{"_id":"60eef8858ebc3e9cdd156b9a","slug":"mathura-not-afraid-of-third-wave-negligence-in-kanha-s-city-is-at-its-peak-vrindavan-news-agr49977023","type":"story","status":"publish","title_hn":"मथुरा: तीसरे लहर से नहीं डर, कान्हा की नगरी में लापरवाही चरम पर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मथुरा: तीसरे लहर से नहीं डर, कान्हा की नगरी में लापरवाही चरम पर
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वृंदावन (मथुरा)। कोरोना की तीसरी लहर को लेकर कई दिनों से चेतावनी जारी की जा रही है। यहां तक कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोगों से सतर्क रहने का आह्वान कर रहे हैं। इससे निपटने की तैयारी भी शुरू कर दी है, लेकिन तीसरी लहर के खतरे को नजरअंदाज कर कान्हा के भक्त पूरी तरह से बेपरवाह हैं। मास्क लगाना तो छोड़ ही दिया है। कोरोना गाइडलाइन का मखौल उड़ाया जा रहा है।
श्रीबांकेबिहारी की नगरी वृंदावन में दर्शन को आ रहे भक्त कोरोना को लेकर पूरी तरह से बेपरवाह बने हुए हैं। बुधवार को श्रीबांकेबिहारी मंदिर के आसपास बहुत कम लोगों के चेहरे पर मास्क नजर आया। अधिकांश लोग बगैर मास्क के ही बिहारीजी के दर्शन के लिए वृंदावन पहुंचे। इसके अलावा उन्होंने दो गज की दूरी का पालन करना भी जरूरी नहीं समझा।
दर्शनार्थियों की लाइन और मंदिर में उमड़ रही भीड़ नियमों की धज्जियां उड़ाती दिखाई दी। दूसरी लहर को बहुत जल्द कान्हा के भक्तों ने भुला दिया है। जानकारों का कहना है कि यही हाल रहा तो वृंदावन को तीसरी लहर से बचाना मुश्किल हो जाएगा। स्थानीय दुकानदार भी सतर्कता नहीं बरत रहे हैं।
विज्ञापन
मंदिर में 50 की अनुमति
श्रीबांकेबिहारी मंदिर में 50 भक्तों की एक साथ दर्शन की अनुमति प्रशासन ने दी है, लेकिन अब यह सीमा टूट चुकी है। एक साथ इससे कहीं अधिक भक्त दर्शन करते हुए देखे जा सकते हैं। ऐसे में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन संभव नहीं है।
बिहारीजी और प्रेम मंदिर में भीड़ का दबाव अधिक
इन दिनों दर्शनार्थियों की भीड़ का दबाव बिहारीजी और प्रेम मंदिर में अधिक है। अधिकांश भक्त इन दोनों मंदिरों के दर्शन को पहुंच रहे हैं। इनके अलावा निधिवन भी बड़ी संख्या में भक्तों की मौजूदगी रहती है। शनिवार और रविवार यह भीड़ आम दिनों से कई गुना अधिक हो जाती है।
कोविड को लेकर बिहारीजी के भक्तों को निरंतर जागरूक किया जा रहा है। भक्तों से सोशल डिस्टेंसिंग व मास्क लगाने की अपील माइक द्वारा की जा रही है।
- मनीष शर्मा, मंदिर प्रबंधक, श्रीबांकेबिहारी मंदिर, वृंदावन।
विज्ञापन
श्रीबांकेबिहारी की नगरी वृंदावन में दर्शन को आ रहे भक्त कोरोना को लेकर पूरी तरह से बेपरवाह बने हुए हैं। बुधवार को श्रीबांकेबिहारी मंदिर के आसपास बहुत कम लोगों के चेहरे पर मास्क नजर आया। अधिकांश लोग बगैर मास्क के ही बिहारीजी के दर्शन के लिए वृंदावन पहुंचे। इसके अलावा उन्होंने दो गज की दूरी का पालन करना भी जरूरी नहीं समझा।
विज्ञापन
दर्शनार्थियों की लाइन और मंदिर में उमड़ रही भीड़ नियमों की धज्जियां उड़ाती दिखाई दी। दूसरी लहर को बहुत जल्द कान्हा के भक्तों ने भुला दिया है। जानकारों का कहना है कि यही हाल रहा तो वृंदावन को तीसरी लहर से बचाना मुश्किल हो जाएगा। स्थानीय दुकानदार भी सतर्कता नहीं बरत रहे हैं।
विज्ञापन
मंदिर में 50 की अनुमति
श्रीबांकेबिहारी मंदिर में 50 भक्तों की एक साथ दर्शन की अनुमति प्रशासन ने दी है, लेकिन अब यह सीमा टूट चुकी है। एक साथ इससे कहीं अधिक भक्त दर्शन करते हुए देखे जा सकते हैं। ऐसे में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन संभव नहीं है।
बिहारीजी और प्रेम मंदिर में भीड़ का दबाव अधिक
इन दिनों दर्शनार्थियों की भीड़ का दबाव बिहारीजी और प्रेम मंदिर में अधिक है। अधिकांश भक्त इन दोनों मंदिरों के दर्शन को पहुंच रहे हैं। इनके अलावा निधिवन भी बड़ी संख्या में भक्तों की मौजूदगी रहती है। शनिवार और रविवार यह भीड़ आम दिनों से कई गुना अधिक हो जाती है।
कोविड को लेकर बिहारीजी के भक्तों को निरंतर जागरूक किया जा रहा है। भक्तों से सोशल डिस्टेंसिंग व मास्क लगाने की अपील माइक द्वारा की जा रही है।
- मनीष शर्मा, मंदिर प्रबंधक, श्रीबांकेबिहारी मंदिर, वृंदावन।