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श्मसान में नहीं होने दिया था महिला का अंतिम संस्कार, मायावती के ट्वीट के बाद मचा हड़कंप
Wed, 29 Jul 2020 11:51 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Wed, 29 Jul 2020 11:51 AM IST
सार
आठ दिन बीतने के बाद भी पुलिस ने नहीं की कोई कार्रवाई
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मृतका पूजा का फाइल फोटो और चिता से शव हटाते ग्रामीण
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
अछनेरा क्षेत्र के गांव रायभा में 20 जुलाई को जमीन के विवाद में कुछ लोगों ने नट परिवार की एक महिला का अंतिम संस्कार नहीं होने दिया। पुलिस ने भी विवाद कर रहे लोगों पर कार्रवाई के बजाय दूसरी जगह अंतिम संस्कार कराकर चुप्पी साध ली। मामले में बसपा सुप्रीमो मायावती ने घटना की निंदा करते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। इससे हड़कंप मचा हुआ है।
रायभा गांव की महिला पूजा की बीमारी से मौत हो गई थी। 20 जुलाई को परिवार के लोग उसका अंतिम संस्कार करने गांव के ही श्मशान स्थल पर पहुंचे। आरोप है कि तभी गांव के कुछ लोगों ने आकर जमीन पर आपत्ति जताते हुए अंतिम संस्कार नहीं करने दिया।
संबंधित खबर- श्मसान में नहीं होने दिया महिला का अंतिम संस्कार, पुलिस के कहने पर भी नहीं माने दबंग
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सूचना पर इलाकाई पुलिस भी पहुंची, लेकिन उसने आरोपियों के बजाय पीड़ित परिवार पर भी दबाव बनाया। इतना ही नहीं दूसरी जगह अंतिम संस्कार भी करवाया दिया। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो एसएसपी के निर्देश पर सीओ अछनेरा वीएस वीर कुमार के नेतृत्व में जांच कमेटी बनाई गई। पीड़ित परिवार की मानें तो कार्रवाई के नाम पर 25 लोगों को शांतिभंग में पाबंद कर खानापूर्ति कर दी गई।
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रायभा गांव की महिला पूजा की बीमारी से मौत हो गई थी। 20 जुलाई को परिवार के लोग उसका अंतिम संस्कार करने गांव के ही श्मशान स्थल पर पहुंचे। आरोप है कि तभी गांव के कुछ लोगों ने आकर जमीन पर आपत्ति जताते हुए अंतिम संस्कार नहीं करने दिया।
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सूचना पर इलाकाई पुलिस भी पहुंची, लेकिन उसने आरोपियों के बजाय पीड़ित परिवार पर भी दबाव बनाया। इतना ही नहीं दूसरी जगह अंतिम संस्कार भी करवाया दिया। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो एसएसपी के निर्देश पर सीओ अछनेरा वीएस वीर कुमार के नेतृत्व में जांच कमेटी बनाई गई। पीड़ित परिवार की मानें तो कार्रवाई के नाम पर 25 लोगों को शांतिभंग में पाबंद कर खानापूर्ति कर दी गई।
1. यू.पी. में आगरा के पास एक दलित महिला का शव वहाँ जातिवादी मानसिकता रखने वाले उच्च वर्गों के लोगों ने इसलिए चिता से हटा दिया, क्योंकि वह शमशान-घाट उच्च वर्गों का था, जो यह अति-शर्मनाक व अति-निन्दनीय भी है। 1/3
— Mayawati (@Mayawati) July 28, 2020
बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती।
- फोटो : amar ujala
पीड़ित परिवार नहीं चाहता है कार्रवाई: सीओ
मामले में वीएस वीर कुमार का कहना है कि जानकारी होने पर पुलिस टीम जांच के लिए गई थी। पर, पीड़ित परिवार खुद कार्रवाई नहीं चाहता है। इसके बाद भी गांव के आरोपियों को पाबंद किया गया है।
पीड़ित परिवार कुछ भी बोलने को राजी नहीं
रायभा गांव में महिला के समाज के लगभग 24 परिवार हैं। इसके अलावा दूसरी बिरादरी के लोगों की संख्या इससे काफी अधिक है। इस कारण से पीड़ित परिवार कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है।
मामले में वीएस वीर कुमार का कहना है कि जानकारी होने पर पुलिस टीम जांच के लिए गई थी। पर, पीड़ित परिवार खुद कार्रवाई नहीं चाहता है। इसके बाद भी गांव के आरोपियों को पाबंद किया गया है।
पीड़ित परिवार कुछ भी बोलने को राजी नहीं
रायभा गांव में महिला के समाज के लगभग 24 परिवार हैं। इसके अलावा दूसरी बिरादरी के लोगों की संख्या इससे काफी अधिक है। इस कारण से पीड़ित परिवार कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है।
2. इस जातिवादी घृणित मामले की यू.पी., सरकार द्वारा उच्च स्तरीय जाँच होनी चाहिये तथा दोषियों को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिये, ताकि प्रदेश में ऐसी घटना की फिर से पुनरावृति ना हो सके, बी.एस.पी की यह पुरजोर माँग है। 2/3
— Mayawati (@Mayawati) July 28, 2020