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माया की रैली होगी सभी नेताओं के लिए चुनौती

Mon, 22 Aug 2016 12:40 AM IST
नीरज शर्मा
नीरज शर्मा Updated Mon, 22 Aug 2016 12:40 AM IST
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Maya rally challenge for all leaders
बसपा की रैली में भीड़ - फोटो : अमर उजाला ब्‍यूूराो
भर दो इसे और मार लो मैदान... कोठी मीना बाजार के मैदान के बारे में यही कहा जाता है। जो नेता इस विशाल मैदान को खचाखच भर दे, उसकी रैली सफल करार दे दी जाती है। इस लिहाज से मायावती की रैली आने वाले चुनाव में सभी नेताओं के लिए चुनौती रहेगी। तमाम रैलियों की तुलना इसी की भीड़ से होगी। 2014 के चुनाव में इसी मैदान पर पहले मोदी की रैली हुई थी। आखिर में मायावती की। इस बार पहली रैली मायावती की हुई है। इसमें भीड़ भी जुटी है। यह सभी नेताओं के सामने चुनौती रहेगी।
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यह बसपा अध्यक्ष का पसंदीदा ही नहीं, लकी ग्राउंड भी कहा जाता है। वह ब्रज में चुनावी शंखनाद इसी मैदान से करती हैं। इस बार तो यूपी का चुनावी संग्राम जीतने के लिए रैलियों की शुरुआत यहीं से की है। चाहे 2014 का लोकसभा चुनाव हो या फिर 2012 और 2007 के विधान सभा चुनाव, मायावती की रैली इसी ग्राउंड पर हुई हैं।
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2014 के लोकसभा चुनाव में पहले भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी की रैली हुई थी और फिर बसपा अध्यक्ष मायावती की। दोनों की खूब तुलना हुई। बसपा और भाजपा नेताओं ने रिकार्ड तोड़ भीड़ के दावे किए। लेकिन चर्चा मोदी की रैली की ज्यादा हुई। अब 2017 के चुनाव के लिए पहली रैली मायावती ने की है। अगर प्रधानमंत्री मोदी फिर से इसी मैदान को चुनते हैं , तो तुलना होना लाजिमी है। इस मैदान पर पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी, सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव भी रैलियां हो चुकी हैं।
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बहनजी के वास्ते खाली कर दो रास्ते नारा पूरे शहर में गूंजता रहा। रैली रविवार की दोपहर को थी, लोग शनिवार की रात में ही आना शुरू हो गए। क्रीम कलर का सूट पहने मायावती दो बजे भाषण देकर सफेद नीले हेलीकाप्टर से वापस चली गईं।  लेकिन उन्हें सुनने के लिए लोगों के पहुंचने का सिलसिला दोपहर तीन बजे तक  चलता रहा। पुलिस सूत्रों ने बताया कि खुफिया पुलिस ने रैली में एक लाख की भीड़ होने की रिपोर्ट भेजी है। इसमें यह भी बताया गया है कि कुछ लोग मैदान के बाहर सड़कों पर थे।


आज भी होती है इन रैलियों की चर्चा
शहर की जिन सियासी रैलियों की अक्सर चर्चा होती है, उनमें राजबब्बर की रैली भी शामिल है। उन्होंने सपा छोड़कर जनमोर्चा नाम से पार्टी बनाई थी। रैली हुई थी तारघर के मैदान में। इसके अलावा 2014 के चुनाव में रालोद मुखिया चौधरी अजित सिंह ने कोठी मीना बाजार में संकल्प रैली की थी। यह भी हिट रही थी। इस चुनाव में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की रैली रामलीला मैदान पर हुई थी।
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