{"_id":"5f9da65d8ebc3e9c0873e30c","slug":"murder-accused-kasganj-news-agr4661625126","type":"story","status":"publish","title_hn":"हत्या के दोषी को आजीवन कारावास की सजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हत्या के दोषी को आजीवन कारावास की सजा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कासगंज। सत्र न्यायाधीश ज्योत्सना शर्मा के न्यायालय ने हत्या के मामले में दोषी पाए जाने के बाद एक अभियुक्त को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने अभियुक्त पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर अतिरिक्त कारावास का प्रावधान किया गया है।
ढोलना के हाथी शाह निवासी आत्मज्ञान सिंह के एसबीआई कोसी में नौकरी के चलते उनका परिवार छाता मथुरा में रहता है। गांव में उनकी 60 बीघा जमीन है। इस जमीन की देखभाल उनका बेटा गिर्राज करता था। 30 जुलाई 2009 को कुनवे का हेमेंद्र छाता आया और नहर में पानी अधिक आ जाने की कहकर खेती की देखभाल के लिए उसको बुलाकर ले गया। उसकी लाश ततारपुर हजार नहर में पड़े होने की सूचना पर 31 जुलाई को परिजन वहां पहुंच गए। शव की शिनाख्त हो जाने के बाद उसके भाई आशीष सिंह ने 1 अगस्त को हेमेंद्र के खिलाफ मामला दर्ज करा दिया।
पुलिस ने मामले की जांच कर पत्रावली कोर्ट में पेश कर दी। अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव सिंह यदुवंशी ने मामले की पैरवी की। कोर्ट ने हेमेंद्र को हत्या एवं साक्ष्य छिपाने के लिए शव को नहर में डालने का दोषी माना। कोर्ट ने धारा 302 में आजीवन कारावास की सजा व 20 हजार का जुर्माना, धारा 201 में एक वर्ष की सजा तथा 5 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
विज्ञापन
विज्ञापन
ढोलना के हाथी शाह निवासी आत्मज्ञान सिंह के एसबीआई कोसी में नौकरी के चलते उनका परिवार छाता मथुरा में रहता है। गांव में उनकी 60 बीघा जमीन है। इस जमीन की देखभाल उनका बेटा गिर्राज करता था। 30 जुलाई 2009 को कुनवे का हेमेंद्र छाता आया और नहर में पानी अधिक आ जाने की कहकर खेती की देखभाल के लिए उसको बुलाकर ले गया। उसकी लाश ततारपुर हजार नहर में पड़े होने की सूचना पर 31 जुलाई को परिजन वहां पहुंच गए। शव की शिनाख्त हो जाने के बाद उसके भाई आशीष सिंह ने 1 अगस्त को हेमेंद्र के खिलाफ मामला दर्ज करा दिया।
विज्ञापन
पुलिस ने मामले की जांच कर पत्रावली कोर्ट में पेश कर दी। अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव सिंह यदुवंशी ने मामले की पैरवी की। कोर्ट ने हेमेंद्र को हत्या एवं साक्ष्य छिपाने के लिए शव को नहर में डालने का दोषी माना। कोर्ट ने धारा 302 में आजीवन कारावास की सजा व 20 हजार का जुर्माना, धारा 201 में एक वर्ष की सजा तथा 5 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
विज्ञापन