फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Mistaken Identity Ruins 12 Years: Police Negligence Traps Innocent Elderly Farmer Court Finally Acquits

UP: नाम ही बन गया उसका दुश्मन...निर्दोष होते हुए भी 12 साल तक लगाए कोर्ट के चक्कर, अदालत ने किया बरी

Fri, 02 Jan 2026 08:02 PM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Fri, 02 Jan 2026 08:02 PM IST
सार

पुलिस की गलती की वजह से तुहीराम 12 साल तक उस केस में अदालत के चक्कर लगाता रहा, जिससे उसका कोई लेना देना नहीं था। पुलिस ने पुलिस ने तुहीराम पुत्र मोनाराम की जगह तुहीराम पुत्र मोहन सिंह को आरोपी बना दिया था।
 

विज्ञापन
Mistaken Identity Ruins 12 Years: Police Negligence Traps Innocent Elderly Farmer Court Finally Acquits
बुजुर्ग। सांकेतिक चित्र - फोटो : freepik

विस्तार

 नाम एक होने की वजह से थाना अछनेरा क्षेत्र के गांव साही निवासी तुहीराम पुत्र मोहन को निर्दोष होने के बाद भी पुलिस की लापरवाही की वजह से अदालत के चक्कर काटने पड़े। जबकि आरोपी तुहीराम पुत्र मोनाराम था। विशेष न्यायाधीश आर्थिक अपराध ज्ञानेंद्र राव ने निर्दोष को बरी करने के आदेश दिया है। लिखा कि विद्युत विभाग आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करने के स्वतंत्र हैं।
विज्ञापन



 

थाना अछनेरा में दर्ज केस के अनुसार विद्युत विभाग के अवर अभियंता ने तहरीर दी थी। आरोप लगाया था कि 22 नवंबर 2012 को विद्युत बिल का भुगतान नहीं करने पर गांव साही में कुछ ग्रामीणों के विद्युत कनेक्शन विच्छेदित कर दिये गए थे। इसके बाद वह कटिया डालकर विद्युत (बिजली) चोरी कर रहे थे। 29 नवंबर 2012 को उन्होंने टीम के साथ गांव चेंकिग की तो लोग विद्युत चोरी करते पकड़े गए। उनकी तहरीर पर 138(बी) विद्युत अधिनियम के तहत केस दर्ज हुआ। पुलिस ने भी विवेचना के बाद पांच आरोपियों के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल कर दिया। जबकि विद्युत विभाग की टीम ने चोरी करते हुए तुहीराम पुत्र मोना राम कोपकड़ा था।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

पुलिस ने निर्दोष तुहीराम पुत्र मोहन सिंह का नाम आरोप पत्र में लिखकर उन्हें आरोपी बना दिया। जानकारी होने पर निर्दोष बुजुर्ग तुहीराम ने विद्युत विभाग, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर लगाए। इसके बावूजद भी कोई समाधान नहीं हुआ। 2014 में अदालत से नोटिस आने पर उनके होश उड़ गए। निर्दोष होने बाद भी 12 साल अदालत के चक्कर काटने पड़े। जब कहीं जाकर चोरी का कलंक उनके माथे से मिटा।

 
विज्ञापन

एक मुकदमा ने बुढ़ापे में करा दी बदनामी और रुपयों की बर्बादी
निर्दोष 73 साल के किसान बुजुर्ग तुहीराम ने बताया कि 2007 में ही उन्होंने अपने नाम का कनेक्शन कटवाकर अपने बेटे कृष्णा के नाम से दूसरा कनेक्शन करा दिया था। उनके नाम पर कोई बिजली बिल भी बकाया नहीं था। 2012 में जब मुकदमा दर्ज हुआ तब तक उन्हें कुछ नहीं पता था। घर पर अदालत को नोटिस आते ही उनके होश उड़ गए। वह नोटिस लेकर पुलिस, विद्युत विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों के कार्यालयों में खुद बेगुनाह साबित करने के लिए भटकते रहे। मगर किसी ने सुनवाई नहीं की। पूरे का गांव में मुकदमे की वजह से बदनामी हो गई। 12 साल अदालत के चक्कर काटते-काटते लाखों रुपये खर्च हो गए। तब न्याय मिला है। अब क्या कोई उनकी इज्जत और खर्च हुई रकम के साथ समय को लौटा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed