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तीन तलाकः विरोध में बोले मुफ्ती, महिलाओं को बरगलाने के लिए लाया गया कानून
ब्यूरो/अमर उजाला आगरा
Updated Sat, 30 Dec 2017 09:49 AM IST
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तीन तलाक
- फोटो : amar ujala
आगरा की शाही जामा मस्जिद में जुमे की नमाज के बाद शहर मुफ्ती अब्दुल खुबैब रूमी ने तीन तलाक पर कानून बनाए जाने का विरोध किया। उन्होंने कहा कि ये कानून शरीयत के खिलाफ है और मुसलमान शरीयत के अनुसार ही चलता है। इसका विरोध करने के लिए मुसलमान तलाक देना ही बंद कर दें, इससे कानून पर अमल ही नहीं हो सकेगा।
शहर मुफ्ती ने टीला नंदराम स्थित मस्जिद में जुमे की नमाज अदा कराने के बाद शाही जामा मस्जिद में शहर के मुसलमानों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि लोकसभा में तीन तलाक का कानून पारित हो चुका है।
राज्यसभा में भी पास हो जाएगा। इस कानून को बनाने से पहले उलमा ए इकराम से राय मशविरा करने की जरूरत भी नहीं समझी गई। कानून में कई खामियां हैं। इसके बाद भी इसे थोपने की कोशिश की जा रही है।
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शहर मुफ्ती ने टीला नंदराम स्थित मस्जिद में जुमे की नमाज अदा कराने के बाद शाही जामा मस्जिद में शहर के मुसलमानों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि लोकसभा में तीन तलाक का कानून पारित हो चुका है।
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राज्यसभा में भी पास हो जाएगा। इस कानून को बनाने से पहले उलमा ए इकराम से राय मशविरा करने की जरूरत भी नहीं समझी गई। कानून में कई खामियां हैं। इसके बाद भी इसे थोपने की कोशिश की जा रही है।
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उन्होंने बताया कि इस्लाम कुरान-ए-पाक पर टिका हुआ है। इस्लाम के रुकुन क्या हैं। कुरान-ए-पाक में सभी बातों की तफ्सील से जानकारी दी गई है। तलाक के कानून पर अमल करने के लिए मुसलमानों को बाध्य नहीं किया जा सकता है।
अगर मुसलमानों को इस पर अमल नहीं करना है तो तलाक देना ही भूल जाओ। उन्होंने कहा कि चंद मुस्लिम महिलाओं को बरगलाने के लिए ये कानून लाया गया है। पढ़ी लिखी मुस्लिम महिलाएं इस बिल के साथ नहीं हैं। मुसलमान शरीयत के अनुसार ही चलेंगे।
अगर मुसलमानों को इस पर अमल नहीं करना है तो तलाक देना ही भूल जाओ। उन्होंने कहा कि चंद मुस्लिम महिलाओं को बरगलाने के लिए ये कानून लाया गया है। पढ़ी लिखी मुस्लिम महिलाएं इस बिल के साथ नहीं हैं। मुसलमान शरीयत के अनुसार ही चलेंगे।