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मिशनरी स्कूलों पर शिकंजा: डीएम के इन निर्देशों के बाद अभिभावकों में खुशी, किताब और कॉपी में नहीं चलेगी मनमानी
Fri, 05 Apr 2024 10:18 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Fri, 05 Apr 2024 10:18 AM IST
सार
मिशनरी स्कूलों पर शिकंजा कसने के लिए जिलाधिकारी ने सख्त कदम उठाए हैं। महंगी कॉपी-किताबों पर जवाब मांगा है। साथ ही निर्देश दिए हैं कि किताब, कॉपी और यूनिफॉर्म में स्कूलों की मनमानी नहीं चलेगी। बार-बार एडमिशन फीस नहीं वसूली जाएगी।
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- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
विस्तार
मिशनरी स्कूलों की किताब, कॉपी और यूनिफॉर्म में स्कूलों की मनमानी नहीं चलेगी। बार-बार एडमिशन फीस नहीं वसूली जाएगी। यह निर्देश जिलाधिकारी भानु चंद्र गोस्वामी ने बृहस्पतिवार को स्कूल संचालकों को दिए हैं। उन्होंने महंगी कॉपी-किताबों पर दो दिन में स्कूल संचालकों से जवाब मांगा है।
एक तरफ मिशनरी स्कूल मनमानी फीस वसूल रहे हैं, दूसरी तरफ किताब-कॉपी, बस्ते से लेकर यूनिफॉर्म तक की कीमतें 40 प्रतिशत तक बढ़ा दी गई हैं। अमर उजाला ने यह मुद्दा उठाया। जिसके बाद जिलाधिकारी के पास शिकायतें पहुंचीं।
बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी भानु चंद्र गोस्वामी ने जिन स्कूलों की शिकायत थी, उनके संचालकों को तलब किया। अभिभावक संगठनों के लोग भी मौजूद रहे। उन्होंने दो टूक कहा कि किताब, कॉपी व फीस में मनमानी नहीं चलेगी। उन्होंने दो दिन में स्कूल संचालकों से जवाब मांगा है। जवाब से संतुष्ट नहीं होने पर जिलाधिकारी सख्त फैसला ले सकते हैं।
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सभी जगह उपलब्ध नहीं किताबें
मिशनरी स्कूलों की किताबें एक ही दुकान पर मिल रही हैं। खंदारी स्थित एक स्कूल ने देवनगर में एक दुकान में किताबों का गोदाम बना रखा है। अन्य स्कूलों का भी यही हाल है। ऐसे में अभिभावक एक ही जगह से किताब खरीदने के लिए मजबूर हैं। यूनिफॉर्म भी तय दुकान पर ही मिल रही है। किताब-कॉपी ही नहीं, कई स्कूल ने जूते, टाई-बेल्ट तक बदल दिए हैं।
बार-बार एडमिशन फीस पर डीएम नाराज
अभिभावकों की संस्था टीम पापा के मनोज शर्मा ने डीएम भानु चंद्र गोस्वामी को बताया कि कक्षा 1 और 6 में प्रवेश के नाम पर एडमिशन फीस वसूला जा रहा है। डीएम ने कहा कि बार-बार एडमिशन फीस नहीं ले सकते। यदि ऐसा हुआ है तो साक्ष्य प्रस्तुत करें। मनोज शर्मा ने बताया कि जिलाधिकारी के समक्ष साक्ष्य प्रस्तुत किए जाएंगे।
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एक तरफ मिशनरी स्कूल मनमानी फीस वसूल रहे हैं, दूसरी तरफ किताब-कॉपी, बस्ते से लेकर यूनिफॉर्म तक की कीमतें 40 प्रतिशत तक बढ़ा दी गई हैं। अमर उजाला ने यह मुद्दा उठाया। जिसके बाद जिलाधिकारी के पास शिकायतें पहुंचीं।
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बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी भानु चंद्र गोस्वामी ने जिन स्कूलों की शिकायत थी, उनके संचालकों को तलब किया। अभिभावक संगठनों के लोग भी मौजूद रहे। उन्होंने दो टूक कहा कि किताब, कॉपी व फीस में मनमानी नहीं चलेगी। उन्होंने दो दिन में स्कूल संचालकों से जवाब मांगा है। जवाब से संतुष्ट नहीं होने पर जिलाधिकारी सख्त फैसला ले सकते हैं।
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सभी जगह उपलब्ध नहीं किताबें
मिशनरी स्कूलों की किताबें एक ही दुकान पर मिल रही हैं। खंदारी स्थित एक स्कूल ने देवनगर में एक दुकान में किताबों का गोदाम बना रखा है। अन्य स्कूलों का भी यही हाल है। ऐसे में अभिभावक एक ही जगह से किताब खरीदने के लिए मजबूर हैं। यूनिफॉर्म भी तय दुकान पर ही मिल रही है। किताब-कॉपी ही नहीं, कई स्कूल ने जूते, टाई-बेल्ट तक बदल दिए हैं।
बार-बार एडमिशन फीस पर डीएम नाराज
अभिभावकों की संस्था टीम पापा के मनोज शर्मा ने डीएम भानु चंद्र गोस्वामी को बताया कि कक्षा 1 और 6 में प्रवेश के नाम पर एडमिशन फीस वसूला जा रहा है। डीएम ने कहा कि बार-बार एडमिशन फीस नहीं ले सकते। यदि ऐसा हुआ है तो साक्ष्य प्रस्तुत करें। मनोज शर्मा ने बताया कि जिलाधिकारी के समक्ष साक्ष्य प्रस्तुत किए जाएंगे।