यूपी विधानसभा चुनाव 2022: सपा को तगड़ा झटका, तीन बार के इस विधायक के छोड़ी पार्टी, मुलायम सिंह यादव के हैं रिश्तेदार
नेताओं का पार्टी बदलने का सिलसिला चल रहा है। भाजपा ने उत्तर प्रदेश के चुनाव में अब समाजवादी पार्टी को झटका दिया है।
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सपा का गढ़ है फिरोजाबाद
सपा का गढ़ कहे जाने वाले फिरोजाबाद जिले में सपा के कद्दावर नेता व तीन बार के विधायक हरिओम यादव के भाजपा में जाने से पार्टी को बड़ा झटका लगा है। हालांकि उनकी सपा से दूरियां काफी समय से बढ़ी थी। क्योंकि उनका झुकाव प्रसपा नेता शिवपाल यादव की ओर था। सपा ने पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष एवं हरिओम के बेटे विजय प्रताप उर्फ छोटू को पहले पार्टी से निकाला था। प्रसपा के समर्थन में रैली और सपा के प्रमुख राष्ट्रीय महासचिव प्रो. रामगोपाल यादव, पूर्व सांसद अक्षय यादव का विरोध करने के चलते सपा ने बाद में हरिओम यादव को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया था। हरिओम ने सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का कभी विरोध नहीं किया।
जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव के दौरान हरिओम यादव ने सपा प्रत्याशी को हराने को अपने धुर विरोधी पूर्व मंत्री ठाकुर जयवीर सिंह से गलबहियां की थीं। हरिओम यादव के समर्थन का असर रहा कि भाजपा के पूर्व मंत्री की पुत्रवधू हर्षिता सिंह जिला पंचायत अध्यक्ष बनीं। उनकी मदद ने कई ब्लॉकों में जीत दर्ज कराई। हरिओम को उम्मीद थी कि प्रसपा-सपा का गठबंधन के बाद सिरसागंज सीट उन्हें अवश्य लड़ाएगी। काफी प्रयास के बाद जब बात नहीं बनीं तो हरिओम यादव ने बुधवार को दिल्ली में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह,उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य एवं उप मुख्यमंत्री डा.दिनेश शर्मा के समक्ष भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। हरिओम यादव के भाजपा में जाने से सपा को झटका अवश्य लगेगा। क्योंकि हरिओम की यादव वोट बैंक में मजबूत पकड़ होने के साथ-साथ जिले की राजनीति का उन्हें मजबूत कड़ी माना जाता है। भाजपा को जहां इसका लाभ मिलने की उम्मीद है वहीं सपा को नुकसान होने से इंकार नहीं किया जा सकता है।
फिरोजाबाद जिला पंचायत के चुनाव में हरिओम यादव के बेटे विजय प्रताप उर्फ छोटू ने जिला पंचायत सदस्यों को अपने पाले में लाने के लिए बड़ी भूमिका निभाई थी। इसी का नतीजा यह हुआ कि जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर भाजपा ने कब्जा जमाया।
सपा ने मुझे बहुत अपमानित किया-हरिओम
भाजपा में शामिल होने के बाद हरिओम यादव ने कहा कि सपा ने मुझे बहुत अपमानित किया। पहले मेरे बेटे को पार्टी से निकाला और फिर मुझे। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव मुझे सिरसागंज से टिकट देने में खुद को असहाय महसूस कर रहे थे। क्योंकि पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव प्रो.रामगोपाल यादव, अक्षय यादव नहीं चाहते थे मुझे टिकट मिले। उन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष के समक्ष मुझे (हरिओम को) टिकट देने पर आत्महत्या करने तक की धमकी दे दी थी। मैं नहीं चाहता कि मेरी वजह से कोई आत्महत्या करे। मैने भाजपा ज्वांइन कर ली है। मेरा समर्थकों से आह्वान है वह फिरोजाबाद जिले की पांचों सीटे भाजपा को जिताएं और जिले से सपा का सफाया करने का काम करेंगे।