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मथुरा: सरकारी मदद में आड़े आ रहे राशन डीलर
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वृंदावन (मथुरा)। कोविड के चलते जहां लोगों का रोजगार ठप होने के कारण रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है, उस स्थिति में सरकार से मिल रही राशन की मदद को डीलर आम उपभोक्ता तक नहीं पहुंचने दे रहे हैं। वृंदावन के कैलाशनगर में लोग राशन के लिए मारे-मारे फिर रहे हैं। डीलर उपभोक्ताओं को भी राशन देने को तैयार नहीं हैं।
कोविड संक्रमण के इस दौर में एक बार फिर सरकार ने गरीबों के लिए राशन की व्यवस्था फ्री कर दी है। यह राशन जिला आपूर्ति विभाग के माध्यम से डीलरों द्वारा दिया जा रहा है। लेकिन वृंदावन के अधिकांश राशन डीलर सरकार के उद्देश्यों पर पानी फेर रहे हैं। कैलाश नगर के दर्जन भर से अधिक उपभोक्ताओं ने इसकी शिकायत जिला पूर्ति अधिकारी से की है।
डीलर कभी इंटरनेट नेटवर्क न मिलने तो कभी ई-पॉस मशीन के काम न करने का बहाना बनाने हुए उपभोक्ताओं को वापस कर देता है। राशन दुकानदार निर्धारित समय पर भी दुकान को नहीं खोलता है। इससे दुकान पर भीड़ का दबाव बन जाता है। इसके कारण सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हो पा रहा है। राशन वितरण में टाल-मटोल नीति के कारण हर वक्त लोगों की भीड़ बन रही है। शिकायतकर्ता राजेश कुमार, कुशल कुमार आदि ने जिला पूर्ति अधिकारी से निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए डीलर के खिलाफ कार्यवाही की मांग की है।
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यह स्थिति वृंदावन की अधिकांश सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों की है। राशन वितरण में घटतौली, समय से दुकान न खुलना और वितरण में परेशान करना आम बात हो गई है।
जिला पूर्ति अधिकारी राघवेंद्र सिंह ने बताया कि इस तरह के मामलों की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
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कोविड संक्रमण के इस दौर में एक बार फिर सरकार ने गरीबों के लिए राशन की व्यवस्था फ्री कर दी है। यह राशन जिला आपूर्ति विभाग के माध्यम से डीलरों द्वारा दिया जा रहा है। लेकिन वृंदावन के अधिकांश राशन डीलर सरकार के उद्देश्यों पर पानी फेर रहे हैं। कैलाश नगर के दर्जन भर से अधिक उपभोक्ताओं ने इसकी शिकायत जिला पूर्ति अधिकारी से की है।
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डीलर कभी इंटरनेट नेटवर्क न मिलने तो कभी ई-पॉस मशीन के काम न करने का बहाना बनाने हुए उपभोक्ताओं को वापस कर देता है। राशन दुकानदार निर्धारित समय पर भी दुकान को नहीं खोलता है। इससे दुकान पर भीड़ का दबाव बन जाता है। इसके कारण सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हो पा रहा है। राशन वितरण में टाल-मटोल नीति के कारण हर वक्त लोगों की भीड़ बन रही है। शिकायतकर्ता राजेश कुमार, कुशल कुमार आदि ने जिला पूर्ति अधिकारी से निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए डीलर के खिलाफ कार्यवाही की मांग की है।
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यह स्थिति वृंदावन की अधिकांश सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों की है। राशन वितरण में घटतौली, समय से दुकान न खुलना और वितरण में परेशान करना आम बात हो गई है।
जिला पूर्ति अधिकारी राघवेंद्र सिंह ने बताया कि इस तरह के मामलों की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।