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1990 से चल रही कार्रवाई, आज कैबिनेट बैठक में मिल सकता है मथुरा को तोहफा

Mon, 01 May 2017 10:37 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला मथुरा
ब्यूरो/ अमर उजाला मथुरा Updated Mon, 01 May 2017 10:37 PM IST
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mathura may got a gift in cabinate meeting of up government
मथुरा में श्रीकृष्‍ण जन्मस्‍थान
योगी सरकार आज मथुरा को तोहफा दे सकती है। इसकी कार्रवाई 1990 से चल रही है लेकिन आज तक मथुरावासी इंतजार में हैं। मंत्रिमंडल की दो मई को प्रस्तावित कैबिनेट बैठक में मथुरा-वृंदावन नगर निगम पर फैसला होने की उम्मीद है। डीएम के स्तर से भेजे गए नगर निगम के प्रस्ताव में खामियां सामने आने के बाद एक बार फिर शासन के स्तर से सोमवार को प्रस्ताव में सुधार कराया गया। इसे देर शाम लखनऊ भेज दिया गया।
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योगी आदित्यनाथ सरकार ने 10 दिन पहले ही मथुरा-वृंदावन को नगर निगम बनाए जाने की इच्छा जाहिर की थी। इसका प्रस्ताव डीएम के स्तर से शासन को भेजा गया लेकिन इसके परीक्षण के दौरान 1990 में हुए मथुरा पालिका के सीमा विस्तार का गजट संलग्न नहीं मिला। इसे नगर विकास मंत्रालय ने मथुरा डीएम से सोमवार को तत्काल मांगा। अचानक आए इस फरमान पर अमल करते हुए सिटी मजिस्ट्रेट रामअरज यादव और ईओ डा. ब्रजेश कुमार ने रिकार्ड जुटाया और प्रस्ताव सोमवार को ही देर शाम शासन को भेज दिया। संभावना जताई जा रही है कि मंगलवार को प्रस्तावित योगी सरकार की कैबिनेट बैठक में नगर निगम पर फैसला हो सकता है। 
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मथुरा की जनता इसकी उम्मीद पिछले कई वर्षों से लगा रही है। यहां तक कि शासन स्तर पर इसके प्रस्ताव पहले भी कई बार मांगे गए हैं, लेकिन स्थानीय राजनीति मथुरा को नगर निगम नहीं बनने देती है। 
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निगम के विरोध में विधवा महिलाओं ने किया प्रदर्शन

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वृंदावन के रंगजी मंदिर क्षेत्र में प्रदर्शन किया - फोटो : अमर उजाला
मथुरा-वृंदावन को मिलाकर नगर निगम बनाए जाने के प्रस्ताव का विरोध थम नहीं रहा। सोमवार को विधवा, निराश्रित महिलाओं ने नगर निगम के विरोध में वृंदावन के रंगजी मंदिर क्षेत्र में प्रदर्शन किया। कांग्रेस ने भी नगर निगम बनाने पर विरोध जताया।

सावित्री दासी, मालती दासी, कमलाबाई, कुसुमलता का कहना था कि वृंदावन की पहचान को मिटाने का प्रयास किया जा रहा है। वृंदावन देवी दासी, सीता दासी, अमृता देवी, जमुना देवी ने कहा कि वृंदावन के नगर निगम में शामिल होने से यहां की प्राचीन संस्कृति, भक्तिपूर्ण वातावरण को ठेस पहुंचेगी। शंभूचरण पाठक, नारायण बौहरे, गोविंद शर्मा, नवीन टैंटीवाला, मोहन सोनी, भरत गौतम आदि भी उपस्थित रहे।

नगर कांग्रेस कमेटी की बैठक में भी नगर निगम बनाए जाने का विरोध किया गया। पूर्व नगर अध्यक्ष शशिकांत सारस्वत के निवास पर बैठक में जिला सचिव चंद्र मोहन जायसवाल ने कहा कि वृंदावन को प्रथम श्रेणी की नगर पालिका बनाया जाए। श्रीकांत बौहरे, ठाकुर लीलाधर सिंह, संग्राम सिंह, श्यामलाल शर्मा, गोविंदपद गोस्वामी, फरीद कुरैशी, हनुमान प्रसाद शुक्ला आदि उपस्थित रहे।

ब्रजवासी पंडा सभा की बैठक में वृंदावन को नगर निगम में शामिल किए जाने का विरोध जताया गया। अध्यक्ष नंदकुमार पाठक ने कहा कि निगम में वृंदावन का शामिल होना ब्रजवासियों के लिए कष्टदायक होगा। मुरारी थोकदार, रामनारायण ब्रजवासी, गिरधारी ब्रजवासी, सुरेशचंद्र शुक्ला, मौनीशुक्ला, गोविंद पचौरी, कन्हैया थोकदार, महेश भारद्वाज आदि उपस्थित रहे।
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