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खुशखबर: एक दशक से अधूरा है मेहरा-नाहरगंज पुल, निर्माण का रास्ता हुआ साफ; इन 50 गांव के लोगों को मिलेगा लाभ
Fri, 06 Jun 2025 09:42 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Fri, 06 Jun 2025 09:42 AM IST
सार
यमुना नदी पर मेहरा-नाहरगंज में बन रहा पुल एक दशक से अधूरा पड़ा था। इसके निर्माण के लिए स्वीकृत मिल गई है। इस पुल के बनने से 50 से अधिक गांवों के लोगों को सहूलियत मिलेगी।
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मेहरा-नाहरगंज पुल के निर्माण का रास्ता साफ
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
आवागमन के लिए आगरा और फिरोजाबाद के बीच स्वीकृत मेहरा-नाहरगंज पुल के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। बृहस्पतिवार को कैबिनेट मंत्री बेबीरानी मौर्य को सेतु निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर ने अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) की प्रति सौंपी। अब जुलाई से पुल का निर्माण शुरू हो जाएगा। इससे 50 से अधिक गांवों के लोगों को सहूलियत मिलेगी।
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ब्लॉक बरौली अहीर स्थित गांव मेहरा-नाहरगंज में यमुना नदी पर बना पुल एक दशक से अधूरा पड़ा है। पुल के दूसरी ओर ग्रामीणों की खेती है। खेतों तक जाने में परेशानी होती है। विधानसभा चुनाव के दौरान ग्रामीणों ने पुल के निर्माण के मुद्दे पर चुनाव बहिष्कार किया था। तब यहां से चुनाव लड़ रहीं बेबीरानी मौर्य ने ग्रामीणों से पुल को बनवाने का वादा किया था।
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इसके बाद ही ग्रामीण मतदान करने पर राजी हुए थे। कैबिनेट मंत्री बनने के बाद बेबीरानी मौर्य ने शासन में इसके लिए पैरवी की। जिसके बाद शासन से धनराशि मंजूर कर दी गई। धनराशि मंजूर होने के बाद पुल का निर्माण केंद्रीय जलमार्ग मंत्रालय से एनओसी के फेर में लटक गया।
केंद्रीय मंत्रालय से एनओसी प्राप्त करने के लिए कैबिनेट मंत्री ने लगातार पत्राचार किया गया। वह केंद्रीय मंत्री सर्वानंद सोनोवाल से मिलीं। बृहस्पतिवार को सेतु निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर आरवी दिवाकर ने केंद्रीय मंत्रालय से निर्गत एनओसी का पत्र मंत्री को सौंपा। इसके बाद मंत्री ने अधूरे पुल का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि जुलाई से काम शुरू कर दिया जाएगा। एक साल में पुल बनकर तैयार हो जाएगा।
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दूरी घटकर 8 किलोमीटर हो जाएगी
पुल के निर्माण से 50 से ज्यादा गांवों के ग्रामीणों को फिरोजाबाद और टूंडला जाने के लिए अब बमरौली कटारा, कुबेरपुर और एत्मादपुर होकर नहीं जाना पड़ेगा। दूरी 35 किलोमीटर से घटकर 8 किलोमीटर की हो जाएगी। इस पुल के निर्माण के बाद तनौरा, नूरपुर, समोगर, कबीस, मेहरा नाहरगंज, बिसारना, कुंडौल, बमरौली कटारा, धमौटा सहित 50 से ज्यादा गांवों के लोग लाभान्वित होंगे।
पुल के निर्माण से 50 से ज्यादा गांवों के ग्रामीणों को फिरोजाबाद और टूंडला जाने के लिए अब बमरौली कटारा, कुबेरपुर और एत्मादपुर होकर नहीं जाना पड़ेगा। दूरी 35 किलोमीटर से घटकर 8 किलोमीटर की हो जाएगी। इस पुल के निर्माण के बाद तनौरा, नूरपुर, समोगर, कबीस, मेहरा नाहरगंज, बिसारना, कुंडौल, बमरौली कटारा, धमौटा सहित 50 से ज्यादा गांवों के लोग लाभान्वित होंगे।