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Agra News: सुल्तानगंज की पुलिया के पास नहीं रुकेगा मेट्रो निर्माण, अपील खारिज
Tue, 29 Sep 2026 02:54 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Tue, 29 Sep 2026 02:54 AM IST
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आगरा। सुल्तानगंज की पुलिया के पास निर्माणाधीन मेट्रो स्टेशन का काम रुकवाने के लिए अदालत में वाद दायर किया गया। 16 अक्तूबर, 2025 को सिविल जज ने इसे खारिज कर दिया था। अब एडीजे-25 मदन मोहन ने अपील खारिज कर दी।
एमजी रोड स्थित मेसर्स डेवलपमेंट ट्रस्ट प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर समीर गुप्ता ने उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड के खिलाफ स्थायी निषेधाज्ञा का वाद दायर किया। दावा किया कि प्लॉट संख्या 108 से 129, खसरा संख्या 403, मौजा लश्करपुर स्थित संपत्ति पर उसका स्वामित्व और कब्जा है। यह संपत्ति उन्हें 20 दिसंबर, 1947 के गजट नोटिफिकेशन के माध्यम से मिली थी। राजस्व अभिलेखों में भी यह दर्ज है।
आरोप लगाया कि मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी किए बिना संपत्ति पर निर्माण कराना शुरू कर दिया। उन्होंने संपत्ति में प्रवेश करने के साथ निर्माण करने रोकने की मांग की। सिविल जज ने वाद खारिज कर दिया। इसके बाद उन्होंने आदेश के खिलाफ सत्र न्यायालय में अपील की। सुनवाई के दौरान उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन की ओर से अधिवक्ता ने तर्क दिया कि खसरा संख्या 403 में सुल्तानगंज मेट्रो स्टेशन का निर्माण हो रहा है। यह केंद्र और राज्य सरकार की संयुक्त परियोजना है, जनहित में इसका समयबद्ध निर्माण आवश्यक है। उन्होंने अपने पक्ष में सुप्रीम कोर्ट की नजीर का भी हवाला दिया।
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एमजी रोड स्थित मेसर्स डेवलपमेंट ट्रस्ट प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर समीर गुप्ता ने उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड के खिलाफ स्थायी निषेधाज्ञा का वाद दायर किया। दावा किया कि प्लॉट संख्या 108 से 129, खसरा संख्या 403, मौजा लश्करपुर स्थित संपत्ति पर उसका स्वामित्व और कब्जा है। यह संपत्ति उन्हें 20 दिसंबर, 1947 के गजट नोटिफिकेशन के माध्यम से मिली थी। राजस्व अभिलेखों में भी यह दर्ज है।
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आरोप लगाया कि मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी किए बिना संपत्ति पर निर्माण कराना शुरू कर दिया। उन्होंने संपत्ति में प्रवेश करने के साथ निर्माण करने रोकने की मांग की। सिविल जज ने वाद खारिज कर दिया। इसके बाद उन्होंने आदेश के खिलाफ सत्र न्यायालय में अपील की। सुनवाई के दौरान उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन की ओर से अधिवक्ता ने तर्क दिया कि खसरा संख्या 403 में सुल्तानगंज मेट्रो स्टेशन का निर्माण हो रहा है। यह केंद्र और राज्य सरकार की संयुक्त परियोजना है, जनहित में इसका समयबद्ध निर्माण आवश्यक है। उन्होंने अपने पक्ष में सुप्रीम कोर्ट की नजीर का भी हवाला दिया।
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