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मां-बेटी की हत्या व लूट का मामला, 17 दिन और 50 लोगों से पूछताछ, नतीजा सिफर
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बाह। कसबा के कल्याण सागर इलाके में नौ मार्च की रात को जूता कारोबारी उमेश पैंगोरिया की पत्नी कुसमा देवी (60) और बेटी सविता गुप्ता (40) की हत्या कर दी गई थी। इसके बाद लाखों के नगदी और जेवरात लूट लिए थे। घटना का 17 दिन बीत चुके हैं। पुलिस 50 से ज्यादा संदिग्धों से पूछताछ कर चुकी है। इसके बावजूद नतीजा सिफर है। हत्या करने वालों की पहचान तक नहीं हो सकी है। बदमाशों की संख्या पांच थी। कारोबारी का आरोप है कि पुलिस उनसे ही सवाल कर रही है। बदमाशों के बारे में पूछा जाता है। अगर, उन्हें पता होता तो मुकदमे भी नाम लिखवा देते।
पुलिस ने 17 दिन में पुलिस 50 से ज्यादा संदिग्ध बदमाशों, कारोबारी उमेश पैंगोरिया, उनके बेटे दीपक, सौरभ, पुत्रवधू कल्पना, धेवते अनुज से कई बार पूछताछ कर चुकी है। इसके अलावा भी कई संदिग्धों से पूछताद की गई। बदमाशों के बारे में बार-बार पूछताछ से दुखी उमेश और उनके बेटे दीपक ने बताया कि बदमाशों का पता होता तो नामजद रिपोर्ट न दर्ज करा देते। रिश्तेदार आदि के बारे में पुलिस को जानकारी दे चुके हैं। अब तक पुलिस के किसी नतीजे पर न पहुंचने से परिवार गम और गुस्से में है।
हत्या और लूट की वारदात का खुलासा न होने से परिवार को अनहोनी का डर भी सता रहा है। इधर, एमपी, राजस्थान, दिल्ली समेत कई राज्यों की खाक छानने के बाद भी कोई सुराग पुलिस के हाथ नहीं लगा है। कार्यवाहक एसओ प्रेम सिंह ने बताया कि अब तक 50 से ज्यादा पेशेवर अपराधियों से पूछताछ की गई है। दो टीमें नोएडा और दिल्ली में डेरा डाले हैं। हर बिंदु से जांच के साथ ही संदिग्ध बदमाशों की धर पकड़ की जा रही है।
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पुलिस ने 17 दिन में पुलिस 50 से ज्यादा संदिग्ध बदमाशों, कारोबारी उमेश पैंगोरिया, उनके बेटे दीपक, सौरभ, पुत्रवधू कल्पना, धेवते अनुज से कई बार पूछताछ कर चुकी है। इसके अलावा भी कई संदिग्धों से पूछताद की गई। बदमाशों के बारे में बार-बार पूछताछ से दुखी उमेश और उनके बेटे दीपक ने बताया कि बदमाशों का पता होता तो नामजद रिपोर्ट न दर्ज करा देते। रिश्तेदार आदि के बारे में पुलिस को जानकारी दे चुके हैं। अब तक पुलिस के किसी नतीजे पर न पहुंचने से परिवार गम और गुस्से में है।
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हत्या और लूट की वारदात का खुलासा न होने से परिवार को अनहोनी का डर भी सता रहा है। इधर, एमपी, राजस्थान, दिल्ली समेत कई राज्यों की खाक छानने के बाद भी कोई सुराग पुलिस के हाथ नहीं लगा है। कार्यवाहक एसओ प्रेम सिंह ने बताया कि अब तक 50 से ज्यादा पेशेवर अपराधियों से पूछताछ की गई है। दो टीमें नोएडा और दिल्ली में डेरा डाले हैं। हर बिंदु से जांच के साथ ही संदिग्ध बदमाशों की धर पकड़ की जा रही है।
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