{"_id":"5fb493a58ebc3e9baa35c925","slug":"metro-corridor-agra-49-crore-will-be-spent-on-maintenance","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"आगरा: हर साल मेट्रो कॉरीडोर के रखरखाव पर खर्च होंगे 49 करोड़ रुपए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आगरा: हर साल मेट्रो कॉरीडोर के रखरखाव पर खर्च होंगे 49 करोड़ रुपए
Wed, 18 Nov 2020 08:53 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Wed, 18 Nov 2020 08:53 AM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मेट्रो कॉरीडोर के रखरखाव पर हर साल 1.40 करोड़ रुपये प्रति किमी खर्च होगा। दोनों कॉरीडोर 30 किमी लंबाई है। इस हिसाब से दोनों पर हर साल यूपीएमआरसी करीब 49 करोड़ रुपया खर्च करेगी। इसमें सबसे ज्यादा रखरखाव खर्च कालिंदी विहार से आगरा कैंट तक कॉरीडोर दो पर आएगा।
उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) ने मेट्रो कॉरीडोर के लिए रखरखाव का मसौदा तैयार किया है। यूपीएमआरसी के मुताबिक दोनों कॉरीडोर पर हर साल करीब 49 करोड़ रुपये खर्च होगा। इसमें हर साल पांच फीसदी की वृद्धि की जाएगी।
पहले चरण में कॉरीडोर एक में दिसंबर 2022 तक ताजमहल पूर्वी गेट से जामा मस्जिद तक सात किमी ट्रैक चालू होगा। इस पूरे ट्रैक पर प्रति वर्ष रखरखाव पर 24 करोड़ रुपये लागत आएगी। जबकि कालिंदी विहार से आगरा कैंट तक पूरा ट्रैक एलिवेटेड बनेगा। इस कॉरीडोर के रखरखाव पर 26 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
विज्ञापन
कालिंदी विहार में बनेगा दूसरा डिपो
पहले कॉरीडोर के लिए डिपो पीएसी मैदान में बनेगा। 112 करोड़ रुपये का टेंडर हो चुका है। यहां मिट्टी के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। मिट्टी की रिपोर्ट आने के बाद यहां डिपो निर्माण के लिए गहरी खोदाई शुरू हो जाएगी। फिलहाल करीब दो हेक्टेयर जमीन पर बैरीकेडिंग की गई है। दूसरे कॉरीडोर के लिए डिपो कालिंदी विहार में बनेगा। इसके लिए भी जिला प्रशासन ने दस हेक्टेयर जमीन चिह्नित कर ली है।
विज्ञापन
उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) ने मेट्रो कॉरीडोर के लिए रखरखाव का मसौदा तैयार किया है। यूपीएमआरसी के मुताबिक दोनों कॉरीडोर पर हर साल करीब 49 करोड़ रुपये खर्च होगा। इसमें हर साल पांच फीसदी की वृद्धि की जाएगी।
विज्ञापन
पहले चरण में कॉरीडोर एक में दिसंबर 2022 तक ताजमहल पूर्वी गेट से जामा मस्जिद तक सात किमी ट्रैक चालू होगा। इस पूरे ट्रैक पर प्रति वर्ष रखरखाव पर 24 करोड़ रुपये लागत आएगी। जबकि कालिंदी विहार से आगरा कैंट तक पूरा ट्रैक एलिवेटेड बनेगा। इस कॉरीडोर के रखरखाव पर 26 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
विज्ञापन
कालिंदी विहार में बनेगा दूसरा डिपो
पहले कॉरीडोर के लिए डिपो पीएसी मैदान में बनेगा। 112 करोड़ रुपये का टेंडर हो चुका है। यहां मिट्टी के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। मिट्टी की रिपोर्ट आने के बाद यहां डिपो निर्माण के लिए गहरी खोदाई शुरू हो जाएगी। फिलहाल करीब दो हेक्टेयर जमीन पर बैरीकेडिंग की गई है। दूसरे कॉरीडोर के लिए डिपो कालिंदी विहार में बनेगा। इसके लिए भी जिला प्रशासन ने दस हेक्टेयर जमीन चिह्नित कर ली है।