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Agra Metro: 80 किमी प्रति घंटे की गति और 25 हजार किलो वजन भार ट्रायल में भी सफल रही आगरा मेट्रो
Sun, 18 Feb 2024 09:27 AM IST
आगरा ब्यूरो
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: आगरा ब्यूरो
Updated Sun, 18 Feb 2024 09:27 AM IST
सार
आगरा मेट्रो कितनी सवारियां लेकर दौड़ सकती है, इसके लिए ट्रायल किया गया। ट्रेन में 25 हजार किलो वजन रख गया। जिसके बाद मेट्रो 80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से सफलता पूर्वक दौड़ी।
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आगरा मेट्रो
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आगरा मेट्रो ट्रेन का भार ट्रायल भी सफल रहा। एक बोगी में 25 हजार किलो वजन रखकर मेट्रो ट्रेन को 80 किमी प्रति घंटे की गति से दौड़ाया गया। अब 19 को कमिश्नर मेट्रो रेल सेफ्टी (सीएमआरएस) की टीम आएगी। टीम दो दिन मेट्राे में रेल यात्रियों की सुरक्षा का ऑडिट करेगी।उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल काॅरपोरेशन (यूपीएमआरसी) के उप महाप्रबंधक पंचानन मिश्रा ने बताया कि मेट्रो ट्रेन का भार ट्रायल भी सफल हुआ। एक बोगी में करीब 500 यात्री खड़े-बैठकर जा सकते हैं।
बोगी में 500 यात्रियों के भार के बराबर 25 हजार किलो वजनी रेत की बोरियां समेत अन्य सामान लादकर ट्रायल किया गया। इसे प्राथमिकता वाले रूट ताज पूर्वी से जामा मस्जिद स्टेशन तक 80 की गति से दौड़ाया गया। वैसे इसकी अधिकतम गति 90 किमी प्रति घंटा है। दोनों पटरियों पर भार ट्रायल होने के बाद ट्रैक, सिग्नल समेत अन्य का भी आकलन किया गया है। अब सीएमआरएस की टीम यात्रियों की सुरक्षा, ट्रैक की मजबूती, रेलिंग, भीड़ नियंत्रण, मेट्रो के प्रवेश द्वार समेत अन्य का आकलन करेगी। इसमें कोई खामी नजर आने पर इसे दुरुस्त कराने के लिए कहेगी। इनकी एनओसी बिना मेट्रो का संचालन नहीं होगा।
प्रमाणपत्रों का शुरू हुआ सत्यापन
मेट्रो ट्रेन के पहले कॉरिडोर में 13 स्टेशन हैं। इसमें अंतिम तीन स्टेशन आईएसबीटी, गुरु का ताल और सिकंदरा एलिवेटेड हैं। इनके निर्माण के लिए 5 कंपनियों ने निविदा डाली है। इनके हैसियत, कार्य करने का अनुभव समेत अन्य रिकॉर्ड का सत्यापन हो रहा है। चयनित कंपनियों के बीच टेंडर होगा, इसके होने के डेढ़ महीने बाद कार्य शुरू हो जाएगा।
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बोगी में 500 यात्रियों के भार के बराबर 25 हजार किलो वजनी रेत की बोरियां समेत अन्य सामान लादकर ट्रायल किया गया। इसे प्राथमिकता वाले रूट ताज पूर्वी से जामा मस्जिद स्टेशन तक 80 की गति से दौड़ाया गया। वैसे इसकी अधिकतम गति 90 किमी प्रति घंटा है। दोनों पटरियों पर भार ट्रायल होने के बाद ट्रैक, सिग्नल समेत अन्य का भी आकलन किया गया है। अब सीएमआरएस की टीम यात्रियों की सुरक्षा, ट्रैक की मजबूती, रेलिंग, भीड़ नियंत्रण, मेट्रो के प्रवेश द्वार समेत अन्य का आकलन करेगी। इसमें कोई खामी नजर आने पर इसे दुरुस्त कराने के लिए कहेगी। इनकी एनओसी बिना मेट्रो का संचालन नहीं होगा।
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प्रमाणपत्रों का शुरू हुआ सत्यापन
मेट्रो ट्रेन के पहले कॉरिडोर में 13 स्टेशन हैं। इसमें अंतिम तीन स्टेशन आईएसबीटी, गुरु का ताल और सिकंदरा एलिवेटेड हैं। इनके निर्माण के लिए 5 कंपनियों ने निविदा डाली है। इनके हैसियत, कार्य करने का अनुभव समेत अन्य रिकॉर्ड का सत्यापन हो रहा है। चयनित कंपनियों के बीच टेंडर होगा, इसके होने के डेढ़ महीने बाद कार्य शुरू हो जाएगा।
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