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Etah News: बारिश ने बना दिया कर्जदार, फसल बर्बाद होने से उड़ी किसानों की नींद
Tue, 11 Oct 2022 04:21 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Tue, 11 Oct 2022 04:21 PM IST
सार
एडीएम वित्त एवं राजस्व आयुष चौधरी ने बताया कि बरसात से काफी नुकसान हुआ है। किसानों को मुआवजा दिलाने के लिए तीनों तहसीलों को नुकसान का आंकलन के निर्देश दिए हैं।
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बारिश से गिरी धान की फसल
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
एटा में अतिवृष्टि से धान और बाजरा की फसलें बर्बाद हुई हैं। इससे किसानों की नींदें उड़ गई हैं। धान और बाजरा की करीब 18 हजार हेक्टेयर फसल खराब हुई है। वहीं खेतों में भर हुए बरसात के पानी से नुकसान और बढ़ने की आशंका है। तमाम किसानों की लागत डूब गई और वह कर्जदार हो गए हैं। उधर, अब तक सरकारी स्तर पर मुआवजा तो दूर, सर्वे तक नहीं हुआ है, जबकि किसानों को शासन स्तर से मुआवजा तभी दिया जा सकता है जब प्रशासन सर्वे के जरिए आंकलन कर शासन को प्रस्ताव और मांग भेजे।
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कंट्रोल रूम पर हर दिन आ रहीं 70-80 शिकायतें
बारिश से नुकसान संबंधी सूचनाएं देने के लिए जिला प्रशासन ने कलक्ट्रेट में कंट्रोल रूम बनवाकर टोल फ्री नंबर जारी किए हैं। इस पर प्रतिदिन 80 से 80 शिकायतें पहुंच रही हैं। जनहांनि और मकान गिरने की गिनी-चुनी सूचनाओं को छोड़ दें तो अधिकांश शिकायतें फसल नुकसान की ही होती हैं।
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लागत डूबी हो गए कर्जदार, पेट भरने को भी मोहताज
नगला किला निवासी नंदकिशोर कुशवाह ने बताया कि पहली बार पांच हजार रुपये प्रति बीघा के हिसाब से चार बीघा पट्टे पर लेकर सरसों की खेती की थी। जिसमें दस हजार की लागत भी लगाई। लगातार बारिश की वजह से सारी फसल नष्ट हो गई। यह नुकसान कैसे पूरा होगा और पट्टे की रकम कैसे चुकाएंगे, चिंता बन गई है।
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