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धनतेरस पर जमकर हुई धन की बरसा, 15 करोड़ का हुआ कारोबार
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कासगंज। पांच दिवसीय दीपोत्सव का आगाज मंगलवार को धनतेरस के साथ हो गया। बाजार में जमकर धन की बरसा हुई। लोगों ने बाजार से पर्व संबंधी सामान की जमकर खरीदारी की। बाजार में अच्छी खासी भीड़ रही। ग्राहकों की भीड़ निकलने से दुकानदारों के चेहरों पर खुशी झलक उठी। अलग-अलग ट्रेड से जुड़ी बाजार एसोसिएशन और कारोबारियों के अनुसार धनतेरस पर लगभग 15 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ।
धनतेरस पर खरीदारी को लेकर लोग सुबह से ही बाजारों में निकल पड़े। दिन में ग्रामीण क्षेत्र के लोगों की भीड़ बाजार में रही। लोगों ने बाजार से बर्तन व अन्य सामान की खरीदारी की। जबकि किसानों ने बाजार से ट्रैक्टर की खरीदारी की। युवाओं का रुझान बाइक खरीदने पर रहा। शाम को शहरी क्षेत्र के लोगों की भीड़ बाजारों में निकली।
बाजारों से रेडीमेड कपड़े, जूते, बर्तन, खील, खिलौने सहित अन्य सामान की खरीदारी की। बड़ी संख्या में लोगों ने सोने-चांदी के आभूषण, चांदी के सिक्के, गिन्नी आदि खरीदे। घरों को सजाने के लिए भी लोग बाजार में खरीदारी करते नजर आए। बिजली की झालरों के अलावा अन्य सजावट के सामान वंदनवार, कलेंडर पोस्टर, झालरें आदि की खरीदारी की। बच्चे बाजार से आतिशबाजी खरीदते देखे गए। दिन भर बाजार में गहमागहमी बनी रहने से दुकानदारों को फुर्सत नहीं मिल पा रही थी।
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कुंभकारों ने बाजार में जगह-जगह मिट्टी के दीयों के फड़ सजाए हैं। दीपक 60 रुपये से 80 रुपये प्रति सैकड़ा के भाव बिके। जबकि रंगीन दीपक 2 रुपये नग से लेकर 50 रुपये नग तक अलग-अलग साइज के हिसाब से बिके।
बाजार में गणेश, लक्ष्मी और अन्य देवी देवताओं की मूर्तियों के विक्रेताओं ने अपने फड़ जगह-जगह सजाए हैं। जिन पर लोग खरीदारी भी करने लगे हैं। लक्ष्मी गणेश की मूर्तियों की खरीदारी अधिक की जा रही है।
धनतेरस पर्व पर बाजार में सोने चांदी की डिमांड निकलने से इन धातुओं की कीमतों में उछाल आ गया। गुुुरुवार के सापेक्ष सोने के भाव में 350 रुपये प्रति 10 ग्राम की तेजी रही जबकि चांदी के भाव में 800 रुपये किलो की तेजी देखी गई। इसके बाद भी लोगों ने बाजार से खरीदारी की। अनुमानित तीन करोड़ रुपये का कारोबार हुआ।
युवाओं के बीच मोबाइल खरीदने को लेकर भी खासा उत्साह देखा गया। युवाओं ने कीमती से कीमती सेट तक बाजार से खरीदे। स्मार्ट फोन खरीदने को प्राथमिकता दी। एक करोड़ तक का मोबाइल कारोबार पहुंच गया।
धनतेरस पर अभिभावकों ने अपने छोटे बच्चों का भी पूरा ख्याल रखा। परिवार में जिन बच्चों की उम्र साइकिल चलाने की थी, उनके लिए साइकिल की खरीदारी को भी प्राथमिकता दी गई।
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धनतेरस पर खरीदारी को लेकर लोग सुबह से ही बाजारों में निकल पड़े। दिन में ग्रामीण क्षेत्र के लोगों की भीड़ बाजार में रही। लोगों ने बाजार से बर्तन व अन्य सामान की खरीदारी की। जबकि किसानों ने बाजार से ट्रैक्टर की खरीदारी की। युवाओं का रुझान बाइक खरीदने पर रहा। शाम को शहरी क्षेत्र के लोगों की भीड़ बाजारों में निकली।
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बाजारों से रेडीमेड कपड़े, जूते, बर्तन, खील, खिलौने सहित अन्य सामान की खरीदारी की। बड़ी संख्या में लोगों ने सोने-चांदी के आभूषण, चांदी के सिक्के, गिन्नी आदि खरीदे। घरों को सजाने के लिए भी लोग बाजार में खरीदारी करते नजर आए। बिजली की झालरों के अलावा अन्य सजावट के सामान वंदनवार, कलेंडर पोस्टर, झालरें आदि की खरीदारी की। बच्चे बाजार से आतिशबाजी खरीदते देखे गए। दिन भर बाजार में गहमागहमी बनी रहने से दुकानदारों को फुर्सत नहीं मिल पा रही थी।
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कुंभकारों ने बाजार में जगह-जगह मिट्टी के दीयों के फड़ सजाए हैं। दीपक 60 रुपये से 80 रुपये प्रति सैकड़ा के भाव बिके। जबकि रंगीन दीपक 2 रुपये नग से लेकर 50 रुपये नग तक अलग-अलग साइज के हिसाब से बिके।
बाजार में गणेश, लक्ष्मी और अन्य देवी देवताओं की मूर्तियों के विक्रेताओं ने अपने फड़ जगह-जगह सजाए हैं। जिन पर लोग खरीदारी भी करने लगे हैं। लक्ष्मी गणेश की मूर्तियों की खरीदारी अधिक की जा रही है।
धनतेरस पर्व पर बाजार में सोने चांदी की डिमांड निकलने से इन धातुओं की कीमतों में उछाल आ गया। गुुुरुवार के सापेक्ष सोने के भाव में 350 रुपये प्रति 10 ग्राम की तेजी रही जबकि चांदी के भाव में 800 रुपये किलो की तेजी देखी गई। इसके बाद भी लोगों ने बाजार से खरीदारी की। अनुमानित तीन करोड़ रुपये का कारोबार हुआ।
युवाओं के बीच मोबाइल खरीदने को लेकर भी खासा उत्साह देखा गया। युवाओं ने कीमती से कीमती सेट तक बाजार से खरीदे। स्मार्ट फोन खरीदने को प्राथमिकता दी। एक करोड़ तक का मोबाइल कारोबार पहुंच गया।
धनतेरस पर अभिभावकों ने अपने छोटे बच्चों का भी पूरा ख्याल रखा। परिवार में जिन बच्चों की उम्र साइकिल चलाने की थी, उनके लिए साइकिल की खरीदारी को भी प्राथमिकता दी गई।