टीके की बचत या कुछ और: एटा में कोविशील्ड की निर्धारित डोज से 3000 से अधिक लोगों का हुआ टीकाकरण
एटा जिले में कोरोना महामारी की रोकथाम के लिए हुए टीकाकरण को लेकर चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। यहां निर्धारित डोज से अधिक लोगों का टीकाकरण हुआ है। इस पर स्वास्थ्य विभाग ने वैक्सीन की बर्बादी रोकने की दलील दी है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
एटा जिले में स्वास्थ्य विभाग को जितनी कोविशील्ड वैक्सीन मिलीं, उसमें निर्धारित डोज से ज्यादा लोगों को कोरोना रोधी टीका लगा दिया गया। 16 जनवरी से कोरोना टीकाकरण शुरू किया गया। अक्तूबर आखिर तक डोज के सापेक्ष 3168 से अधिक लोगों का टीकाकरण किया गया है।
जिले में 16 जनवरी से कोरोना टीकाकरण शुरू हुआ था। इस दौरान उच्चाधिकारियों ने कोविशील्ड वैक्सीन की एक वायल में 10 डोज बनाने के निर्देश स्वास्थ्य कर्मियों को दिए। शुरुआती दौर में इसी अनुपात से टीकाकरण होता रहा, लेकिन बाद में दवा की बर्बादी रोकने के लिए स्वास्थ्य कर्मियों पर दबाव बनाया गया।
आगरा: 18 साल है उम्र तो आज भरें मतदाता बनने का फार्म, ये दस्तावेज हैं जरूरी
जिस पर स्वास्थ्य कर्मियों ने एक वायल में 11 डोज बनाना शुरू कर दिया। आंकड़ों के मुताबिक शुरुआत से अक्तूबर के अंत तक डोज के सापेक्ष 3168 अधिक लोगों का टीकाकरण किया गया है। टीकाकरण के लिए 82893 वायल दी गईं, जिनमें 828928 डोज बननी चाहिए थीं। जबकि इतनी ही वायल से 832096 लोगों को टीका लगा दिया गया।
कोवैक्सीन की बर्बाद हुईं 1648 डोज
करीब 10 माह से चल रहे कोरोना टीकाकरण में जिले को 30 अक्तूबर तक कोवैक्सीन की 93440 डोज मिलीं। जबकि 91792 लोगों को कोवैक्सीन लगाई गई। इस दौरान कोवैक्सीन की 1648 डोज बर्बाद हो गईं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. उमेश त्रिपाठी ने बताया कि शासन से निर्देश मिले थे कि एक वायल में 11 डोज भी बनाई जा सकती हैं। इसी के तहत स्वास्थ्य कर्मियों ने एक वायल में ग्यारह डोज बनाकर लोगों के लगाईं। इससे वैक्सीन की बर्बादी रुकी और डोज के सापेक्ष 3168 अधिक व्यक्तियों को वैक्सीन लगी।
अपने शहर की खबरों से अपडेट रहने के लिए पढ़ते रहिए amarujala.com । अमर उजाला आगरा के फेसबुक पेज को लाइक और फॉलो करने के लिए यहां क्लिक कर सकते हैं।