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वृंदावन में बंदरों की मौत पर मचा है हल्ला, पुलिस और चिकित्सक झाड़ रहे पल्ला
Sat, 04 May 2019 03:04 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वृंदावन (मथुरा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वृंदावन (मथुरा)
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sat, 04 May 2019 03:04 PM IST
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मृत बंदर को पोस्टमार्टम के लिए ले जाते वनकर्मी
- फोटो : अमर उजाला
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वृंदावन के गोविंद बाग क्षेत्र में लगातार हो रही बंदरों की मौत पर जहां क्षेत्र में हल्ला मचा हुआ है, वहीं पुलिस और बंदरों का पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सक रिपोर्ट और विसरा की जांच को लेकर मामला एक-दूसरे पर डाल रहे हैं।
पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मुकदमा दर्ज किए जाने की बात कहकर अपना पल्ला झाड़ रही है जबकि चिकित्सक भी मुकदमा दर्ज न होने तक विसरा को आगरा भेजने के मूड में नहीं दिख रहे। यही कारण है कि अब तक जिन बंदरों का पोस्टमार्टम हुआ है, उनका विसरा अभी भी पशु चिकित्सालय में रखा गया है। जबकि क्षेत्र में हर रोज एक-दो बंदर मरे पाए जा रहे हैं।
शुक्रवार सुबह वार्ड नंबर 65 के प्रताप बाजार स्थित शाहजहांपुर मंदिर के पास ई-रिक्शे में एक बंदर का शव पाया गया, स्थानीय पार्षद रसिकबल्लभ नागार्च की सूचना पर पुलिस व वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई और बंदर के शव को कब्जे में लिया।
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स्थानीय लोगों की मानें तो बंदर ई-रिक्शा में फंसा हुआ था। वन विभाग की टीम ने मृत बंदर को पोस्टमार्टम के लिए चिकित्सकों को सौंपा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बंदर की मौत दम घुटना बताया गया है। वहीं, दूसरी जगह मृत मिले बंदर को सफाई कर्मियों ने कूड़े में फेंक दिया।
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पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मुकदमा दर्ज किए जाने की बात कहकर अपना पल्ला झाड़ रही है जबकि चिकित्सक भी मुकदमा दर्ज न होने तक विसरा को आगरा भेजने के मूड में नहीं दिख रहे। यही कारण है कि अब तक जिन बंदरों का पोस्टमार्टम हुआ है, उनका विसरा अभी भी पशु चिकित्सालय में रखा गया है। जबकि क्षेत्र में हर रोज एक-दो बंदर मरे पाए जा रहे हैं।
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शुक्रवार सुबह वार्ड नंबर 65 के प्रताप बाजार स्थित शाहजहांपुर मंदिर के पास ई-रिक्शे में एक बंदर का शव पाया गया, स्थानीय पार्षद रसिकबल्लभ नागार्च की सूचना पर पुलिस व वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई और बंदर के शव को कब्जे में लिया।
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स्थानीय लोगों की मानें तो बंदर ई-रिक्शा में फंसा हुआ था। वन विभाग की टीम ने मृत बंदर को पोस्टमार्टम के लिए चिकित्सकों को सौंपा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बंदर की मौत दम घुटना बताया गया है। वहीं, दूसरी जगह मृत मिले बंदर को सफाई कर्मियों ने कूड़े में फेंक दिया।
शिकायतकर्ता व स्थानीय पार्षद ने दी तहरीर
शिकायतकर्ता दीपक पाराशर व पार्षद रसिक बल्लभ नागार्च ने बंदरों की मौत को शिकायत लेकर थाना वृंदावन कोतवाली में पुलिस को तहरीर दी। हालांकि अभी किसी भी मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
पशु चिकित्साधिकारी डॉ दीपेंद्र सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम में बंदर की मौत प्रथम दृष्टया दम घुटने से होने की प्रतीत हो रही है। फिर भी मुकदमा दर्ज होने के बाद विसरा की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। गोविंद बाग क्षेत्र में तापमान अधिक होने के कारण बंदर हीट स्ट्रोक का शिकार हो रहे हैं, कोई बंदर इसे सह लेता है जबकि कोई सह नहीं पाता।
बता दें कि पिछले कुछ दिनों से गोविंद बाग क्षेत्र में अचानक बंदरों की मौत होने लगी है। क्षेत्र में रोज कहीं न कहीं एक-दो बंदर मृत मिल रहा है। 15 दिनों के अंदर 15 से ज्यादा बंदर मर चुके हैं। इससे स्थानीय लोग भी हैरान हैं। वे जांच की मांग कर रहे हैं।
पशु चिकित्साधिकारी डॉ दीपेंद्र सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम में बंदर की मौत प्रथम दृष्टया दम घुटने से होने की प्रतीत हो रही है। फिर भी मुकदमा दर्ज होने के बाद विसरा की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। गोविंद बाग क्षेत्र में तापमान अधिक होने के कारण बंदर हीट स्ट्रोक का शिकार हो रहे हैं, कोई बंदर इसे सह लेता है जबकि कोई सह नहीं पाता।
बता दें कि पिछले कुछ दिनों से गोविंद बाग क्षेत्र में अचानक बंदरों की मौत होने लगी है। क्षेत्र में रोज कहीं न कहीं एक-दो बंदर मृत मिल रहा है। 15 दिनों के अंदर 15 से ज्यादा बंदर मर चुके हैं। इससे स्थानीय लोग भी हैरान हैं। वे जांच की मांग कर रहे हैं।