Agra: एक्सप्रेसवे से ज्यादा राष्ट्रीय राजमार्ग पर है खतरा, संभलकर चलें, 21 महीने में हुए 476 हादसे
जनवरी 2021 से लेकर सितंबर 2022 तक 21 महीने में कुल 1622 हादसे हुए। इनमें 951 लोग अपनी जान गवां चुके हैं, जबकि 1106 लोग घायल हुए हैं। सबसे ज्यादा हादसे हाईवे पर हुए हैं।
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एक्सप्रेसवे पर रफ्तार में वाहन भले ही निकलते हैं, लेकिन जान का खतरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर अधिक रहता है। ये बात पुलिस के आंकड़े बता रहे हैं। आगरा जिले में 21 महीने में राष्ट्रीय राजमार्ग पर 476, जबकि एक्सप्रेसवे पर 35 हादसे हुए। इनकी वजह खराब रास्ते, अवैध कट, शराब पीकर वाहन चलाना, यातायात नियमों का उल्लंघन, तेज गति बनी। इन हादसों में मरने वालों में दो पहिया वाहन सवार 50 फीसदी से अधिक हैं।
पुलिस विभाग के आंकड़ों पर नजर डालें तो जनवरी 2021 से लेकर सितंबर 2022 तक 21 महीने में 1622 हादसे हुए। इनमें 951 लोग अपनी जान गवां चुके हैं, जबकि 1106 लोग घायल हुए हैं। घायलों में कुछ गंभीर भी हुए। यह हादसे एक्सप्रेसवे, राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य हाईवे, मेजर डिस्ट्रिक्ट रोड और अन्य मार्ग पर हुए हैं।
हादसों का गणित
| मार्ग | हादसे (मौत हुई) | हादसे (घायल हुए) | योग |
| एक्सप्रेसवे | 19 | 16 | 35 |
| राष्ट्रीय राजमार्ग | 297 | 179 | 476 |
| राज्य हाईवे | 111 | 68 | 179 |
| मुख्य मार्ग | 77 | 116 | 193 |
(जनवरी 2021 से लेकर सितंबर 2022 तक के आंकड़े)
ज्यादा हादसे शाम को
एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने बताया कि एक्सप्रेसवे शहर के बाहर से निकलते हैं। इनमें शहर से आने वाले वाहनों की कनेक्टिविटी निश्चित दूरी के बाद होती है, जबकि राष्ट्रीय राजमार्ग शहर से निकलते हैं। इस कारण यहां से निकलने वाले वाहनों की संख्या अधिक होती है। इस वजह से यहां हादसों की आशंका अधिक रहती है। हादसे रोकने के लिए पुलिस कवायद करती है। ब्लैक स्पाट चिह्नित किए जाते हैं। पुलिसकर्मियों को तैनात किया जाता है। सबसे ज्यादा हादसे शाम के समय अधिक होते हैं।एक्सप्रेसवे पर हादसों की वजह
- निर्धारित सीमा से अधिक गति से वाहन चलाना
- तेज गति के दौरान वाहन का टायर फट जाना
- चालक को झपकी आने पर डिवाइडर या दूसरे वाहन से टक्कर
- वाहन को ओवरटेक करते समय डिवाइडर और दूसरे वाहन से टक्कर
राष्ट्रीय राजमार्ग व अन्य मार्गों पर वजह
- दो पहिया वाहनों की बड़े वाहनों से टक्कर
- लिंक मार्ग से मुख्य मार्ग पर आते समय टक्कर
- शराब पीकर वाहन चलाना
- गलत दिशा से वाहन लेकर जाना
- सड़कों के खराब होने की वजह से
- अवैध कट से लोगों के निकलने के दौरान
- तेज गति में चल रहे दो पहिया वाहन के अचानक ब्रेक लगाने से
सबसे ज्यादा हादसे
- एत्मादपुर- 140
- सिकंदरा- 135
- खंदौली- 102
- मलपुरा- 100
- ताजगंज - 80