{"_id":"69b2c934ad32f502e2074b77","slug":"municipal-corporation-of-agra-has-seized-accounts-of-defaulters-2026-03-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"बकायेदारों पर शिकंजा: होटल समेत चार प्रतिष्ठानों के खाते सीज, गृहकर नहीं देने पर नगर निगम ने की सख्त कार्रवाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बकायेदारों पर शिकंजा: होटल समेत चार प्रतिष्ठानों के खाते सीज, गृहकर नहीं देने पर नगर निगम ने की सख्त कार्रवाई
Thu, 12 Mar 2026 07:40 PM IST
Arun Parashar
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: Arun Parashar
Updated Thu, 12 Mar 2026 07:40 PM IST
सार
गृहकर जमा नहीं करने वालों की मुसीबत बढ़ने लगी है। नगर निगम की टीम ने बकायेदारों के खातों को सीज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
विज्ञापन
आगरा नगर निगम
विस्तार
आगरा में नगर निगम प्रशासन ने गृहकर बकायेदारों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। डिमांड नोटिस और वारंट जारी होने के बावजूद हाउस टैक्स जमा न कराने वाले बकायेदारों पर अब सीलिंग और बैंक खातों को सीज करने की कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में ताजगंज जोन में एक होटल समेत चार प्रतिष्ठानों के खाते सीज करने की प्रक्रिया शुरू की गई।
जोनल अधिकारी ताजगंज विजेन्द्र सिंह ने बताया कि फतेहाबाद रोड स्थित होटल उत्कर्ष पर गृहकर के रूप में लगभग 22 लाख रुपये बकाया थे। वारंट जारी होने के बाद होटल स्वामी ने नगर निगम को 22 लाख रुपये का चेक दिया था, लेकिन जब उसे बैंक में लगाया गया तो वह चेक बाउंस हो गया। इस पर नगर निगम प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए होटल के बैंक खाते को सीज करने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
इसके अलावा फतेहाबाद रोड स्थित ताजनगरी फेस-2 में बीआर इंडस्ट्रीज एंड होटल एंड क्राफ्ट स्टोर पर करीब 4.30 लाख रुपये, ताजनगरी फेस-1 स्थित एसबीएम होटल पर करीब 3.17 लाख रुपये और यहीं के एक दुकानदार मनोज पर लगभग 90 हजार रुपये गृहकर बकाया है। नगर निगम की टीम जब इन प्रतिष्ठानों पर सीलिंग की कार्रवाई करने पहुंची तो संबंधित लोगों ने आंशिक भुगतान करते हुए दो दिन में पूरा टैक्स जमा करने का आश्वासन दिया था। हालांकि निर्धारित समय बीतने के बाद भी शेष बकाया जमा नहीं कराया गया। इस पर अब इनके बैंक खातों को सीज करने की कार्रवाई की जा रही है।
विज्ञापन
इस संबंध में सहायक नगर आयुक्त एवं प्रभारी कर श्रद्धा पांडेय ने कहा कि नगर निगम का राजस्व बढ़ाने के लिए बकायेदारों के खिलाफ सख्त अभियान चलाया जा रहा है। जो लोग समय पर गृहकर जमा नहीं करेंगे, उनके खिलाफ नियमों के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बकायेदारों से अपील की कि वे किसी भी असुविधा से बचने के लिए समय रहते अपना बकाया गृहकर जमा कर दें।
नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने कहा कि नगर निगम का वार्षिक राजस्व लक्ष्य पूरा करना प्राथमिकता है। इसके लिए बकायेदारों के खिलाफ लगातार सीलिंग, खाता सीज और अन्य कानूनी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि डिमांड नोटिस और वारंट के बाद भी टैक्स जमा न करने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।
विज्ञापन
जोनल अधिकारी ताजगंज विजेन्द्र सिंह ने बताया कि फतेहाबाद रोड स्थित होटल उत्कर्ष पर गृहकर के रूप में लगभग 22 लाख रुपये बकाया थे। वारंट जारी होने के बाद होटल स्वामी ने नगर निगम को 22 लाख रुपये का चेक दिया था, लेकिन जब उसे बैंक में लगाया गया तो वह चेक बाउंस हो गया। इस पर नगर निगम प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए होटल के बैंक खाते को सीज करने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
विज्ञापन
इसके अलावा फतेहाबाद रोड स्थित ताजनगरी फेस-2 में बीआर इंडस्ट्रीज एंड होटल एंड क्राफ्ट स्टोर पर करीब 4.30 लाख रुपये, ताजनगरी फेस-1 स्थित एसबीएम होटल पर करीब 3.17 लाख रुपये और यहीं के एक दुकानदार मनोज पर लगभग 90 हजार रुपये गृहकर बकाया है। नगर निगम की टीम जब इन प्रतिष्ठानों पर सीलिंग की कार्रवाई करने पहुंची तो संबंधित लोगों ने आंशिक भुगतान करते हुए दो दिन में पूरा टैक्स जमा करने का आश्वासन दिया था। हालांकि निर्धारित समय बीतने के बाद भी शेष बकाया जमा नहीं कराया गया। इस पर अब इनके बैंक खातों को सीज करने की कार्रवाई की जा रही है।
विज्ञापन
इस संबंध में सहायक नगर आयुक्त एवं प्रभारी कर श्रद्धा पांडेय ने कहा कि नगर निगम का राजस्व बढ़ाने के लिए बकायेदारों के खिलाफ सख्त अभियान चलाया जा रहा है। जो लोग समय पर गृहकर जमा नहीं करेंगे, उनके खिलाफ नियमों के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बकायेदारों से अपील की कि वे किसी भी असुविधा से बचने के लिए समय रहते अपना बकाया गृहकर जमा कर दें।
नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने कहा कि नगर निगम का वार्षिक राजस्व लक्ष्य पूरा करना प्राथमिकता है। इसके लिए बकायेदारों के खिलाफ लगातार सीलिंग, खाता सीज और अन्य कानूनी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि डिमांड नोटिस और वारंट के बाद भी टैक्स जमा न करने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।