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चंदे का धंधा: मेघा इंजीनियरिंग का आगरा कनेक्शन, यहां है 964 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट
Sat, 16 Mar 2024 10:22 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Sat, 16 Mar 2024 10:22 AM IST
सार
मेघा इंजीनियरिंग आगरा से भी कनेक्शन है। यहां मेघा इंजीनियरिंग और एनसीसी 6779 करोड़ का प्रोजेक्ट कर रहीं हैं। ये प्रोजेक्ट जल जीवन मिशन में ग्रामीण आगरा में पानी की लाइनें बिछाने का है।
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इलेक्टोरल बॉन्ड
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
इलेक्टोरल बॉन्ड खरीदने में फ्यूचर गेमिंग के बाद दूसरे नंबर पर मेघा इंजीनियरिंग कंपनी है। इस कंपनी का आगरा कनेक्शन भी है। केंद्र सरकार के महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन में दक्षिण भारत की रेड्डी बंधुओं की कंपनी मेघा इंजीनियरिंग आगरा के ग्रामीण क्षेत्रों में गंगाजल पहुंचाने के लिए पानी की लाइन बिछा रही है।
6779 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट में मेघा इंजीनियरिंग और एनसीसी एपको शामिल हैं। एनसीसी का नाम भी चुनाव आयोग की इलेक्टोरल बॉन्ड खरीदने वाली सूची में शामिल है। इन दोनों कंपनियों ने जब इलेक्टोरल बॉन्ड खरीदे हैं, उसके बाद आगरा का 6779 करोड़ रुपये का जल जीवन मिशन का प्रोजेक्ट स्वीकृत हुआ है।
एनसीसी एपको को चार जिलों में मिला ठेका
मेघा इंजीनियरिंग को जहां आगरा ग्रामीण के गांवों में पानी पहुंचाने के लिए लाइन बिछाने का ठेका मिला तो एनसीसी एपको जॉइंट वेंचर कंपनी को न केवल आगरा बल्कि मथुरा, फिरोजाबाद और मैनपुरी में भी ठेका मिला है। एनसीसी एपको के पास फिरोजाबाद में 819 करोड़, आगरा में 1635 करोड़, मथुरा में 1704 करोड़ और 852 करोड़ के दो ठेके मिले हैं। इसी तरह मैनपुरी में भी एनसीसी को 1495 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट दिया गया है। यह सभी प्रोजेक्ट 2024-25 में पूरे किए जाने हैं। एनसीसी को इन चार जिलों में कुल 6505 करोड़ रुपये के ठेके दिए गए हैं।
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खेरागढ़ में मेघा इंजी. की लापरवाही से मरी बच्ची
बृहस्पतिवार को ऊंटगिरि गांव में मेघा इंजीनियरिंग की लापरवाही के कारण मकान गिर गया, जिसमें दबकर बच्ची की मौत हो गई। इस मामले में जलनिगम के अधिकारी और कंपनी के कर्मचारी समझौते की कोशिश में लगे रहे। परिवार के सदस्याें को आर्थिक मदद देने के लिए पूरे दिन बातचीत चलती रही, लेकिन मामला मुआवजे की रकम पर आकर अटक गया। ऐसे ही एक मामले में फतेहाबाद में हादसा होने पर संबंधित कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी, वहीं आगरा में तोता का ताल में हादसा होने पर भी ठेकेदार फर्म के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था।
8336 किमी लंबी बिछाई जानी है पाइपलाइन
इलेक्टोरल बॉन्ड की सूची में मेघा इंजीनियरिंग का नाम है, जिसे आगरा में 8336 किमी लंबी पानी की पाइपलाइन बिछानी है। इसे 417 ओवरहेड टैंक का निर्माण करना है और 2,96,833 घरों में नल से जल के लिए कनेक्शन देना है। अभी तक यह कंपनी 400 किमी लंबी पाइपलाइन ही बिछा पाई है, जबकि 1200 किमी के पाइप उसे मिल चुके हैं। यही हाल एनसीसी का है, जिसे मेन राइजिंग लाइन बिछाने का ठेका मिला है। वह 1905 किमी लंबी मेन राइजिंग लाइन बिछाएगी।
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6779 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट में मेघा इंजीनियरिंग और एनसीसी एपको शामिल हैं। एनसीसी का नाम भी चुनाव आयोग की इलेक्टोरल बॉन्ड खरीदने वाली सूची में शामिल है। इन दोनों कंपनियों ने जब इलेक्टोरल बॉन्ड खरीदे हैं, उसके बाद आगरा का 6779 करोड़ रुपये का जल जीवन मिशन का प्रोजेक्ट स्वीकृत हुआ है।
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एनसीसी एपको को चार जिलों में मिला ठेका
मेघा इंजीनियरिंग को जहां आगरा ग्रामीण के गांवों में पानी पहुंचाने के लिए लाइन बिछाने का ठेका मिला तो एनसीसी एपको जॉइंट वेंचर कंपनी को न केवल आगरा बल्कि मथुरा, फिरोजाबाद और मैनपुरी में भी ठेका मिला है। एनसीसी एपको के पास फिरोजाबाद में 819 करोड़, आगरा में 1635 करोड़, मथुरा में 1704 करोड़ और 852 करोड़ के दो ठेके मिले हैं। इसी तरह मैनपुरी में भी एनसीसी को 1495 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट दिया गया है। यह सभी प्रोजेक्ट 2024-25 में पूरे किए जाने हैं। एनसीसी को इन चार जिलों में कुल 6505 करोड़ रुपये के ठेके दिए गए हैं।
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खेरागढ़ में मेघा इंजी. की लापरवाही से मरी बच्ची
बृहस्पतिवार को ऊंटगिरि गांव में मेघा इंजीनियरिंग की लापरवाही के कारण मकान गिर गया, जिसमें दबकर बच्ची की मौत हो गई। इस मामले में जलनिगम के अधिकारी और कंपनी के कर्मचारी समझौते की कोशिश में लगे रहे। परिवार के सदस्याें को आर्थिक मदद देने के लिए पूरे दिन बातचीत चलती रही, लेकिन मामला मुआवजे की रकम पर आकर अटक गया। ऐसे ही एक मामले में फतेहाबाद में हादसा होने पर संबंधित कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी, वहीं आगरा में तोता का ताल में हादसा होने पर भी ठेकेदार फर्म के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था।
8336 किमी लंबी बिछाई जानी है पाइपलाइन
इलेक्टोरल बॉन्ड की सूची में मेघा इंजीनियरिंग का नाम है, जिसे आगरा में 8336 किमी लंबी पानी की पाइपलाइन बिछानी है। इसे 417 ओवरहेड टैंक का निर्माण करना है और 2,96,833 घरों में नल से जल के लिए कनेक्शन देना है। अभी तक यह कंपनी 400 किमी लंबी पाइपलाइन ही बिछा पाई है, जबकि 1200 किमी के पाइप उसे मिल चुके हैं। यही हाल एनसीसी का है, जिसे मेन राइजिंग लाइन बिछाने का ठेका मिला है। वह 1905 किमी लंबी मेन राइजिंग लाइन बिछाएगी।