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UP: बिना सीना चीरे, पैर की नस से हृदय तक पहुंचा दिया स्टेंट; एसएन में किशोर की हुई सबसे जटिल सर्जरी
Sat, 21 Feb 2026 09:16 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Sat, 21 Feb 2026 09:16 AM IST
सार
आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में चमत्कारिक सर्जरी हुई। पैर की नस से हृदय तक स्टेंट पहुंचाकर किशोर को नया जीवन दिया गया।
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हृदय रोग विभाग के डॉ. हिमांशु यादव और उनकी टीम
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में हृदय रोग से पीड़ित किशोर की सर्जरी कर जान बचाई है। हृदय की मुख्य धमनी ब्लॉकेज होने पर उसमें स्टेंट डाला है। इससे ब्लॉकेज नस खुल गई है। अभी मरीज आईसीयू में है, जल्द डिस्चार्ज कर दिया जाएगा।
हृदय रोग विभाग के डॉ. हिमांशु यादव ने बताया कि 17 साल के किशोर के हृदय से पेट को जाने वाली महाधमनी 90 फीसदी बंद थी। इससे ही शरीर के सभी अंगों तक रक्त का संचार होता है। हृदय से निकलने के बाद पेट तक की नस ब्लॉकेज होने से कमर से ऊपरी हिस्से का रक्तचाप 240/120 एमएमएचजी तक पहुंच रहा है। पैरों में रक्तचाप नहीं आ रहा था।
तीन महीने पहले मरीज को ब्रेन हेमरेज भी हुआ था। जांच करने पर मरीज कोआर्कटेशन ऑफ एओर्टा से पीड़ित मिला। इससे नस पतले धागे की तरह हो गई थी। पूरी तरह से बंद होने पर मरीज की जान चली जाती। ऐसे में पैर की नस से हृदय तक गुब्बारा पहुंचाकर स्टेंट डाल दिया है। पहली बार सर्जरी हुई है। प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि मरीज आयुष्मान योजना का लाभार्थी होने के कारण स्टेंट भी निशुल्क लगाए गए हैं।
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हृदय रोग विभाग के डॉ. हिमांशु यादव ने बताया कि 17 साल के किशोर के हृदय से पेट को जाने वाली महाधमनी 90 फीसदी बंद थी। इससे ही शरीर के सभी अंगों तक रक्त का संचार होता है। हृदय से निकलने के बाद पेट तक की नस ब्लॉकेज होने से कमर से ऊपरी हिस्से का रक्तचाप 240/120 एमएमएचजी तक पहुंच रहा है। पैरों में रक्तचाप नहीं आ रहा था।
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तीन महीने पहले मरीज को ब्रेन हेमरेज भी हुआ था। जांच करने पर मरीज कोआर्कटेशन ऑफ एओर्टा से पीड़ित मिला। इससे नस पतले धागे की तरह हो गई थी। पूरी तरह से बंद होने पर मरीज की जान चली जाती। ऐसे में पैर की नस से हृदय तक गुब्बारा पहुंचाकर स्टेंट डाल दिया है। पहली बार सर्जरी हुई है। प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि मरीज आयुष्मान योजना का लाभार्थी होने के कारण स्टेंट भी निशुल्क लगाए गए हैं।
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