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आगरा: दो साल बाद मुस्लिम कर सकेंगे उमराह, ताजनगरी से हर साल जाते हैं पांच हजार लोग
Fri, 30 Jul 2021 12:06 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Fri, 30 Jul 2021 12:06 AM IST
सार
कोरोना संक्रमण के कारण हज यात्रा को दो बार स्थगित किया जा चुका है। अब सऊदी अरब सरकार ने उमराह करने की छूट दे दी है। इससे आगरा के मुस्लिमों में खुशी है। उनका कहना है कि तकरीबन दो साल बाद उमराह पर जाने की इजाजत मिली है। अब लोग ट्रेवल एजेंटों से बुकिंग कराने को संपर्क कर रहे हैं।
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हज यात्रा (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हजयात्रा जहां ईद उल अजहा के महीने में होती है, वहीं ज्यादातर लोग रमजान के मुबारक महीने में उमराह करने सऊदी अरब पहुंचते हैं। आगरा के हिंदुस्तानी बिरादरी के अध्यक्ष डॉ. सिराज कुरैशी बताते हैं कि साल के 11 माह में उमराह कभी भी किया जा सकता है। सात बार उमराह करने पर हज का सवाब मिलता है।
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आगरा से हर साल करीब पांच हजार से ज्यादा लोग उमराह करने सऊदी अरब जाते हैं। अब करीब दो साल बाद उमराह पर जाने की इजाजत मिली है। इससे जो लोग हज से वंचित रह गए हैं, वह कम से कम उमराह कर सकेंगे। इसमें भी पाक मक्का- मदीना की जियारत की जाती है।
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भारतीय मुस्लिम विकास परिषद के समी आगाई बताते हैं कि उमराह की बुकिंग ज्यादातर दिल्ली के ट्रेवल एजेंट करते हैं। इसमें आठ से 15 दिन तक की धार्मिक यात्रा होती है। अब ताजनगरी में परिवार केसाथ उमराह करने का चलन बढ़ गया है। लोग अपने परिवार केसाथ धार्मिक यात्रा पर जाते हैं।
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रमजान के महीने उमराह करने पहुंचते हैं लोग
ज्यादातर रमजान के महीने में उमराह करने पहुंचते हैं, लेकिन कोरोना के कारण तकरीबन दो साल से यह धार्मिक यात्रा भी बंद चल रही थी। हाजी जमील बताते हैं कि उमराह के लिए एजेंट आने जाने के किराया के अलावा ठहरने की सुविधा पैकेज में देते हैं।
एडवोकेट मुजम्मिल हसन कहते हैं कि उमराह के लिए इजाजत मिलना अच्छी बात है, लेकिन इसकेलिए भी सऊदी अरब सरकार की गाइड लाइन को देखना होगा। वैक्सीनेशन समेत अन्य शर्र्तों को पूरा किए बगैर यह धार्मिक यात्रा भी संभव नहीं होगी।
क्या है उमरा
इस्लाम के पांच अरकान में हज तो शामिल है मगर उमरा नहीं है। जो लोग हज पर नहीं जा पाते हैं, वह सऊदी अरब स्थित मुकद्दस मक्का मदीना में जियारत करने के लिए उमरा करने पहुंचते हैं। इस धार्मिक यात्रा में मुकद्दस स्थलों का भ्रमण करवाया जाता है।
ज्यादातर रमजान के महीने में उमराह करने पहुंचते हैं, लेकिन कोरोना के कारण तकरीबन दो साल से यह धार्मिक यात्रा भी बंद चल रही थी। हाजी जमील बताते हैं कि उमराह के लिए एजेंट आने जाने के किराया के अलावा ठहरने की सुविधा पैकेज में देते हैं।
एडवोकेट मुजम्मिल हसन कहते हैं कि उमराह के लिए इजाजत मिलना अच्छी बात है, लेकिन इसकेलिए भी सऊदी अरब सरकार की गाइड लाइन को देखना होगा। वैक्सीनेशन समेत अन्य शर्र्तों को पूरा किए बगैर यह धार्मिक यात्रा भी संभव नहीं होगी।
क्या है उमरा
इस्लाम के पांच अरकान में हज तो शामिल है मगर उमरा नहीं है। जो लोग हज पर नहीं जा पाते हैं, वह सऊदी अरब स्थित मुकद्दस मक्का मदीना में जियारत करने के लिए उमरा करने पहुंचते हैं। इस धार्मिक यात्रा में मुकद्दस स्थलों का भ्रमण करवाया जाता है।