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Agra News: री-नीट के बाद मेडिकल प्रवेश की तस्वीर साफ, कटऑफ 550 अंक रहने का अनुमान, री-नीट का पेपर रहा मध्यम स्तर का, जानिए रैंक के अनुसार कटऑफ और एडमिशन
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आगरा। री-नीट यूजी परीक्षा समाप्त होने के बाद अब अभ्यर्थियों और अभिभावकों की नजरें कटऑफ और काउंसलिंग प्रक्रिया पर टिक गई हैं। बलूनी क्लासेस एकेडमिक हेड विशेषज्ञ डॉ. ललितेश यादव बताते हैं कि इस वर्ष परीक्षा का स्तर मध्यम रहा, जिसके चलते सामान्य वर्ग की कटऑफ 550 अंकों तक जा सकती है। इस बार 720 में 720 अंक हासिल करना बेहद कठिन रहा है। 640 अंकों के आसपास स्कोर करने वाले छात्रों की ऑल इंडिया रैंक (AIR) लगभग 1000 तक पहुंच सकती है, जबकि 550 से 560 अंक पाने वाले छात्रों की रैंक करीब 30 हजार तक रहने का अनुमान है।
दो चरणों में होती है नीट काउंसलिंग
15 प्रतिशत ऑल इंडिया कोटा: इसके तहत देश के प्रमुख संस्थानों जैसे एम्स, पीजीआईएमईआर, जिपमर और एएफएमसी में प्रवेश मिलता है। सामान्य वर्ग में शीर्ष एम्स की सीटें आल इंडिया रैंक 50 के आसपास बंद हो जाती हैं, जबकि अन्य एम्स में अंतिम रैंक 300-400 तक जा सकती है।
85 प्रतिशत राज्य कोटा: इसके तहत विभिन्न राज्यों के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश मिलता है। कई राज्यों में कम अंकों पर भी सरकारी मेडिकल कॉलेज मिलने की संभावना रहती है। रैंक के अनुसार कॉलेज की संभावनाएं 1 से 1000 रैंक: आईएमएस-बीएचयू, केजीएमयू और मीडियम एम्स जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रवेश की संभावना। 1001 से 10,000 रैंक: नए एम्स और सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सीट मिलने के अवसर। 10,001 से 30,000 रैंक: राज्यों के नए सरकारी मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश की संभावना। 30,000 से अधिक रैंक: बेहतर रैंक के लिए ड्रॉप लेकर दोबारा तैयारी या अन्य बीडीएस, बीएएमएस, बीयूएमएस, बीएचएमएस मेडिकल कोर्स विकल्प हो सकते हैं।
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2026 कट ऑफ का ट्रेड ( अनुमानित-डॉ. ललितेश यादव)
सामान्य एवं ओबीसी वर्ग : इस बार इन दोनों श्रेणियों के लिए सुरक्षित स्कोर 545 ± 5 रहने का अनुमान है, जिसके तहत ऑल इंडिया रैंक लगभग 29,500 के आसपास सिमट सकती है। ईडब्ल्यूएस वर्ग : आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों के लिए 540 ± 5 अंक का स्कोर सुरक्षित माना जा रहा है, जिसमें संभावित रैंक लगभग 33,500 तक जा सकती है। अनुसूचित जाति : इस श्रेणी के लिए संभावित कट-ऑफ स्कोर 455 ± 5 रहने की उम्मीद है, जिसमें ऑल इंडिया रैंक करीब 1,45,000 के आसपास रह सकती है। अनुसूचित जनजाति (एसटी) वर्ग के छात्रों के लिए 435 ± 5 का स्कोर एक सेफ जोन हो सकता है, जहां रैंक लगभग 1,70,000 रहने का अनुमान है।
वर्ष 2025 का कट-ऑफ ट्रेंड
सामान्य वर्ग (: 525 अंक (रैंक 27,332) अन्य पिछड़ा वर्ग : 525 अंक (रैंक 27,330) आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग : 522 अंक (रैंक 30,862) अनुसूचित जाति: 438 अंक (रैंक 138,863) अनुसूचित जनजाति : 424 अंक (रैंक 164,804)।
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दो चरणों में होती है नीट काउंसलिंग
15 प्रतिशत ऑल इंडिया कोटा: इसके तहत देश के प्रमुख संस्थानों जैसे एम्स, पीजीआईएमईआर, जिपमर और एएफएमसी में प्रवेश मिलता है। सामान्य वर्ग में शीर्ष एम्स की सीटें आल इंडिया रैंक 50 के आसपास बंद हो जाती हैं, जबकि अन्य एम्स में अंतिम रैंक 300-400 तक जा सकती है।
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85 प्रतिशत राज्य कोटा: इसके तहत विभिन्न राज्यों के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश मिलता है। कई राज्यों में कम अंकों पर भी सरकारी मेडिकल कॉलेज मिलने की संभावना रहती है। रैंक के अनुसार कॉलेज की संभावनाएं 1 से 1000 रैंक: आईएमएस-बीएचयू, केजीएमयू और मीडियम एम्स जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रवेश की संभावना। 1001 से 10,000 रैंक: नए एम्स और सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सीट मिलने के अवसर। 10,001 से 30,000 रैंक: राज्यों के नए सरकारी मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश की संभावना। 30,000 से अधिक रैंक: बेहतर रैंक के लिए ड्रॉप लेकर दोबारा तैयारी या अन्य बीडीएस, बीएएमएस, बीयूएमएस, बीएचएमएस मेडिकल कोर्स विकल्प हो सकते हैं।
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2026 कट ऑफ का ट्रेड ( अनुमानित-डॉ. ललितेश यादव)
सामान्य एवं ओबीसी वर्ग : इस बार इन दोनों श्रेणियों के लिए सुरक्षित स्कोर 545 ± 5 रहने का अनुमान है, जिसके तहत ऑल इंडिया रैंक लगभग 29,500 के आसपास सिमट सकती है। ईडब्ल्यूएस वर्ग : आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों के लिए 540 ± 5 अंक का स्कोर सुरक्षित माना जा रहा है, जिसमें संभावित रैंक लगभग 33,500 तक जा सकती है। अनुसूचित जाति : इस श्रेणी के लिए संभावित कट-ऑफ स्कोर 455 ± 5 रहने की उम्मीद है, जिसमें ऑल इंडिया रैंक करीब 1,45,000 के आसपास रह सकती है। अनुसूचित जनजाति (एसटी) वर्ग के छात्रों के लिए 435 ± 5 का स्कोर एक सेफ जोन हो सकता है, जहां रैंक लगभग 1,70,000 रहने का अनुमान है।
वर्ष 2025 का कट-ऑफ ट्रेंड
सामान्य वर्ग (: 525 अंक (रैंक 27,332) अन्य पिछड़ा वर्ग : 525 अंक (रैंक 27,330) आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग : 522 अंक (रैंक 30,862) अनुसूचित जाति: 438 अंक (रैंक 138,863) अनुसूचित जनजाति : 424 अंक (रैंक 164,804)।