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मेहनत से किया काम, खातों में मजदूरी का दाम पहुंचा
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कासगंज। कोरोना काल के बीच आर्थिक संकट से जूझने वाले मजदूरों को मनरेगा के तहत राहत की सांस मिली है। परदेश से लौटने वाले प्रवासियों एवं पूर्व में पंजीकृत मनरेगा मजदूरों के खातों में अब प्रशासन ने धनराशि भेज दी है। कुल 25 करोड़ रुपये की धनराशि मजदूरों के खातों में भेजी गई है।
जिले की सभी ग्राम पंचायतों में मनरेगा के तहत रोजगार दिया जा रहा है। कोरोना खौफ के बीच जब लॉकडाउन हुआ तो परदेश से प्रवासी मजदूरों की घर वापसी हुई। इस बीच प्रवासी काम के लिए भटकने लगे। क्योंकि संक्रमण के डर से निर्माण कार्य सहित मजदूरी के तमाम कार्य रुके रहे।
इस बीच प्रशासन ने पूर्व के पंजीकृत मनरेगा मजदूरों के अलावा प्रवासी मजदूरों को मनरेगा के तहत काम दिया। सौ दिन रोजगार की गारंटी के तहत दिए गए काम के बाद सभी ग्राम पंचायतों से डीसी मनरेगा ने उपस्थिति का ब्यौरा मांगा। उसके बाद विकास विभाग कार्यालय के डोंगल से सभी मजदूरों के खातों में सीधे धनराशि भेज दी।
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कई ग्राम पंचायतें हैं लापरवाह
प्रशासन ने जो उपस्थिति मांगी उसके अनुसार पाया गया है कि कई ग्राम पंचायतें ऐसी हैं जो मनरेगा के कार्य में लापरवाही कर रही हैं। लगभग 100 से अधिक पंचायतों की संतोषजनक रिपोर्ट नहीं है। हांलाकि पंचायतों ने इन मजदूरों को काम तो दिया है, लेकिन शासन की मंशा को पूरा नहीं किया है। लापरवाहों को प्रशासन ने चेतावनी देकर काम की रफ्तार तेज करने को कहा है।
- 25 करोड़ रुपये की धनराशि काम के ऐवज जिलेभर के मनरेगा मजदूरों के खातों में भेज दी गई है। सभी पंचायतों को निर्देशित किया गया है कि सभी पंचायते काम जारी रखें। - अजय कुमार, डीसी, मनरेगा।
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जिले की सभी ग्राम पंचायतों में मनरेगा के तहत रोजगार दिया जा रहा है। कोरोना खौफ के बीच जब लॉकडाउन हुआ तो परदेश से प्रवासी मजदूरों की घर वापसी हुई। इस बीच प्रवासी काम के लिए भटकने लगे। क्योंकि संक्रमण के डर से निर्माण कार्य सहित मजदूरी के तमाम कार्य रुके रहे।
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इस बीच प्रशासन ने पूर्व के पंजीकृत मनरेगा मजदूरों के अलावा प्रवासी मजदूरों को मनरेगा के तहत काम दिया। सौ दिन रोजगार की गारंटी के तहत दिए गए काम के बाद सभी ग्राम पंचायतों से डीसी मनरेगा ने उपस्थिति का ब्यौरा मांगा। उसके बाद विकास विभाग कार्यालय के डोंगल से सभी मजदूरों के खातों में सीधे धनराशि भेज दी।
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कई ग्राम पंचायतें हैं लापरवाह
प्रशासन ने जो उपस्थिति मांगी उसके अनुसार पाया गया है कि कई ग्राम पंचायतें ऐसी हैं जो मनरेगा के कार्य में लापरवाही कर रही हैं। लगभग 100 से अधिक पंचायतों की संतोषजनक रिपोर्ट नहीं है। हांलाकि पंचायतों ने इन मजदूरों को काम तो दिया है, लेकिन शासन की मंशा को पूरा नहीं किया है। लापरवाहों को प्रशासन ने चेतावनी देकर काम की रफ्तार तेज करने को कहा है।
- 25 करोड़ रुपये की धनराशि काम के ऐवज जिलेभर के मनरेगा मजदूरों के खातों में भेज दी गई है। सभी पंचायतों को निर्देशित किया गया है कि सभी पंचायते काम जारी रखें। - अजय कुमार, डीसी, मनरेगा।