्ग की सफाई की गई
आगरा। गुरुग्रंथ साहिब की पालकी के आगे गुरु पंथ के दास सफाई और पुष्पवर्षा करते चल रहे थे। नगर कीर्तन के पूरे मार्ग में यह देखने को मिला।
ये रहा रूट
नगर कीर्तन माईथान से घटिया आजम खां, फुलट्टी, फव्वारा, कोतवाली, हींग की मंडी, कलक्ट्रेट, एमजी रोड, प्रतापपुरा, सदर बाजार होते हुए गुरुद्वारा कलगीधर पहुंचा। वहां गुरुद्वारे के प्रधान त्रिलोक सिंह ओबराय, रमन साहनी, अमरदेव साहनी, सुरजीत सिंह छाबड़ा और संगत ने नगर कीर्तन का स्वागत किया। कीर्तन दरबार का भी आयोजन हुआ। सदर बाजार में ब्रिगेडियर विकास सैनी, जिला जज आरएल मल्होत्रा, एसएसपी डा. प्रीतिंदर सिंह, सीओ (आर्मी) अभय कुमार, रविंद्रपाल सिंह टिम्मा ने स्वागत किया।
जाल, ढाल, तलवार का प्रदर्शन रहा मुख्य आकर्षण
आगरा। नगर कीर्तन का मुख्य आकर्षण संत सिपाही रणजीत अखाड़ा गुरुद्वारा गुरु का ताल का प्रदर्शन रहा। संत बाबा प्रीतम सिंह के निर्देशन में गतका मास्टर गुरनाम सिंह, रंजीत सिंह और उनके साथियों ने पुरातन अस्त्र-शस्त्रों के हैरतअंगेज कतरब दिखाए। जाल, ढाल, तलवार, कटार आदि के प्रदर्शन को लोगों ने कैमरे में कैद किया। लोग छतों पर खड़े होकर नगर कीर्तन की भव्यता को निहार रहे थे।
‘ऐसे गुरु को बलि-बलि जाइए...’
आगरा। नगर कीर्तन से पूर्व गुरुद्वारा माईथान के हजूरी दरबार में सुबह पांच से 10 बजे तक विशेष कीर्तन दरबार सजाया गया। हजूरी रागी इंदरजीत सिंह चांद ने ‘ऐसे गुरु को बलि-बलि जाइए, आप मुकत मोहि तारे’ और शाहगंज गुरुद्वारे के सतविंदर सिंह ने ‘वाह-वाह गोविंद सिंह, आपे गुरु चेला’ शबद गायन किया।